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बंद हुई चीनी मिल, 70 हजार किसानों को भेजा मैसेज
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Sat, 03 Dec 2016 11:02 PM IST
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sugar cane
- फोटो : amar ujala
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इंडेंट निरस्त, गेट पर आया गन्ना भी लौटाया
एलएच मिल में विस्फोट के बाद ही मिल प्रशासन ने फैक्ट्री को बंद कर दिया। इसके साथ ही मिल से जुड़े लगभग 70 हजार किसानों को मोबाइल से मैसेज देकर गन्ना ना लाने का अनुरोध किया है। वहीं शहर में जाम की स्थिति से बचने को गन्ना लेकर मिल आए वाहनों को भी वापस करा दिया गया।
10 नवंबर से चालू हुए पेराई सत्र के बाद से ही चीनी मिल मांग के अनुरूप गन्ना समिति से इंडेंट जारी किया जा रहा है। दो दिसंबर को भी समिति से सात दिसंबर तक का इंडेंट जारी किया गया था। मिल की पेराई क्षमता ठीक होने के चलते किसान भी लगातार सप्लाई दे रहे थे। शनिवार को भी सुबह से ही गन्ना वाहनों के मिल पहुंचने का क्रम चल रहा था लेकिन शाम को 4.30 बजे हुए हादसे के बाद मिल बंद होते ही मिल के अंदर से लेकर बाहर तक गन्ना वाहनों की कतारें लगने लगी। इसके साथ ही घटना की जानकारी लेने बड़ी संख्या में लोग भी मिल की ओर दौड़ने लगे। बिगड़ती स्थित और शहर में जाम की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी गन्ना वाहनों को वापस कर दिया। वहीं मिल प्रशासन ने मिल से जुड़े करीब 70 हजार किसानों को मोबाइल से मैसेज देकर अग्रिम सूचना तक गन्ना न लाने की अपील की है। प्रधान प्रबंधक आशीष गुप्ता ने बताया कि घटना के बाद मिल का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जांच और मरम्मत के बाद ही आगे की सूचना जारी की जाएगी। फिलहाल किसानों से गन्ना न लाने को मैसेज भेजा गया है।
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एलएच मिल में विस्फोट के बाद ही मिल प्रशासन ने फैक्ट्री को बंद कर दिया। इसके साथ ही मिल से जुड़े लगभग 70 हजार किसानों को मोबाइल से मैसेज देकर गन्ना ना लाने का अनुरोध किया है। वहीं शहर में जाम की स्थिति से बचने को गन्ना लेकर मिल आए वाहनों को भी वापस करा दिया गया।
10 नवंबर से चालू हुए पेराई सत्र के बाद से ही चीनी मिल मांग के अनुरूप गन्ना समिति से इंडेंट जारी किया जा रहा है। दो दिसंबर को भी समिति से सात दिसंबर तक का इंडेंट जारी किया गया था। मिल की पेराई क्षमता ठीक होने के चलते किसान भी लगातार सप्लाई दे रहे थे। शनिवार को भी सुबह से ही गन्ना वाहनों के मिल पहुंचने का क्रम चल रहा था लेकिन शाम को 4.30 बजे हुए हादसे के बाद मिल बंद होते ही मिल के अंदर से लेकर बाहर तक गन्ना वाहनों की कतारें लगने लगी। इसके साथ ही घटना की जानकारी लेने बड़ी संख्या में लोग भी मिल की ओर दौड़ने लगे। बिगड़ती स्थित और शहर में जाम की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी गन्ना वाहनों को वापस कर दिया। वहीं मिल प्रशासन ने मिल से जुड़े करीब 70 हजार किसानों को मोबाइल से मैसेज देकर अग्रिम सूचना तक गन्ना न लाने की अपील की है। प्रधान प्रबंधक आशीष गुप्ता ने बताया कि घटना के बाद मिल का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जांच और मरम्मत के बाद ही आगे की सूचना जारी की जाएगी। फिलहाल किसानों से गन्ना न लाने को मैसेज भेजा गया है।
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