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फसल नुकसान की शिकायत को बनेगा कंट्रोल रूम
पीलीभीत।
Updated Mon, 06 Apr 2015 11:46 PM IST
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बारिश ओर ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों की स्थिति एवं शासन से प्राप्त राहत राशि के वितरण की मुख्य सचिव आलोक रंजन ने समीक्षा की। उन्होंने डीएम को फसलों में हुए नुकसान की शिकायतों के लिए अलग कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए साथ ही बैंक द्वारा फसल बीमा की प्रीमियम राशि काटे जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की।
एनआईसी के हॉल मे हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में मुख्य सचिव ने जिले में हुए नुकसान की जानकारी की। इस पर डीएम ओएन सिंह ने उन्हें बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से 4288.28 हेक्टेअर फसल में 50 प्रतिशत से अधिक नुसकान हुआ था। इसके लिए शासन से प्राप्त 2.19 करोड़ की धनराशि जिले की तीनों तहसीलों में सर्वे के बाद 16,688 किसानों को मुआवजा वितरित किया गया।
इसके अलावा 25 से 50 प्रतिशत तक के नुकसान की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है जिसमें 13,114 किसानों के 3464.74 हेक्टेअर में खड़ी फसल प्रभावित हुई है। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने बैंकों द्वारा काटी गई कृषि बीमा की जानकारी की। इस पर उन्हें बताया कि गया कि जिले में लगभग 19000 हजार किसानों से प्रीमियम जमा कराया गया है। इस पर मुख्य सचिव ने बैंकों की जांच करने और बीमा प्रीमियम न काटने वाले बैंकों को चिंहित करने के निर्देश दिए।
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डीएम ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश पर बैंक में कृषि बीमा योजना की प्रीमियम की जांच के लिए उपनिदेशक कृषि, अग्रणी बैंक प्रबंधक, डीडीएम नाबार्ड एवं बीमा कंपनी आईसीआईसी लोम्बार्ड के प्रतिनिधि की पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
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एनआईसी के हॉल मे हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में मुख्य सचिव ने जिले में हुए नुकसान की जानकारी की। इस पर डीएम ओएन सिंह ने उन्हें बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से 4288.28 हेक्टेअर फसल में 50 प्रतिशत से अधिक नुसकान हुआ था। इसके लिए शासन से प्राप्त 2.19 करोड़ की धनराशि जिले की तीनों तहसीलों में सर्वे के बाद 16,688 किसानों को मुआवजा वितरित किया गया।
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इसके अलावा 25 से 50 प्रतिशत तक के नुकसान की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है जिसमें 13,114 किसानों के 3464.74 हेक्टेअर में खड़ी फसल प्रभावित हुई है। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने बैंकों द्वारा काटी गई कृषि बीमा की जानकारी की। इस पर उन्हें बताया कि गया कि जिले में लगभग 19000 हजार किसानों से प्रीमियम जमा कराया गया है। इस पर मुख्य सचिव ने बैंकों की जांच करने और बीमा प्रीमियम न काटने वाले बैंकों को चिंहित करने के निर्देश दिए।
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डीएम ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश पर बैंक में कृषि बीमा योजना की प्रीमियम की जांच के लिए उपनिदेशक कृषि, अग्रणी बैंक प्रबंधक, डीडीएम नाबार्ड एवं बीमा कंपनी आईसीआईसी लोम्बार्ड के प्रतिनिधि की पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।