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तीन और कोरोना संक्रमित ठीक हुए, अस्पताल से छुट्टी
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पीलीभीत। जनपद में कोरोना संक्रमण की चपेट में आए मरीजों के स्वस्थ होने का आकंडा भी तेजी से बढ़ने लगा है। जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।
सोमवार देर रात 103 मरीजों की आई जांच रिपोर्ट में तीन कोरोना संक्रमितों की रिपोर्ट निगेटिव आई। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया। अब जनपद में 37 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर अपने घरों को पहुंच चुके हैं। अब कोरोना एक्टिव केसों की संख्या नौ रह गई है।
सलीम 11 वें दिन हो गया डिस्चार्ज
माधोटांडा क्षेत्र के सुखदासपुर नवदिया निवासी 18 वर्षीय सैम पुत्र मोहम्मद सलीम मुंबई में सिलाई का काम करता था। वह 18 मई की सुबह पूरनपुर क्षेत्र के 41 अन्य प्रवासी श्रमिकों के साथ मुंबई से लौटा था। उन्नाव तक ट्रेन से आया। फिर बस से पूरनपुर पहुंचा था। 19 मई को स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेकर उसे गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन किया था। दो दिन रहने के बाद उसे होम क्वारंटीन कर दिया गया था। 22 मई की रात आई जांच रिपोर्ट में उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। 23 मई को उसे आयुर्वेदिक कॉलेज में बने कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वस्थ होने के बाद उसे 11वें दिन ही छुट्टी दे दी गई।
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हरियाणा से आया था देव कुमार
न्यूरिया क्षेत्र की माला कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय देव कुमार 14 मई को हरियाणा से अपने चार साथियों के साथ लौटे थे। वे वहां फैक्ट्री में सिलाई का काम करते थे। इसी कॉलोनी में 22 वर्षीय रंजन बारोई भी 18 मई को हरियाणा से ही कार से आए थे। उसमें सात लोग थे। रंजन बारोई भी एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करते थे। स्वास्थ्य विभाग ने देव कुमार और रंजन बारोई की 19 मई को सैंपलिंग कराई थी। 22 मई की रात आई जांच रिपोर्ट में देव कुमार और 23 मई की सुबह आई जांच रिपोर्ट में रंजन बारोई में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने 23 मई की सुबह ही उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया। 10 दिनों तक कोविड अस्पताल में उपचार करने के बाद उन्हें मंगलवार दोपहर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डिस्चार्ज करने से पहले डॉ. मंजीत सिंह ने सबसे सात दिनों तक होम क्वारंटीन रहने को कहा है। कोरोना से जंग जीतने वाले युवकों ने घर लौटते वक्त कोविड अस्पताल में ड्यूटी करने वाले डॉ. मुनीश कुमार, डॉ. मोहम्मद आजम, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. कमलेश, अकविंदर कौर, प्रीति समेत पूरे स्टाफ का आभार जताया।
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सोमवार देर रात 103 मरीजों की आई जांच रिपोर्ट में तीन कोरोना संक्रमितों की रिपोर्ट निगेटिव आई। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया। अब जनपद में 37 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर अपने घरों को पहुंच चुके हैं। अब कोरोना एक्टिव केसों की संख्या नौ रह गई है।
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सलीम 11 वें दिन हो गया डिस्चार्ज
माधोटांडा क्षेत्र के सुखदासपुर नवदिया निवासी 18 वर्षीय सैम पुत्र मोहम्मद सलीम मुंबई में सिलाई का काम करता था। वह 18 मई की सुबह पूरनपुर क्षेत्र के 41 अन्य प्रवासी श्रमिकों के साथ मुंबई से लौटा था। उन्नाव तक ट्रेन से आया। फिर बस से पूरनपुर पहुंचा था। 19 मई को स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेकर उसे गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन किया था। दो दिन रहने के बाद उसे होम क्वारंटीन कर दिया गया था। 22 मई की रात आई जांच रिपोर्ट में उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। 23 मई को उसे आयुर्वेदिक कॉलेज में बने कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वस्थ होने के बाद उसे 11वें दिन ही छुट्टी दे दी गई।
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हरियाणा से आया था देव कुमार
न्यूरिया क्षेत्र की माला कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय देव कुमार 14 मई को हरियाणा से अपने चार साथियों के साथ लौटे थे। वे वहां फैक्ट्री में सिलाई का काम करते थे। इसी कॉलोनी में 22 वर्षीय रंजन बारोई भी 18 मई को हरियाणा से ही कार से आए थे। उसमें सात लोग थे। रंजन बारोई भी एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करते थे। स्वास्थ्य विभाग ने देव कुमार और रंजन बारोई की 19 मई को सैंपलिंग कराई थी। 22 मई की रात आई जांच रिपोर्ट में देव कुमार और 23 मई की सुबह आई जांच रिपोर्ट में रंजन बारोई में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने 23 मई की सुबह ही उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया। 10 दिनों तक कोविड अस्पताल में उपचार करने के बाद उन्हें मंगलवार दोपहर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डिस्चार्ज करने से पहले डॉ. मंजीत सिंह ने सबसे सात दिनों तक होम क्वारंटीन रहने को कहा है। कोरोना से जंग जीतने वाले युवकों ने घर लौटते वक्त कोविड अस्पताल में ड्यूटी करने वाले डॉ. मुनीश कुमार, डॉ. मोहम्मद आजम, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. कमलेश, अकविंदर कौर, प्रीति समेत पूरे स्टाफ का आभार जताया।