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शहर में लगे आधे हैंडपंप खराब, कैसे बुझेगी प्यास
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पीलीभीत। लगातार बढ़ती गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। आबादी के हिसाब से शहर में पीने के पानी के संसाधन नहीं हैं। पिछले करीब तीन साल से शहर में सरकारी हैंडपंप नहीं लगाए गए। इससे पहले जो हैंडपंप लगे थे उनमें से करीब आधे खराब पड़े हैं। गर्मी बढ़ने के साथ शहर में पेयजल का संकट और गहरा गया है।
शहर में 27 वार्ड जिनमें करीब 26500 मकान हैं। आबादी ढाई लाख के करीब है। शहर के मोहल्ला जाटों का चौराहा, डालचंद, बेनी चौधरी, यशंवतरी देवी मंदिर चौराहा, आसफजान, साहूकारा, डोरीलाल, पंजाबियान, फीलखाना आदि इलाकों में शुद्ध पेयजल के लिए लोग तरस रहे हैं। पाइप लाइन लीकेज होने की वजह से लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
शहर में वर्ष 2017 तक सार्वजनिक स्थानों पर जलनिगम ने 606 हैंडपंप लगाए थे। ये हैंडपंप मोहल्ला नौगवां चौराहा, रोडवेज, बाग गुलशेर खां, डालचंद, बेनी चौधरी, पंजाबियान, फीलखाना, चौक बाजार, कांशीराम कॉलोनी, निरजंन कुंज कॉलोनी, सुनगढ़ी आदि में लगे हैं। इन हैंडपंप की देखरेख की जिम्मेदारी नगर पालिका को दी गई थी। पिछले करीब दो साल से शहर में लगे सरकारी 606 हैंडपंप में 217 खराब पड़े हैं। लोगों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन नगर पालिका ने इसका ध्यान नहीं दिया। हैंड पंप खराब होने से इस भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान हैं।
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तीन साल में पूरा नहीं हुआ पाइप लाइन का काम
शासन ने अमृत योजना के तहत शहर में पानी की पाइप लाइन बिछाने के लिए वर्ष 2018 में 36.30 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। मगर निर्माणदायी संस्था की लापरवाही के चलते पिछले तीन साल पाइप लाइन निर्माण का काम पूरा नहीं हो सका।
दूषित पानी पीने से बढ़ रहीं बीमारियां
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रमाकांत सागर का कहना है अशुद्ध पानी पीने से कई तरह की बीमारियां पनपती हैं। गंदा पानी पीने से वैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है। दूषित पानी से नहाने से त्वचा संबंधी कई बीमारियां हो सकती है।
मंदिर का हैंडपंप पिछले दो साल से खराब पड़ा है। कई बार इसकी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया है। अब गर्मी तेज होने लगी है। इससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। - ऋषभ कुमार, बेनी चौधरी
सर्दी के मौसम में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। गर्मी आने पर पानी की जरूरत ज्यादा बढ़ गई, जिससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। शहर में लगे सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं। शिकायत करने के बावजूद नगर पालिका ने ठीक नहीं किए। - अतुल कुमार, मोहम्मद फारुख
यहां एक हैंडपंप लगा है, जिसे सड़क बनाने के दौरान मिट्टी के नीचे दबा दिया गया। इसकी कई बार शिकायत कर चुके हैं। फिर कोई देखने भी नहीं आया है। - राजवती देवी, निरंजन कुंज कॉलोनी
प्रत्येक घर में पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए अमृत योजना का काम पूरा होने को है। जल्द ही सभी को पर्याप्त मात्र में पानी मिलेगा। यह बात भी सही है कि अभी कई इलाकों में पानी नहीं पहुंच रहा है। हैंडपंप की मरम्मत करने के लिए एस्टीमेट बनाया जा रहा है। - सुरेंद्र प्रताप, ईओ, नगरपालिका
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शहर में 27 वार्ड जिनमें करीब 26500 मकान हैं। आबादी ढाई लाख के करीब है। शहर के मोहल्ला जाटों का चौराहा, डालचंद, बेनी चौधरी, यशंवतरी देवी मंदिर चौराहा, आसफजान, साहूकारा, डोरीलाल, पंजाबियान, फीलखाना आदि इलाकों में शुद्ध पेयजल के लिए लोग तरस रहे हैं। पाइप लाइन लीकेज होने की वजह से लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
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शहर में वर्ष 2017 तक सार्वजनिक स्थानों पर जलनिगम ने 606 हैंडपंप लगाए थे। ये हैंडपंप मोहल्ला नौगवां चौराहा, रोडवेज, बाग गुलशेर खां, डालचंद, बेनी चौधरी, पंजाबियान, फीलखाना, चौक बाजार, कांशीराम कॉलोनी, निरजंन कुंज कॉलोनी, सुनगढ़ी आदि में लगे हैं। इन हैंडपंप की देखरेख की जिम्मेदारी नगर पालिका को दी गई थी। पिछले करीब दो साल से शहर में लगे सरकारी 606 हैंडपंप में 217 खराब पड़े हैं। लोगों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन नगर पालिका ने इसका ध्यान नहीं दिया। हैंड पंप खराब होने से इस भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान हैं।
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तीन साल में पूरा नहीं हुआ पाइप लाइन का काम
शासन ने अमृत योजना के तहत शहर में पानी की पाइप लाइन बिछाने के लिए वर्ष 2018 में 36.30 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। मगर निर्माणदायी संस्था की लापरवाही के चलते पिछले तीन साल पाइप लाइन निर्माण का काम पूरा नहीं हो सका।
दूषित पानी पीने से बढ़ रहीं बीमारियां
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रमाकांत सागर का कहना है अशुद्ध पानी पीने से कई तरह की बीमारियां पनपती हैं। गंदा पानी पीने से वैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है। दूषित पानी से नहाने से त्वचा संबंधी कई बीमारियां हो सकती है।
मंदिर का हैंडपंप पिछले दो साल से खराब पड़ा है। कई बार इसकी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया है। अब गर्मी तेज होने लगी है। इससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। - ऋषभ कुमार, बेनी चौधरी
सर्दी के मौसम में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। गर्मी आने पर पानी की जरूरत ज्यादा बढ़ गई, जिससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। शहर में लगे सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं। शिकायत करने के बावजूद नगर पालिका ने ठीक नहीं किए। - अतुल कुमार, मोहम्मद फारुख
यहां एक हैंडपंप लगा है, जिसे सड़क बनाने के दौरान मिट्टी के नीचे दबा दिया गया। इसकी कई बार शिकायत कर चुके हैं। फिर कोई देखने भी नहीं आया है। - राजवती देवी, निरंजन कुंज कॉलोनी
प्रत्येक घर में पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए अमृत योजना का काम पूरा होने को है। जल्द ही सभी को पर्याप्त मात्र में पानी मिलेगा। यह बात भी सही है कि अभी कई इलाकों में पानी नहीं पहुंच रहा है। हैंडपंप की मरम्मत करने के लिए एस्टीमेट बनाया जा रहा है। - सुरेंद्र प्रताप, ईओ, नगरपालिका