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बीत गए छह दिन ...कोरोना से मौत के बाद महिला का शव नहीं दे रहा कोविड अस्पताल
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पीलीभीत। गजरौला क्षेत्र की एक महिला की बरेली के कोविड अस्पताल में 15 अगस्त को कोरोना से मौत हो गई। अब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका है। पति ने अस्पताल के डॉक्टरों पर अभद्रता और मारपीट कर शव न देने का आरोप लगाया है। इसकी मुख्यमंत्री कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत भी की गई है। इसके बाद अस्पताल पति को महिला का शव देने के लिए तैयार हो गया। वहीं अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पति ने उसका शव लाने से इनकार कर दिया है।
शिकायत के मुताबिक गजरौला क्षेत्र के बिठौरा कला गांव निवासी एक महिला को लकवा हो गया था। पति 13 अगस्त को उसे बरेली के एक निजी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए ले गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज करने से पहले महिला की कोरोना की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव आने पर डॉक्टरों ने उसे वहीं कोरोना का इलाज शुरू कर दिया। पति का आरोप है कि जब उसने कोरोना जांच की रिपोर्ट दिखाने को कहा तो डॉक्टरों ने पुलिस और अन्य लोगों को बुलाकर उसे पीटा। फिर 15 अगस्त को महिला की कोविड अस्पताल में ही मौत हो गई। बरेली के स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला के पति को फोन पर मौत की सूचना दी। पति उसका शव लेने के लिए बरेली कोविड अस्पताल पहुंचा। पति का आरोप है कि वहां डॉक्टरों ने उसे शव देने से मना कर दिया। उसके साथ अस्पताल के डॉक्टरों ने मारपीट की और वहां से भगा दिया। जब उसने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की तो 17 अगस्त को पुलिस ने उसके घर पहुंचकर बरेली से पत्नी का शव ले जाने को कहा।
सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने भी पति से शव लाने के लिए कहा। सीएमओ का कहना है कि पति ने अपनी पत्नी का शव कोविड अस्पताल से लाने से मना कर दिया है। इसके बाद भी कई बार फोन करके समझाया गया, मगर वह तैयार नहीं हुआ और इसी कारण छह दिन के बाद भी उसका अंतिम संस्कार नहीं हो सका। सीएमओ ने बताया कि जानकारी प्रशासनिक अफसरों को दे दी गई है। बरेली कोविड अस्पताल में महिला का शव रखे होने से वहां के स्वास्थ्य कर्मी भी परेशान हैं।
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अस्पताल प्रबंधन बोला-लिखकर तो दिया, मगर ले नहीं गया शव
महिला का शव अस्पताल में छह दिन बाद भी रखे होने के मामले में अस्पताल प्रबंधन ने मीडिया को पत्र जारी करके कहा है कि महिला के पति ने मृत्यु प्रमाण पत्र में यह लिखकर दे दिया कि शव प्राप्त किया, मगर अब तक वह शव ले गया। पुलिस द्वारा भी इसकी सूचना पति को कई बार कराई गई है, मगर वह लेने नहीं आया। इसी वजह से शव अब भी अस्पताल में रखा है।
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शिकायत के मुताबिक गजरौला क्षेत्र के बिठौरा कला गांव निवासी एक महिला को लकवा हो गया था। पति 13 अगस्त को उसे बरेली के एक निजी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए ले गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज करने से पहले महिला की कोरोना की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव आने पर डॉक्टरों ने उसे वहीं कोरोना का इलाज शुरू कर दिया। पति का आरोप है कि जब उसने कोरोना जांच की रिपोर्ट दिखाने को कहा तो डॉक्टरों ने पुलिस और अन्य लोगों को बुलाकर उसे पीटा। फिर 15 अगस्त को महिला की कोविड अस्पताल में ही मौत हो गई। बरेली के स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला के पति को फोन पर मौत की सूचना दी। पति उसका शव लेने के लिए बरेली कोविड अस्पताल पहुंचा। पति का आरोप है कि वहां डॉक्टरों ने उसे शव देने से मना कर दिया। उसके साथ अस्पताल के डॉक्टरों ने मारपीट की और वहां से भगा दिया। जब उसने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की तो 17 अगस्त को पुलिस ने उसके घर पहुंचकर बरेली से पत्नी का शव ले जाने को कहा।
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सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने भी पति से शव लाने के लिए कहा। सीएमओ का कहना है कि पति ने अपनी पत्नी का शव कोविड अस्पताल से लाने से मना कर दिया है। इसके बाद भी कई बार फोन करके समझाया गया, मगर वह तैयार नहीं हुआ और इसी कारण छह दिन के बाद भी उसका अंतिम संस्कार नहीं हो सका। सीएमओ ने बताया कि जानकारी प्रशासनिक अफसरों को दे दी गई है। बरेली कोविड अस्पताल में महिला का शव रखे होने से वहां के स्वास्थ्य कर्मी भी परेशान हैं।
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अस्पताल प्रबंधन बोला-लिखकर तो दिया, मगर ले नहीं गया शव
महिला का शव अस्पताल में छह दिन बाद भी रखे होने के मामले में अस्पताल प्रबंधन ने मीडिया को पत्र जारी करके कहा है कि महिला के पति ने मृत्यु प्रमाण पत्र में यह लिखकर दे दिया कि शव प्राप्त किया, मगर अब तक वह शव ले गया। पुलिस द्वारा भी इसकी सूचना पति को कई बार कराई गई है, मगर वह लेने नहीं आया। इसी वजह से शव अब भी अस्पताल में रखा है।