{"_id":"597a23134f1c1b153d8b48f5","slug":"complaint-will-be-valid-only-with-declaration-dr-mishra","type":"story","status":"publish","title_hn":"घोषणापत्र के साथ ही मान्य होगी शिकायत : डॉ.मिश्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घोषणापत्र के साथ ही मान्य होगी शिकायत : डॉ.मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:00 PM IST
विज्ञापन
बैठक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उप गन्ना आयुक्त ने की गन्ना सर्वे की समीक्षा
उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्रा ने कहा कि गन्ना पर्ची में गड़बड़ी होने से संबंधित शिकायत के साथ घोषणापत्र की छायाप्रति लगानी होगी। इसके लिए गन्ना किसानों घोषणापत्र अवश्य लें। उन्होंने यह बात गन्ना कार्यालय में सर्वे समीक्षा के दौरान कही।
पिछले दिनों संपन्न हुए गन्ना सर्वे कार्य की समीक्षा करने डिप्टी केन कमिश्नर डॉ. दिनेश्वर मिश्रा बृहस्पतिवार को गन्ना भवन पहुंचे। उन्होंने जिले में गन्ने के क्षेत्रफल में 25 प्रतिशत बढ़ोत्तरी होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि अधिकांश किसानों ने घोषणापत्र नहीं भरा है। इससे भविष्य में उन्हें दिक्कत आ सकती है। उन्होंने बताया कि मिल चलने के समय अधिकांश किसान गन्ना पर्ची को लेकर कई तरह की शिकायतें करते हैं। जिसकी मुख्य वजह है घोषणापत्र का भरना, क्योंकि घोषणापत्र में गन्ने का क्षेत्रफल, प्रजाति, पेड़ी पौध सहित कई सूचनाएं रहती है यदि सभी सूचनाओं के साथ घोषणापत्र भरा होगा तो पर्ची गलत नहीं होगी और यदि कहीं गलती मिलती है तो उसे विभागीय गलती मानते हुए संबंधित के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकेगी। गन्ना सर्वे के साथ उन्होंने जन शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा। इस मौके पर जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव, एससीडीआई केजी गौतम, अंकुर भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्रा ने कहा कि गन्ना पर्ची में गड़बड़ी होने से संबंधित शिकायत के साथ घोषणापत्र की छायाप्रति लगानी होगी। इसके लिए गन्ना किसानों घोषणापत्र अवश्य लें। उन्होंने यह बात गन्ना कार्यालय में सर्वे समीक्षा के दौरान कही।
पिछले दिनों संपन्न हुए गन्ना सर्वे कार्य की समीक्षा करने डिप्टी केन कमिश्नर डॉ. दिनेश्वर मिश्रा बृहस्पतिवार को गन्ना भवन पहुंचे। उन्होंने जिले में गन्ने के क्षेत्रफल में 25 प्रतिशत बढ़ोत्तरी होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि अधिकांश किसानों ने घोषणापत्र नहीं भरा है। इससे भविष्य में उन्हें दिक्कत आ सकती है। उन्होंने बताया कि मिल चलने के समय अधिकांश किसान गन्ना पर्ची को लेकर कई तरह की शिकायतें करते हैं। जिसकी मुख्य वजह है घोषणापत्र का भरना, क्योंकि घोषणापत्र में गन्ने का क्षेत्रफल, प्रजाति, पेड़ी पौध सहित कई सूचनाएं रहती है यदि सभी सूचनाओं के साथ घोषणापत्र भरा होगा तो पर्ची गलत नहीं होगी और यदि कहीं गलती मिलती है तो उसे विभागीय गलती मानते हुए संबंधित के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकेगी। गन्ना सर्वे के साथ उन्होंने जन शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा। इस मौके पर जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव, एससीडीआई केजी गौतम, अंकुर भी मौजूद रहे।
विज्ञापन