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पीलीभीत-बरेली हाईवे- लोग गंवा रहे जान, प्रशासन अब भी हाईवे के खतरों से अनजान

Tue, 30 Jul 2019 02:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 02:47 AM IST
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Civic Amenities
पीलीभीत। सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। वाहन चालकों के नियमों की अनदेखी करना तो वजह है ही, लेकिन कहीं न कहीं सिस्टम भी हादसों को लिए बराबर का जिम्मेदार है। पीलीभीत-बरेली हाईवे पर दो दिन पूर्व हुए हादसे में एक परिवार के सात लोगों की मौत हो जाने के बाद जिम्मेदारों ने आनन-फानन में घटना स्थल पर लगे मिट्टी के ढेर को हटवा कर अधूरी पुलिया का तो निर्माण शुरू करा दिया, लेकिन अब भी कई जगह हाईवे की स्थिति खतरनाक है। लंबे समय से अधूरे पड़े हाईवे के निर्माण को लेकर अफसर गंभीर नहीं हो रहे हैं।
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केंद्र और प्रदेश सरकार राहगीरों की सुविधा और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे में तब्दील कर व्यवस्थाओं को बेहतर करने के प्रयास में है, लेकिन कार्य के प्रति जिम्मेदारों की लापरवाही इस पर भारी पड़ रही है। यही वजह है कि पीलीभीत-बरेली हाईवे को एनएच का दर्जा मिले कई साल हो गए, लेकिन कार्य आज भी अधूरा पड़ा है। करीब पौने तीन अरब की लागत से इस कार्य को एनएचएआई की देखरेख में वीआईएल कंपनी ने शुरू किया था जो कुछ समय बाद ठप हो गया। लंबा समय बीतने के बाद भी काम फिर से शुरू नहीं हो पाया है।
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दो साल में पूरा करना था कार्य, डेढ़ साल से पड़ा है ठप
कार्यदायी संस्था को इस कार्य को पूरा करने के लिए दो साल का समय दिया गया था। जिसमें मार्ग का चौड़ीकरण व नई पुलियों का निर्माण भी शामिल था। शरुआत में तो कार्य में तेजी देखी गई, लेकिन धीरे-धीरे गति के धीमा होने के साथ कार्यदायी संस्था प्रोजेक्ट ही छोड़ गई।
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न बन सकीं पुलिया, न रोड सेफ्टी के हो सके कार्य
कार्य ठप होने के बाद वर्तमान में हाईवे में स्थिति यह है कि कई पुलियां भी अधूरी पड़ी हैं। कही मार्ग के आधे हिस्से पर कार्य तो आधा हिस्सा जर्जर है। इसके अलावा डिवाइडर की स्थिति भी बदतर है। रोड सेफ्टी के नाम पर भी कुछ नहीं किया जा सका है। ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम होने के बजाए लगातार बढ़ रही है।


हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे दे रहे हादसों को दावत
कहने को तो पीलीभीत-बरेली मार्ग को नेशनल हाईवे का दर्जा मिल गया, लेकिन स्थिति बिल्कुल विपरीत है। कार्य न होने के चलते हाईवे पर जगह-जगह गड्ढें हो गए है। तेज स्पीड में चल रहे वाहन के सामने अचानक गहरा गड्ढा आ जाने से चालक भी संतुलन खो देता है। यही वजह है कि इस हाईवे पर हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

 
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