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प्रधानों-सचिवों के घोटालों पर पर्दा डालने का अभिलेखों में चल रहा खेल डीएम ने पकड़ा
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28पीबीटीपी-15
प्रधानों-सचिवों के घोटालों पर पर्दा डालने का अभिलेखों में चल रहा खेल डीएम ने पकड़ा
विकास भवन में छापेमारी के दौरान तलब की फाइलें तो उजागर हुआ मामला
रिटायर्ड सचिव की पेंशन रोकने और तीन के खिलाफ एफआईआर कराने के दिए निर्देश
गुस्साए डीएम डीपीआरओ से बोले-पंचायत विभाग में नहीं चलने देंगे यह सब गोरखधंधा
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। घोटाले से संबंधित मामलों में प्रधानों और सचिवों पर कार्रवाई के नाम पर अभिलेखों में चल रहा खेल डीएम ने विकास भवन में निरीक्षण के दौरान पकड़ लिया। डीपीआरओ कार्यालय में डीएम ने करीब तीन घंटे प्रधानों और सचिवों से संबंधित अभिलेख खंगाले। उपस्थिति और सर्विस बुक चेक की। इनमें तमाम खामियां मिलीं। घोटाले का आरोप सिद्ध होने पर भी कार्रवाई नहीं करने पर डीपीआरओ को फटकार लगाई। कहा- यह सब गोरखधंधा नहीं चलेगा। तीन सचिवों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए। डीपीआरओ समेत दो का स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
जिला पंचायतीराज विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। घोटाले में फंसे प्रधानों और सचिवों को निलंबित करने के बाद सेटिंग करके बहाल करने का खेल तो लंबे समय से चल रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के वार रूम में तैनात कर्मचारी तो फील्ड में जाकर सत्यापन आदि की कागजी कार्रवाई कार्यालय में बैठकर ही पूरी कर लेते हैं। इसी तरह की तमाम शिकायतें आए दिन अफसरों तक पहुंचती है, लेकिन बुधवार को विकास भवन पहुंचे डीएम भी हकीकत से वाकिफ हो गए। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने तीन घंटे डीपीआरओ कार्यालय में बैठकर प्रधानों और सचिवों पर हुई कार्रवाई से संबंधित फाइलें देखीं। प्रधानमंत्री आवास से लेकर शौचालय, विकास कार्य में गड़बड़ी के आरोप सिद्ध होने पर घोटालेबाज सचिवों और प्रधानों को अभयदान देने पर डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव से नाराजगी जताई। मरौरी के बिठौरा कलां के सचिव राजा तोमर, बीसलपुर में तैनात रहे अनिल कुमार और चंद दिन पहले रिटायर्ड हुए घोटालेबाज सचिव राजवंदन की पेंशन रोकने के साथ ही सभी पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
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ग्राम पंचायत में रिक्त पद पर क्यों नहीं कराया चुनाव !
अभिलेखों के खंगालने पर पता चला कि ललौरीखेड़ा की ग्रापं कैंच में लंबे समय से प्रधान का पद रिक्त पड़ा है। इसका पता चलने पर डीएम का पारा चढ़ गया। डीपीआरओ डीएम के एक भी सवाल का सटीक जवाब नहीं दे सके। डीएम ने कहा हाल ही ग्राम प्रधान के रिक्त पद पर हुए चुनाव में गांव का नाम क्यों नहीं भेजा गया।
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प्रधान पर दिए कार्रवाई के निर्देश
बरखेड़ा की ग्राम पंचायत नवादा महेश प्रकरण करीब एक साल पुराना है। खास बात यह है कि शिकायत पर डीपीआरओ जांच के लिए गांव पहुंचे थे। यहां शिकायकर्ता को आरोपी प्रधान व उसके सहयोगियों ने पीट दिया था। इस मामले में डीपीआरओ ने कार्रवाई का दावा किया लेकिन बाद में मामला सांठगांठ कर रफा दफा कर दिया। जांच दबाए जाने का पता चलने पर डीएम ने जब डीपीआरओ से फाइल मांगी तो वह नहीं दिखा। स्थानांतरण रजिस्टर भी नहीं मिला। डीएम ने तत्काल प्रधान पर कार्रवाई नहीं होने पर चेतावनी दी।
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प्रधानों-सचिवों के घोटालों पर पर्दा डालने का अभिलेखों में चल रहा खेल डीएम ने पकड़ा
विकास भवन में छापेमारी के दौरान तलब की फाइलें तो उजागर हुआ मामला
रिटायर्ड सचिव की पेंशन रोकने और तीन के खिलाफ एफआईआर कराने के दिए निर्देश
गुस्साए डीएम डीपीआरओ से बोले-पंचायत विभाग में नहीं चलने देंगे यह सब गोरखधंधा
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। घोटाले से संबंधित मामलों में प्रधानों और सचिवों पर कार्रवाई के नाम पर अभिलेखों में चल रहा खेल डीएम ने विकास भवन में निरीक्षण के दौरान पकड़ लिया। डीपीआरओ कार्यालय में डीएम ने करीब तीन घंटे प्रधानों और सचिवों से संबंधित अभिलेख खंगाले। उपस्थिति और सर्विस बुक चेक की। इनमें तमाम खामियां मिलीं। घोटाले का आरोप सिद्ध होने पर भी कार्रवाई नहीं करने पर डीपीआरओ को फटकार लगाई। कहा- यह सब गोरखधंधा नहीं चलेगा। तीन सचिवों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए। डीपीआरओ समेत दो का स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
जिला पंचायतीराज विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। घोटाले में फंसे प्रधानों और सचिवों को निलंबित करने के बाद सेटिंग करके बहाल करने का खेल तो लंबे समय से चल रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के वार रूम में तैनात कर्मचारी तो फील्ड में जाकर सत्यापन आदि की कागजी कार्रवाई कार्यालय में बैठकर ही पूरी कर लेते हैं। इसी तरह की तमाम शिकायतें आए दिन अफसरों तक पहुंचती है, लेकिन बुधवार को विकास भवन पहुंचे डीएम भी हकीकत से वाकिफ हो गए। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने तीन घंटे डीपीआरओ कार्यालय में बैठकर प्रधानों और सचिवों पर हुई कार्रवाई से संबंधित फाइलें देखीं। प्रधानमंत्री आवास से लेकर शौचालय, विकास कार्य में गड़बड़ी के आरोप सिद्ध होने पर घोटालेबाज सचिवों और प्रधानों को अभयदान देने पर डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव से नाराजगी जताई। मरौरी के बिठौरा कलां के सचिव राजा तोमर, बीसलपुर में तैनात रहे अनिल कुमार और चंद दिन पहले रिटायर्ड हुए घोटालेबाज सचिव राजवंदन की पेंशन रोकने के साथ ही सभी पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
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ग्राम पंचायत में रिक्त पद पर क्यों नहीं कराया चुनाव !
अभिलेखों के खंगालने पर पता चला कि ललौरीखेड़ा की ग्रापं कैंच में लंबे समय से प्रधान का पद रिक्त पड़ा है। इसका पता चलने पर डीएम का पारा चढ़ गया। डीपीआरओ डीएम के एक भी सवाल का सटीक जवाब नहीं दे सके। डीएम ने कहा हाल ही ग्राम प्रधान के रिक्त पद पर हुए चुनाव में गांव का नाम क्यों नहीं भेजा गया।
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प्रधान पर दिए कार्रवाई के निर्देश
बरखेड़ा की ग्राम पंचायत नवादा महेश प्रकरण करीब एक साल पुराना है। खास बात यह है कि शिकायत पर डीपीआरओ जांच के लिए गांव पहुंचे थे। यहां शिकायकर्ता को आरोपी प्रधान व उसके सहयोगियों ने पीट दिया था। इस मामले में डीपीआरओ ने कार्रवाई का दावा किया लेकिन बाद में मामला सांठगांठ कर रफा दफा कर दिया। जांच दबाए जाने का पता चलने पर डीएम ने जब डीपीआरओ से फाइल मांगी तो वह नहीं दिखा। स्थानांतरण रजिस्टर भी नहीं मिला। डीएम ने तत्काल प्रधान पर कार्रवाई नहीं होने पर चेतावनी दी।