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कोरोना से जंग जीतकर घर लौटे तो बढ़ गईं ईद की खुशियां
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पीलीभीत। लॉकडाउन ने ईद के त्योहार की खुशी भले ही फीकी कर दी हो, मगर जिन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान कोरोना से जंग जीत ली और वह घर पहुंच गए, उनके परिवारों में ईद की खुशी दो गुनी हो गई। ईद से ठीक पहले घर पहुंचने से कोरोना संक्रमितों के परिवारों में खुशी थी, मगर आसपास रहने वाले ग्रामीण उनके आने के बाद डरे से दिखे।
बीसलपुर। दौलतपुरा हीरा गांव निवासी मोहम्मद उमर दिल्ली से 15 मई को वापस आया था। वह दिल्ली में मजदूरी करता था। 17 मई को कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आने के बाद उसे बरेली के कोविड में भर्ती कराया गया। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे, भाई और अन्य सात लोग भी सैंपलिंग के बाद सेंटर में क्वारंटीन थे। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद परिवार के सदस्यों को तो होम क्वारंटीन कर दिया गया था। गांव भी सील था। मगर, छह दिन बाद मोहम्मद उमर की रिपोर्ट निगेटिव आई तो स्वास्थ्य विभाग ने ईद के त्योहार पर उसे घर भेजने का फैसला लिया। मोहम्मद उमर जब घर पहुंचा तो परिवार में ईद की खुशियां दोगुनी हो गईं। उसने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ का शुक्रिया अदा किया और उन्हें ईद की मुबारकबाद दी। डॉक्टरों ने घर पहुंचने के बाद उसे 14 दिनों तक एकांत में रहने की सलाह दी है। उसके गांव में पहुंचते ही पत्नी और बच्चे खुश थे। मगर, गांव वाले दहशत में आ गए। उमर के परिवार वालों को कहना था कि इस ईद के त्यौहार पर उमर के घर आने से खुशियां दोगुनी हो गई हैं। अब अल्लाह ताला से यही दुआ करते हैं कि कोरोना से सब ठीक होकर घर लौटें।
कोरोना संक्रमित की रिपोर्ट निगेटिव आई, घर पहुंचा हरिओम
माधोटांडा। मुंबई से 11 अन्य लोगों के साथ घर वापस लौटे संडई गांव के हरिओम की जांच रिपोर्ट में 12 मई को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें बरेली के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उसका उपचार चल रहा था। कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सोमवार को उसे एंबुलेंस से घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 14 दिन तक उसे होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी। युवक के घर वापस आने के बाद उसके परिवार में भी खुशी का माहौल है। हरिओम आठ मई को क्षेत्र के शाहगढ़, रानीगंज और प्रसादपुर के 11 अन्य साथियों के साथ मुंबई से घर आया था। स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से 10 लोगों का सैंपल लेकर माधोटांडा सीएचसी में क्वारंटीन करा दिया था। 13 मई को आई जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। 12 दिन तक वह कोविड अस्पताल में रहा। दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे सोमवार को देर शाम एंबुलेंस से उसे घर भेज दिया गया। उसके वापस आने से ग्रामीणों में दहशत है।
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बीसलपुर। दौलतपुरा हीरा गांव निवासी मोहम्मद उमर दिल्ली से 15 मई को वापस आया था। वह दिल्ली में मजदूरी करता था। 17 मई को कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आने के बाद उसे बरेली के कोविड में भर्ती कराया गया। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे, भाई और अन्य सात लोग भी सैंपलिंग के बाद सेंटर में क्वारंटीन थे। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद परिवार के सदस्यों को तो होम क्वारंटीन कर दिया गया था। गांव भी सील था। मगर, छह दिन बाद मोहम्मद उमर की रिपोर्ट निगेटिव आई तो स्वास्थ्य विभाग ने ईद के त्योहार पर उसे घर भेजने का फैसला लिया। मोहम्मद उमर जब घर पहुंचा तो परिवार में ईद की खुशियां दोगुनी हो गईं। उसने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ का शुक्रिया अदा किया और उन्हें ईद की मुबारकबाद दी। डॉक्टरों ने घर पहुंचने के बाद उसे 14 दिनों तक एकांत में रहने की सलाह दी है। उसके गांव में पहुंचते ही पत्नी और बच्चे खुश थे। मगर, गांव वाले दहशत में आ गए। उमर के परिवार वालों को कहना था कि इस ईद के त्यौहार पर उमर के घर आने से खुशियां दोगुनी हो गई हैं। अब अल्लाह ताला से यही दुआ करते हैं कि कोरोना से सब ठीक होकर घर लौटें।
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कोरोना संक्रमित की रिपोर्ट निगेटिव आई, घर पहुंचा हरिओम
माधोटांडा। मुंबई से 11 अन्य लोगों के साथ घर वापस लौटे संडई गांव के हरिओम की जांच रिपोर्ट में 12 मई को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें बरेली के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उसका उपचार चल रहा था। कोरोना की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सोमवार को उसे एंबुलेंस से घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 14 दिन तक उसे होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी। युवक के घर वापस आने के बाद उसके परिवार में भी खुशी का माहौल है। हरिओम आठ मई को क्षेत्र के शाहगढ़, रानीगंज और प्रसादपुर के 11 अन्य साथियों के साथ मुंबई से घर आया था। स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से 10 लोगों का सैंपल लेकर माधोटांडा सीएचसी में क्वारंटीन करा दिया था। 13 मई को आई जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। 12 दिन तक वह कोविड अस्पताल में रहा। दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे सोमवार को देर शाम एंबुलेंस से उसे घर भेज दिया गया। उसके वापस आने से ग्रामीणों में दहशत है।
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