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महिलाएं बोलीं- अपराधियों को मौके पर सबक सिखाए पुलिस
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पीलीभीत। अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। यह मांग महिलाओं की ओर से उठाई गई। उनका कहना था कि दुष्कर्म करने वालों को मौके पर ही सबक सिखाया जाए। ताकि आगे से ऐसी वारदातें न होने पाएं। वहीं छात्रा के पिता, मां और भाई ने दुष्कर्मियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की। पीड़िता के घर जो नेता हमदर्दी जाहिर करने गए उनसे परिजनों ने यही कहा गया कि वे अपराधियों को फांसी पर लटके देखना चाहते हैं। जिसने उनकी बेटी का यह हाल किया है उसे किसी हाल में जीने का हक नहीं है।
घटना को देख के यही लगता है कि महिलाएं केवल कागजों और सरकारी दावों में ही सुरक्षित हैं। इस घटना में जो भी दोषी हो उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। रागनी अग्रवाल
बरखेड़ा में जो हुआ उस पर मैं बहुत कुछ भी कहने में मैं असमर्थ हूं। बस यही कहूंगी कि महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। दोषी को ऐसी सजा दी जाए कि आगे कभी कोई ऐसा करने का सोचे भी न सके। - संध्या गुप्ता
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इस जघन्य कृत्य के लिए सिर्फ और सिर्फ फांसी होनी चाहिए। महिलाओं में सुरक्षा जगेगी और अपराधी ऐसा करने डरेंगे। - उषा देवल
घटना में तो क्रांति मूवी का एक डायलॉग याद आ गया- नो एफआईआर, नो अरेस्ट नो टॉक फैसला ऑन द स्पॉट ही होना चाहिए। तभी ऐसा करने वाले डरेंगे। - शानू वर्मा
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घटना को देख के यही लगता है कि महिलाएं केवल कागजों और सरकारी दावों में ही सुरक्षित हैं। इस घटना में जो भी दोषी हो उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। रागनी अग्रवाल
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बरखेड़ा में जो हुआ उस पर मैं बहुत कुछ भी कहने में मैं असमर्थ हूं। बस यही कहूंगी कि महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। दोषी को ऐसी सजा दी जाए कि आगे कभी कोई ऐसा करने का सोचे भी न सके। - संध्या गुप्ता
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इस जघन्य कृत्य के लिए सिर्फ और सिर्फ फांसी होनी चाहिए। महिलाओं में सुरक्षा जगेगी और अपराधी ऐसा करने डरेंगे। - उषा देवल
घटना में तो क्रांति मूवी का एक डायलॉग याद आ गया- नो एफआईआर, नो अरेस्ट नो टॉक फैसला ऑन द स्पॉट ही होना चाहिए। तभी ऐसा करने वाले डरेंगे। - शानू वर्मा