फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Civic Amenities

धान का समर्थन मूल्य न मिलने पर किसानों ने पराली जलाकर किया विरोध, अधिकारियों से नोकझोंक

Fri, 15 Oct 2021 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 01:21 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
मथना जप्ती में किसानों से वार्ता करते प्रशासनिक अधिकारी। - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिल पाने का आरोप लगाते हुए नाराज किसान बृहस्पतिवार को मत्थना जप्ती गांव में एकत्र हुए। इसके बाद सभी ने सामूहिक रूप से खेतों की पराली में आग लगानी शुरू कर दी। सूचना के बाद एसडीएम, सीओ पहले पहुंचे फिर एडीएम और एएसपी आए। इसके बाद एक धार्मिक स्थल पर किसानों के साथ प्रशासन की वार्ता हुई। एक घंटा चली वार्ता बेनतीजा रही। इस दौरान अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन

कलीनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत मत्थना जप्ती, बासखेड़ा, पुरैनी दीपनगर, चकपुर, इमलिया फार्म आदि क्षेत्र के करीब पांच सौ किसान मत्थना जप्ती क्षेत्र में एकत्र हुए। किसानों का कहना था कि उन्हें धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है। क्रय क्रेंद्रों पर सत्यापन की समस्या आने के साथ दलालों का भी गठजोड़ हावी है। ऐसे में उनके सामने फसल की बिक्री करने में काफी समस्या आ रही है। नाराज किसानों ने सामूहिक रूप से आधा दर्जन गांव में जाकर खेतों में पड़ी पराली में आग लगानी शुरू कर दी थी। आग लगने के बाद मत्थना जप्ती क्षेत्र के लेखपालों ने सूचना तहसील प्रशासन को दी। इसके बाद अफसरों में खलबली मच गई। आनन-फानन में एसडीएम योगेश कुमार गौड़, तहसीलदार संजय यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ वीरेंद्र विक्रम सिंह, एसओ माधोटांडा गौरव विश्नोई समेत फोर्स को लेकर मत्थना रवाना हुए। पुलिस और प्रशासन के पहुंचने के बाद भी किसान पराली में आग जलाते रहे। अधिकारियों ने समझाया तो नोकझोंक हुई। इसके बाद अधिकारियों ने भी थाने में आकर मंथन किया और किसानों से वार्तालाप करने का निर्णय लिया। हालांकि किसानों के थाने आने से इनकार करने पर मत्थना के एक धार्मिक स्थल पर वार्तालाप करने को राजी हुए। एडीएम कुंवर बहादुर सिंह और एएसपी पवित्र मोहन की मौजूदगी में अफसरों ने धार्मिक स्थल पर वार्तालाप शुरू किया। किसानों ने अपनी समस्याओं को रखा, प्रशासन ने भी सरकारी नियम कानून को आधार बनाकर बात की, पराली प्रबंध के बारे में भी बताया हालांकि किसानों का कहना है कि पूर्व में ही पराली प्रबंध को अपनाया था। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। एक घंटा तक चली लंबी वार्तालाप का नतीजा कुछ नहीं निकल सका। अफसर बैरंग चले गए।
विज्ञापन

बोले किसान : मुद्दा धान का है पराली का नहीं, प्रशासन सिस्टम सुधारे
धान का उचित मूल्य हम किसानों को नहीं मिल पा रहा है। सत्यापन न होने से तहसील क्षेत्र के केंद्रों में तौल नहीं हो पा रही है। कहां कि मुद्दा धान का है पराली का नहीं, प्रशासन सिस्टम को सुधारे। - रंजीत सिंह
विज्ञापन
विज्ञापन

धान की बिक्री के लिए मत्थना जप्ती क्षेत्र में कोई तौल केंद्र नहीं है। परेशान किसान लंबी दूरी तय कर मंडी पहुंच रहे, वहां तमाम सवाल खड़े कर वापस लौटाया जा रहा है। समस्याओं का निस्तारण होना चाहिए। - गुरदीप सिंह गोगी
इस समय किसान चौतरफा परेशान है। एक तो महंगाई में लागत ज्यादा लग रही है। वहीं फसल की बिक्री करने में काफी समस्या आ रही है। केंद्र केंद्र पर सही तौल हो जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके। - बलविंदर सिंह

तहसील क्षेत्र में आठ क्रय केंद्र बनाए गए हैं। किसानों को सत्यापन की समस्या न आए इसके लिए लेखपालों की टीम अलग से लगाई गई हैं। किसानों की मांग पर मत्थना जप्ती क्षेत्र में क्रय केंद्र बनाने का भी प्रयास किया जाएगा। किसानों के साथ वार्ता भी की गई। - योगेश कुमार गौड़, एसडीएम, कलीनगर

मथना जप्ती क्षेत्र में किसानों ने जलाई पराली।

मथना जप्ती क्षेत्र में किसानों ने जलाई पराली।- फोटो : PILIBHIT

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed