{"_id":"613129188ebc3eb6fa771bca","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly458341840","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदा नदी का जलस्तर हुआ सामान्य, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदा नदी का जलस्तर हुआ सामान्य, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
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पीलीभीत। शारदा नदी में 30 अगस्त को बनबसा बैराज से 2.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ की स्थिति बन गई थी। इससे गभिया सहराई, नलडेंगा, हजारा क्षेत्र में आबादी के बीच बाढ़ का पानी पहुंच गया था। हालांकि 31 अगस्त को नदी का जलस्तर कम होने लगा था। बृहस्पतिवार को शारदा नदी का जलस्तर सामान्य स्थिति में हो गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत महसूस की है।
पहाड़ों पर हुई तेज बारिश से पानी का जलस्तर बढ़ गया था। सोमवार को बनबसा बैराज से 2.60 लाख क्यूसेक पानी शारदा नदी में छोड़ गया। इसके बाद नदी उफान में आने से बाढ़ की स्थिति बन गई। हालांकि खतरा के निशान से जलस्तर काफी नीचे थे। मगर जलस्तर बढ़ने से आबादी के बीच पानी घुस गया और फसलें जलमग्न हो गई। मंगलवार को जलस्तर कम होने लगा था। बुधवार को शारदा नदी की जलस्तर सामान्य हो गया। बृहस्पतिवार को भी हालत सामान्य रहे। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बताया कि एक साथ तीन लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर खतरा के निशान पर पहुंच जाता है। मगर सोमवार को 2.60 लाख पानी छोड़े जाने से खतरे के निशान से पानी काफी नीचे था। मौजूद समय में सामान्य स्तर से जलस्तर बह रहा है।
एक साथ तीन लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ने पा खतरे की निशान पर पानी पहुंच जाता है। इससे खतरा बन रहा है, मगर इस बार पानी कम छोड़ा गया था, जो खतरे के निशान से काफी नीचे था ।- शैलेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड
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पहाड़ों पर हुई तेज बारिश से पानी का जलस्तर बढ़ गया था। सोमवार को बनबसा बैराज से 2.60 लाख क्यूसेक पानी शारदा नदी में छोड़ गया। इसके बाद नदी उफान में आने से बाढ़ की स्थिति बन गई। हालांकि खतरा के निशान से जलस्तर काफी नीचे थे। मगर जलस्तर बढ़ने से आबादी के बीच पानी घुस गया और फसलें जलमग्न हो गई। मंगलवार को जलस्तर कम होने लगा था। बुधवार को शारदा नदी की जलस्तर सामान्य हो गया। बृहस्पतिवार को भी हालत सामान्य रहे। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बताया कि एक साथ तीन लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर खतरा के निशान पर पहुंच जाता है। मगर सोमवार को 2.60 लाख पानी छोड़े जाने से खतरे के निशान से पानी काफी नीचे था। मौजूद समय में सामान्य स्तर से जलस्तर बह रहा है।
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एक साथ तीन लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ने पा खतरे की निशान पर पानी पहुंच जाता है। इससे खतरा बन रहा है, मगर इस बार पानी कम छोड़ा गया था, जो खतरे के निशान से काफी नीचे था ।- शैलेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड
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