{"_id":"5de5535a8ebc3e54cf09d3bb","slug":"civcamenities-pilibhit-news-bly3864586113","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिषदीय स्कूलों के न्यूट्र्रिशन गार्डेन में उगाई जाएंगी सब्जियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिषदीय स्कूलों के न्यूट्र्रिशन गार्डेन में उगाई जाएंगी सब्जियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। परिषदीय स्कूलों की खाली जमीन अब न्यूट्रिशन गार्डेन तैयार करके फल और सब्जियां उगाई जाएंगी। इन्हें खासतौर से मिड-डे मील (एमडीएम) में इस्तेमाल किया जाएगा। इस बारे में अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार के आदेश मिलने के बाद जिले में इसकी कवायद भी शुरू कर दी गई है।
स्कूल में न्यूट्रिशन गार्डेन की स्थापना का उद्देश्य भले ही विद्यालयों में खाली जमीन का सदुपयोग करना है, लेकिन इसके साथ ही बच्चों को फलों और सब्जियों के बारे में जानकारी देना और किस सब्जी में कौन सा पोषक तत्व पाया जाता है, इसकी भी जानकारी देना है। इसके साथ ही गार्डेन में पैदा की जाने वाली सब्जियों का इस्तेमाल कर एमडीएम को और अधिक पोषक बनाना है। न्यूट्रिशन गार्डेन का विकास शिक्षकों के साथ बच्चों और अभिभावकों के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि लोगों में मिलजुल कर काम करने की भावना का विकास हो। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में काफी जमीन है। जिस पर न्यूट्रिशन गार्डेन विकसित किया जाएगा। इसके संचालन के लिए सरकार विद्यालयों को प्रतिवर्ष पांच हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराएगी। इधर विभाग ने इसको लेकर कुछ स्कूलों में कवायद भी शुरू कर दी है।
जिला स्तर पर बीएसए न्यूट्रिशन गार्डेन योजना के नोडल अधिकारी होंगे। विकास खंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। इनके माध्यम से न्यूट्रिशन गार्डेन के विकास के लिए ग्राम्य विकास, पंचायती राज, उद्यान, कृषि, वन, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में समन्वय स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर जिन परिषदीय विद्यालयों में न्यूट्रिशन गार्डेन के लिए जमीन है। वहां पर गार्डेन को विकसित करने को कहा गया है। इस बाबत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। - देवेंद्र स्वरूप, बीएसए
विज्ञापन
स्कूल में न्यूट्रिशन गार्डेन की स्थापना का उद्देश्य भले ही विद्यालयों में खाली जमीन का सदुपयोग करना है, लेकिन इसके साथ ही बच्चों को फलों और सब्जियों के बारे में जानकारी देना और किस सब्जी में कौन सा पोषक तत्व पाया जाता है, इसकी भी जानकारी देना है। इसके साथ ही गार्डेन में पैदा की जाने वाली सब्जियों का इस्तेमाल कर एमडीएम को और अधिक पोषक बनाना है। न्यूट्रिशन गार्डेन का विकास शिक्षकों के साथ बच्चों और अभिभावकों के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि लोगों में मिलजुल कर काम करने की भावना का विकास हो। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में काफी जमीन है। जिस पर न्यूट्रिशन गार्डेन विकसित किया जाएगा। इसके संचालन के लिए सरकार विद्यालयों को प्रतिवर्ष पांच हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराएगी। इधर विभाग ने इसको लेकर कुछ स्कूलों में कवायद भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
जिला स्तर पर बीएसए न्यूट्रिशन गार्डेन योजना के नोडल अधिकारी होंगे। विकास खंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। इनके माध्यम से न्यूट्रिशन गार्डेन के विकास के लिए ग्राम्य विकास, पंचायती राज, उद्यान, कृषि, वन, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में समन्वय स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर जिन परिषदीय विद्यालयों में न्यूट्रिशन गार्डेन के लिए जमीन है। वहां पर गार्डेन को विकसित करने को कहा गया है। इस बाबत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। - देवेंद्र स्वरूप, बीएसए