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अमेरिका की बाघिन में कोरोना मिलने के बाद बढ़ाई सतर्कता
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पीलीभीत। अमेरिका के न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स चिड़ियाघर में चार वर्षीय बाघिन के कोरोना से संक्रमित पाए जाने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व के आला अफसर भी हरकत में आ गए हैं। टाइगर रिजर्व के अफसरों ने विभागीय कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए अपनी रेंज क्षेत्र में बाघ, तेंदुआ, गुलदार सहित बिल्ली प्रजाति के वन्य जीवों के आबादी इलाके में जाने पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वर्तमान समय में 65 से ज्यादा बाघ हैं। इसी के साथ तेंदुओं की संख्या में भी पहले से वृद्धि हुई है। 2019-20 की गणना के हिसाब से तेंदुए 25,भालू 119, हिरण प्रजाति 5800, पाड़ा 720, नीलगाय 5400, गिद्ध 320, सहित कई अन्य वन्यजीव है। इसी वजह से यहां का टाइगर रिजर्व काफी महत्वपूर्ण है। वहीं अब यदि बाघ व अन्य जानवरों में कोरोना के संक्रमण की आशंकाएं पैदा हुई हैं तो यहां के अफसरों की परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि इन जानवरों का परीक्षण करना भी आसान नहीं होगा।
केंद्र सरकार और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के सहायक महानिरीक्षक डॉ. वैभव सी माथुर की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि बाघ और तेंदुए को रेस्क्यू करने वाली टीम एवं इन जानवरों का पोस्टमार्टम करने वाली टीमें सतर्क रहें। वहीं वन कर्मचारी एवं वन्यजीव चिकित्सक अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए कोरोना की कभी भी अपनी जांच करा सकते हैं।
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केंद्र सरकार और एनटीसीए के आदेश का पूरी तरह पालन किया जाएगा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम बिल्ली प्रजाति के सभी जानवरों और खासतौर से बाघ और तेंदुओं पर नजर रखेंगे। फिलहाल जंगल के आस-पास रहने वाले ग्रामीणों से अपील है कि अगर जंगल के बाहर कोई भी बाघ या तेंदुआ दिखे तो तत्काल इसकी जानकारी वन विभाग तक पहुंचाएं। - डॉ. एच राजा मोहन, फील्ड डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वर्तमान समय में 65 से ज्यादा बाघ हैं। इसी के साथ तेंदुओं की संख्या में भी पहले से वृद्धि हुई है। 2019-20 की गणना के हिसाब से तेंदुए 25,भालू 119, हिरण प्रजाति 5800, पाड़ा 720, नीलगाय 5400, गिद्ध 320, सहित कई अन्य वन्यजीव है। इसी वजह से यहां का टाइगर रिजर्व काफी महत्वपूर्ण है। वहीं अब यदि बाघ व अन्य जानवरों में कोरोना के संक्रमण की आशंकाएं पैदा हुई हैं तो यहां के अफसरों की परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि इन जानवरों का परीक्षण करना भी आसान नहीं होगा।
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केंद्र सरकार और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के सहायक महानिरीक्षक डॉ. वैभव सी माथुर की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि बाघ और तेंदुए को रेस्क्यू करने वाली टीम एवं इन जानवरों का पोस्टमार्टम करने वाली टीमें सतर्क रहें। वहीं वन कर्मचारी एवं वन्यजीव चिकित्सक अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए कोरोना की कभी भी अपनी जांच करा सकते हैं।
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केंद्र सरकार और एनटीसीए के आदेश का पूरी तरह पालन किया जाएगा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम बिल्ली प्रजाति के सभी जानवरों और खासतौर से बाघ और तेंदुओं पर नजर रखेंगे। फिलहाल जंगल के आस-पास रहने वाले ग्रामीणों से अपील है कि अगर जंगल के बाहर कोई भी बाघ या तेंदुआ दिखे तो तत्काल इसकी जानकारी वन विभाग तक पहुंचाएं। - डॉ. एच राजा मोहन, फील्ड डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व