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कोरोना संक्रमितों की संख्या के साथ ही लापरवाही भी बढ़ी
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पूरनपुर। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी बढ़ने लगी है। प्रवासी मजदूरों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि के 20 घंटे बाद दोनों युवकों को जिला मुख्यालय ले जाया गया। घंटों दोनों युवक घरों में कैद रहे। कोराना पॉजिटिव की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग दहशत में रहे। मोहल्ला रजागंज की गली के अलावा गोविंदपुर गांव को सील कर दिया गया है।
जनपद में कोरोना की दस्तक होने के बाद दो मरीज मिले थे। उस समय बहुत सावधानी बरती गई थी। बाहर से आए लोगों को शेल्टर होम में रखा गया था। कोई संक्रमित मिला भी तो तुरंत उसका सैंपल लिया गया। सैंपलिंग के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे आइसोलेशन वार्ड या शेल्टर होम में रखा गया। लॉकडाउन का भी सख्ती से पालन कराया गया। मगर, इधर, कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद सावधानियों को दर किनार किया जाने लगा है। अब मरीज मिलने के बाद भी उसे सैंपलिंग के लिए भेजने का इंतजार किया जाता है। शेल्टर होम या आइसोलेशन में न रखकर घरों में होम क्वारंटीन कर दिया जाता है। मोहल्ला रजागंज और गांव गोविंदपुर में दो युवकों के कोराना पॉजिटिव होने की पुष्टि बुधवार शाम को ही हो गई थी। बुधवार शाम तक इन्हें घरों से उठाने के प्रयास शुरू नहीं हुए। बृहस्पतिवार सुबह संक्रमितों को ले जाने के लिए एंबुलेंस आई। तब अपराह्न तीन बजे दोनों को रवाना किया गया। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि गोविंदपुर गांव और मोहल्ला रजागंज की गली को सील करा दिया गया है।
संक्रमित और उसके संपर्क में आए लोगों को घरों से ले जाने के लिए अलग एंबुलेंस है। एंबुलेंस कम होने और मरीजों की संख्या बढ़ने से उन्हें समय से ले जाने की समस्या हो रही है। दोनों संक्रमितों के संपर्क में आने वाले छह लोगों को सैंपल के लिए मुख्यालय भेजा गया है। -डॉ. सीपी सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी
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जनपद में कोरोना की दस्तक होने के बाद दो मरीज मिले थे। उस समय बहुत सावधानी बरती गई थी। बाहर से आए लोगों को शेल्टर होम में रखा गया था। कोई संक्रमित मिला भी तो तुरंत उसका सैंपल लिया गया। सैंपलिंग के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे आइसोलेशन वार्ड या शेल्टर होम में रखा गया। लॉकडाउन का भी सख्ती से पालन कराया गया। मगर, इधर, कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद सावधानियों को दर किनार किया जाने लगा है। अब मरीज मिलने के बाद भी उसे सैंपलिंग के लिए भेजने का इंतजार किया जाता है। शेल्टर होम या आइसोलेशन में न रखकर घरों में होम क्वारंटीन कर दिया जाता है। मोहल्ला रजागंज और गांव गोविंदपुर में दो युवकों के कोराना पॉजिटिव होने की पुष्टि बुधवार शाम को ही हो गई थी। बुधवार शाम तक इन्हें घरों से उठाने के प्रयास शुरू नहीं हुए। बृहस्पतिवार सुबह संक्रमितों को ले जाने के लिए एंबुलेंस आई। तब अपराह्न तीन बजे दोनों को रवाना किया गया। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि गोविंदपुर गांव और मोहल्ला रजागंज की गली को सील करा दिया गया है।
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संक्रमित और उसके संपर्क में आए लोगों को घरों से ले जाने के लिए अलग एंबुलेंस है। एंबुलेंस कम होने और मरीजों की संख्या बढ़ने से उन्हें समय से ले जाने की समस्या हो रही है। दोनों संक्रमितों के संपर्क में आने वाले छह लोगों को सैंपल के लिए मुख्यालय भेजा गया है। -डॉ. सीपी सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी
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