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कोरोना के डर से अदालतों में होगा सिर्फ जरूरी काम, 21 मार्च तक नहीं होगी नियमित मामलों की सुनवाई
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पीलीभीत। कोरोना का डर अदालतों में भी साफ दिखने लगा है। हाईकोर्ट के आदेश पर 21 मार्च तक अदालतों में सिर्फ जमानत अर्जी पर सुनवाई जैसे जरूरी काम ही होंगे। नियमित मामलों की सुनवाई नहीं होगी। वादकारियों के न आने पर उनके खिलाफ कोई आदेश नहीं होगा। वहीं मंगलवार को जजी परिसर में ब्लीचिंग का कार्य हुआ। बुधवार को सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। जिला जज महताब अहमद ने अपर जिला जज अभिषेक पांडेय को कोरोना वायरस से निपटने के लिए नोडल अधिकारी बनाया है।
देशभर में कोरोना का डर बढ़ते देख दो दिन पहले सर्वोच्च अदालतों ने आवश्यक न होने पर वादकारियों के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही थी। सोमवार शाम इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी 21 मार्च तक अदालतों में सिर्फ अर्जेंट मामलों की सुनवाई का आदेश दिया। अन्य मामलों में अगली तारीखें दे दी जाएंगी, वादकारियों को अदालतों में आने की कोई जरूरत नहीं है। उनके अधिवक्ता ही तारीखें पता कर वादकारियों को बता देंगे। हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जिला मजिस्ट्रेट, सीएमओ आदि जजी परिसर में कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक उपाय करेंगे। इसमें कोई कोताही नहीं होगी। हाईकोर्ट का आदेश आते ही जिला जज महताब अहमद ने एडीजे अभिषेक पांडेय को नोडल अधिकारी बना दिया। एडीजे पांडेय की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी बनाई गई जिला जज की अध्यक्षता में न्यायिक अधिकारियों की मंगलवार को बैठक हुई। इसमें उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करने पर चर्चा की गई।
अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
अधिवक्ता संगठनों के प्रतिनिधि मंडल ने जिला जज को ज्ञापन देकर अधिवक्ताओं को मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध कराने और 31 मार्च तक न्यायालय में वादकारियों के प्रवेश को रोकने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में रामऔतार रस्तोगी, शिव शर्मा, स्नेहलता तिवारी, धीरेंद्र मिश्र, मोहम्मद मुस्तफा अली कादरी, राजकमल राजन आदि थे।
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कोरोना के डर से नहीं हुई गवाही
यह पहला मौका है जब किसी रोग से बचाव के चलते हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार को मामलों की नियमित सुनवाई नहीं हुई। जिला जजी में अब किसी मामले में 21 मार्च तक गवाही आदि नहीं होगी। सिर्फ अर्जेंट मामलों में अभियुक्त अपनी जमानत आदि की सुनवाई करा सकेंगे और दिवानी मामलों में स्टे के मामले सुने जाएंगे।
नोडल अधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों से की वार्ता
नोडल अधिकारी एडीजे अभिषेक पांडेय ने कोरोना से बचाव के लिए सीएमओ और नगरपालिका ईओ से बात की। इस पर एक डिप्टी सीएमओ तत्काल कचहरी पहुंचे। नगरपालिका की ईओ ने भी संपूर्ण कचहरी परिसर को तत्काल स्वच्छ कराने को आश्वस्त किया। स्वास्थ्य विभाग भी कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने में जुट गया है।
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देशभर में कोरोना का डर बढ़ते देख दो दिन पहले सर्वोच्च अदालतों ने आवश्यक न होने पर वादकारियों के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही थी। सोमवार शाम इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी 21 मार्च तक अदालतों में सिर्फ अर्जेंट मामलों की सुनवाई का आदेश दिया। अन्य मामलों में अगली तारीखें दे दी जाएंगी, वादकारियों को अदालतों में आने की कोई जरूरत नहीं है। उनके अधिवक्ता ही तारीखें पता कर वादकारियों को बता देंगे। हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जिला मजिस्ट्रेट, सीएमओ आदि जजी परिसर में कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक उपाय करेंगे। इसमें कोई कोताही नहीं होगी। हाईकोर्ट का आदेश आते ही जिला जज महताब अहमद ने एडीजे अभिषेक पांडेय को नोडल अधिकारी बना दिया। एडीजे पांडेय की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी बनाई गई जिला जज की अध्यक्षता में न्यायिक अधिकारियों की मंगलवार को बैठक हुई। इसमें उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करने पर चर्चा की गई।
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अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
अधिवक्ता संगठनों के प्रतिनिधि मंडल ने जिला जज को ज्ञापन देकर अधिवक्ताओं को मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध कराने और 31 मार्च तक न्यायालय में वादकारियों के प्रवेश को रोकने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में रामऔतार रस्तोगी, शिव शर्मा, स्नेहलता तिवारी, धीरेंद्र मिश्र, मोहम्मद मुस्तफा अली कादरी, राजकमल राजन आदि थे।
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कोरोना के डर से नहीं हुई गवाही
यह पहला मौका है जब किसी रोग से बचाव के चलते हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार को मामलों की नियमित सुनवाई नहीं हुई। जिला जजी में अब किसी मामले में 21 मार्च तक गवाही आदि नहीं होगी। सिर्फ अर्जेंट मामलों में अभियुक्त अपनी जमानत आदि की सुनवाई करा सकेंगे और दिवानी मामलों में स्टे के मामले सुने जाएंगे।
नोडल अधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों से की वार्ता
नोडल अधिकारी एडीजे अभिषेक पांडेय ने कोरोना से बचाव के लिए सीएमओ और नगरपालिका ईओ से बात की। इस पर एक डिप्टी सीएमओ तत्काल कचहरी पहुंचे। नगरपालिका की ईओ ने भी संपूर्ण कचहरी परिसर को तत्काल स्वच्छ कराने को आश्वस्त किया। स्वास्थ्य विभाग भी कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने में जुट गया है।