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Pilibhit News: प्रवक्ताओं की नियुक्ति पर प्रबंध समिति से टकराव, प्राचार्य ने दिया इस्तीफा
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पूरनपुर का गन्ना कृषक महाविद्यालय का भवन।संवाद
पूरनपुर। गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रबंध समिति और प्राचार्य के बीच प्रवक्ताओं की नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को समिति अध्यक्ष (जिला गन्ना अधिकारी) पर गंभीर लगाते हुए प्राचार्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
कॉलेज को इस वर्ष जुलाई में कृषि स्नातक की मान्यता मिली है। कई विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, लेकिन प्रबंध समिति अध्यक्ष और प्राचार्य के बीच चल रही खींचतान के कारण प्रवक्ता समेत अन्य स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो सकी है। प्राचार्य का आरोप है कि नियुक्तियां कुलपति के अनुमोदन के बाद की गईं। इसके अनुमोदन के लिए जिला गन्ना अधिकारी से कई बार प्रबंध समिति की बैठक बुलाने के लिए कहा।
उसके बाद तीन जुलाई को गन्ना उत्पादक शिक्षा समिति के सभागार में बैठक होने की जानकारी दी गई। आरोप है कि अध्यक्ष ने बिना स्थान परिवर्तन की सूचना दिए अपने कार्यालय में बैठक कर ली। एक लिपिक से नियुक्तियां अगले बोर्ड के गठन के बाद होना लिखवा दिया, जोकि विद्यार्थी व कॉलेज हित में नहीं था।
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डीएम के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं हुई बैठक
प्राचार्य ने कहा कि बैठक को लेकर जिलाधिकारी ने हस्तक्षेप किया था। इसके बाद दोबारा बैठक की तिथि दो अगस्त निर्धारित की गई, लेकिन अब तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई। स्टाफ नियुक्त नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
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नवंबर में परीक्षा, अब तक नहीं शुरू हुई पढ़ाई
महाविद्यालय में बीए, बीकॉम, एमए की कक्षाएं पूर्व से लग रही हैं। स्नातक कृषि की मान्यता मिलने के बाद 66 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। अब तक पढ़ाई शुरू नहीं होने से वे परेशान हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि नवंबर माह में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं होनी हैं। कॉलेज वालों से पढ़ाने के लिए कहते हैं तो वहां से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
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प्रबंध समिति अध्यक्ष व उनके कार्यालय का एक लिपिक लोगों को उकसाकर झूठी शिकायतें कर महाविद्यालय की छवि धूमिल कर रहे हैं। उन्होंने अब तक बैठक भी नहीं की, उत्पीड़न से परेशान होकर इस्तीफा दिया है।
-डॉ. सुधीर कुमार शर्मा, प्राचार्य, गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय
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मेरा महाविद्यालय में नियुक्तियों से कोई संबंध नहीं है। प्राचार्य को नियमानुसार नियुक्ति करनी हैं। साजिश रचने का आरोप निराधार है। वह अपनी कमियां छिपाकर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
- खुशीराम, अध्यक्ष, महाविद्यालय प्रबंध समिति
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कॉलेज को इस वर्ष जुलाई में कृषि स्नातक की मान्यता मिली है। कई विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, लेकिन प्रबंध समिति अध्यक्ष और प्राचार्य के बीच चल रही खींचतान के कारण प्रवक्ता समेत अन्य स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो सकी है। प्राचार्य का आरोप है कि नियुक्तियां कुलपति के अनुमोदन के बाद की गईं। इसके अनुमोदन के लिए जिला गन्ना अधिकारी से कई बार प्रबंध समिति की बैठक बुलाने के लिए कहा।
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उसके बाद तीन जुलाई को गन्ना उत्पादक शिक्षा समिति के सभागार में बैठक होने की जानकारी दी गई। आरोप है कि अध्यक्ष ने बिना स्थान परिवर्तन की सूचना दिए अपने कार्यालय में बैठक कर ली। एक लिपिक से नियुक्तियां अगले बोर्ड के गठन के बाद होना लिखवा दिया, जोकि विद्यार्थी व कॉलेज हित में नहीं था।
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डीएम के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं हुई बैठक
प्राचार्य ने कहा कि बैठक को लेकर जिलाधिकारी ने हस्तक्षेप किया था। इसके बाद दोबारा बैठक की तिथि दो अगस्त निर्धारित की गई, लेकिन अब तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई। स्टाफ नियुक्त नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
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नवंबर में परीक्षा, अब तक नहीं शुरू हुई पढ़ाई
महाविद्यालय में बीए, बीकॉम, एमए की कक्षाएं पूर्व से लग रही हैं। स्नातक कृषि की मान्यता मिलने के बाद 66 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। अब तक पढ़ाई शुरू नहीं होने से वे परेशान हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि नवंबर माह में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं होनी हैं। कॉलेज वालों से पढ़ाने के लिए कहते हैं तो वहां से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
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प्रबंध समिति अध्यक्ष व उनके कार्यालय का एक लिपिक लोगों को उकसाकर झूठी शिकायतें कर महाविद्यालय की छवि धूमिल कर रहे हैं। उन्होंने अब तक बैठक भी नहीं की, उत्पीड़न से परेशान होकर इस्तीफा दिया है।
-डॉ. सुधीर कुमार शर्मा, प्राचार्य, गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय
मेरा महाविद्यालय में नियुक्तियों से कोई संबंध नहीं है। प्राचार्य को नियमानुसार नियुक्ति करनी हैं। साजिश रचने का आरोप निराधार है। वह अपनी कमियां छिपाकर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
- खुशीराम, अध्यक्ष, महाविद्यालय प्रबंध समिति