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सिटी हॉस्पिटल बंद करने के आदेश, सीएमओ बोले नहीं बंद किया तो बल पूर्वक लगवा देंगे ताला
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पीलीभीत। सीएमओ ने निरंजनकुंज स्थित सिटी हॉस्पिटल को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। संचालक से कहा कि वह खुद हॉस्पिटल बंद कर लें नहीं तो बलपूर्वक ताला लगवा दिया जाएगा। वहीं पंजीकरण के नोडल अधिकारी को अगले आदेशों तक नवीनीकरण पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
सिटी हॉस्पिटल को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। कहा गया था कि बिना डिग्री के डॉक्टर अस्पताल में इलाज कर रहे हैं। इस डॉक्टर के नाम पंजीकरण है वह अस्पताल में नहीं बैठते। शासन के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. हरिदत्त नैमी ने अस्पताल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। इस दौरान संचालक एमके पाठक के पास कोई वैध डिग्री नहीं मिली। अस्पताल का पंजीकरण डॉ. सुुुुधांशु के नाम मिला जो लखनऊ में रहते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज को लेकर जब जानकारी की गई तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। एमके पाठक स्पष्टीकरण में भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
इस पर एसीएमओ ने अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की थी। रिपोर्ट मिलने के पंद्रह दिन बाद भी सीएमओ ने मामले में कार्रवाई नहीं की। हालांकि गुरुवार को सीएमओ ने कार्रवाई को कदम बढ़ाया। अस्पताल के प्रबंधक एमके पाठक को आदेश जारी किया कि वह खुद अस्पताल के बोर्ड हटा लें। अस्पताल बंद कर लें। अगर उन्होंने अस्पताल बंद नहीं किया तो बलपूर्वक बंद करा जाएगा। बता दें सिटी अस्पताल कई वर्षों से इसी तरह से संचालित है। शासन में हुई शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और अब कार्रवाई हो रही है। इधर, सिटी अस्पताल के संचालक एमके पाठक से इस बारे में संपर्क करने का प्रयास किया पर संपर्क नहीं हो सका।
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सिटी हॉस्पिटल के संचालक को अस्पताल बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अगर वह स्वयं अस्पताल बंद नहीं करते तो बलपूर्वक अस्पताल सील कर दिया जाएगा। संचालक को एक सप्ताह का वक्त दिया है। दूसरी तरफ पंजीकरण के नोडल अधिकारी को अस्पताल का नवीनीकरण रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। - डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ
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सिटी हॉस्पिटल को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। कहा गया था कि बिना डिग्री के डॉक्टर अस्पताल में इलाज कर रहे हैं। इस डॉक्टर के नाम पंजीकरण है वह अस्पताल में नहीं बैठते। शासन के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. हरिदत्त नैमी ने अस्पताल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। इस दौरान संचालक एमके पाठक के पास कोई वैध डिग्री नहीं मिली। अस्पताल का पंजीकरण डॉ. सुुुुधांशु के नाम मिला जो लखनऊ में रहते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज को लेकर जब जानकारी की गई तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। एमके पाठक स्पष्टीकरण में भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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इस पर एसीएमओ ने अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की थी। रिपोर्ट मिलने के पंद्रह दिन बाद भी सीएमओ ने मामले में कार्रवाई नहीं की। हालांकि गुरुवार को सीएमओ ने कार्रवाई को कदम बढ़ाया। अस्पताल के प्रबंधक एमके पाठक को आदेश जारी किया कि वह खुद अस्पताल के बोर्ड हटा लें। अस्पताल बंद कर लें। अगर उन्होंने अस्पताल बंद नहीं किया तो बलपूर्वक बंद करा जाएगा। बता दें सिटी अस्पताल कई वर्षों से इसी तरह से संचालित है। शासन में हुई शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और अब कार्रवाई हो रही है। इधर, सिटी अस्पताल के संचालक एमके पाठक से इस बारे में संपर्क करने का प्रयास किया पर संपर्क नहीं हो सका।
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सिटी हॉस्पिटल के संचालक को अस्पताल बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अगर वह स्वयं अस्पताल बंद नहीं करते तो बलपूर्वक अस्पताल सील कर दिया जाएगा। संचालक को एक सप्ताह का वक्त दिया है। दूसरी तरफ पंजीकरण के नोडल अधिकारी को अस्पताल का नवीनीकरण रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। - डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ