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पावर कॉरपोरेशन में नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख ठगे
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पीलीभीत। पावर कॉरपोरेशन में नौकरी लगवाने के नाम पर जालसाज ने एक व्यक्ति से पांच लाख रुपये ठग लिए। कई सालों तक टालमटोल करता रहा। बाद में पीड़ित ने लखनऊ कार्यालय जाकर जानकारी जुटाई तो ठगी का पता लगा। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने धमकी देकर भगा दिया। कोतवाली में तहरीर देकर पीड़ित ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शहर के निरंजनकुंज कॉलोनी के निवासी रामचंद्र राठौर ने कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि साल 2016 में उनकी मुलाकात मोहल्ला फैजुल्ला खां लोहा मंडी निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। जालसाज ने खुद को पावर कॉरपोरेशन का सेवानिवृत्त कर्मचारी बताया और बड़े अधिकारियों से करीबी बताई। यह कहा कि वह उनके दोनों बेटों की नौकरी पावर कॉरपोरेशन में लगवा देगा। काम न होने पर रुपये वापस करने की गारंटी भी ली थी। दोनों बच्चों की नौकरी लगवाने में छह लाख रुपये का खर्च बताया। जालसाज की बातों में आकर उसी वक्त पहले 50 हजार रुपये दिए गए। कुछ दिन बाद डेढ़ लाख और इसी तरह से कुल पांच लाख रुपये दे दिए गए। कर्मचारियों की जल्द भर्ती निकलने की बात कहकर कई महीने तक टालता रहा। फिर कुछ पदों पर नियुक्तियां निकलने का हवाला दिया और फार्म बताकर कई कागजात भी भरवा लिए। फोन पर लगातार जालसाज संपर्क में रहा, मगर अब तक कोई नौकरी लगी ही नहीं। इसी बीच पूरे मामले का पता लगाने के लिए वह एक साल पहले लखनऊ गए। वहां पावर कॉरपोरेशन के कुछ कर्मचारियों से बात की तो ठगी का पता लगा। फिर रुपये वापस मांगे गए, मगर हर बार टालमटोल कर दी गई। अब तक न तो बेटों की नौकरी लगी, न ही दिया गया रुपया वापस मिला। जून 2020 में रुपये मांगे गए तो आरोपी ने साथियों संग धमकाना शुरू कर दिया। नामजद तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। कोतवाल अतर सिंह ने बताया कि तहरीर की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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शहर के निरंजनकुंज कॉलोनी के निवासी रामचंद्र राठौर ने कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि साल 2016 में उनकी मुलाकात मोहल्ला फैजुल्ला खां लोहा मंडी निवासी एक व्यक्ति से हुई थी। जालसाज ने खुद को पावर कॉरपोरेशन का सेवानिवृत्त कर्मचारी बताया और बड़े अधिकारियों से करीबी बताई। यह कहा कि वह उनके दोनों बेटों की नौकरी पावर कॉरपोरेशन में लगवा देगा। काम न होने पर रुपये वापस करने की गारंटी भी ली थी। दोनों बच्चों की नौकरी लगवाने में छह लाख रुपये का खर्च बताया। जालसाज की बातों में आकर उसी वक्त पहले 50 हजार रुपये दिए गए। कुछ दिन बाद डेढ़ लाख और इसी तरह से कुल पांच लाख रुपये दे दिए गए। कर्मचारियों की जल्द भर्ती निकलने की बात कहकर कई महीने तक टालता रहा। फिर कुछ पदों पर नियुक्तियां निकलने का हवाला दिया और फार्म बताकर कई कागजात भी भरवा लिए। फोन पर लगातार जालसाज संपर्क में रहा, मगर अब तक कोई नौकरी लगी ही नहीं। इसी बीच पूरे मामले का पता लगाने के लिए वह एक साल पहले लखनऊ गए। वहां पावर कॉरपोरेशन के कुछ कर्मचारियों से बात की तो ठगी का पता लगा। फिर रुपये वापस मांगे गए, मगर हर बार टालमटोल कर दी गई। अब तक न तो बेटों की नौकरी लगी, न ही दिया गया रुपया वापस मिला। जून 2020 में रुपये मांगे गए तो आरोपी ने साथियों संग धमकाना शुरू कर दिया। नामजद तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। कोतवाल अतर सिंह ने बताया कि तहरीर की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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