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न नक्शा न प्लान, कॉलोनी बनाकर फंसाने जा रहे थे पब्लिक को
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पीलीभीत। शहर के अंदर विनियमित क्षेत्र में नक्शा स्वीकृत कराए बिना बनाई जा रही चार कॉलोनियों में प्रशासन ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। इन कॉलोनी में इस समय हालांकि प्लॉटिंग का ही काम चल रहा था। विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की टीम के सर्वे करने के बाद इन चारों कॉलोनी में निर्माण पर रोक लगाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी किए हैं। इसके बाद अब ये कॉलोनाइजर नेताओं से सिफारिश डलवाकर अफसरों पर कार्रवाई न करने का दबाव डलवाने में लग गए हैं।
नगर पालिका परिषद की सीमा के अंदर व्यवस्थित विकास की जिम्मेदारी विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की है। सिटी मजिस्ट्रेट के अधीन इस विभाग का काम 2011 के मास्टर प्लान के हिसाब से शहर का विकास करवाना है। मगर, शहर के अनाधिकृत कॉलोनाइर विनियमित क्षेत्र के नियमों को दरकिनार कर शहर के बाहरी इलाकों में कृषि योग्य जमीन खरीदकर उसकी अनाधिकृत प्लाटिंग कर कॉलोनी बसाने का करोड़ों रुपये का धंधा करते चले आ रहे हैं। इससे राजस्व को हर महीने लाखों का चूना लग रहा है। आवासीय भवन, कामर्शियल मकानों के अलावा कांप्लेक्स, होटल, बरातघरों के निर्माण में भी नियम पालन नहीं किए जा रहे हैं। विनियमित क्षेत्र की टीम ने शहर में सर्वे कर अभी फिलहाल चार कॉलोनाइरों को अनाधिकृत प्लाटिंग करते हुए चिह्नित किया है। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से इनको नोटिस जारी किए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार, विनियमित क्षेत्र का नक्शा स्वीकृत कराए बिना हुए अब्दुल पुत्र इलाही बख्श सिविल लाइंस नार्थ (पीलीभीत मुश्तकिल) में, निर्मल सिंह नौगवां पकड़िया में, नरेंद्र कुमार गणपतिधाम कॉलोनी में और गुरुवीर सिंह माधोटांडा रोड पर चिड़ियादाह में अनाधिकृत प्लॉटिंग कर रहे थे।
विनियमित क्षेत्र का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए कॉलोनाइजर को राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, लोक निर्माण विभाग, फायर ब्रिगेड सहित अन्य विभागों से एनओसी लेनी पड़ती है। उसकी जांच पड़ताल कर विभागीय अधिकारी निर्धारित शुल्क जमा करवाकर नक्शा पास करते हैं। किसी भी नियम का पालन नहीं हो रहा है। किसी विभाग से एनओसी नहीं ली गई।
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वैध कॉलोनी निर्माण के लिए कॉलोनाइजर को रियल एस्टेट रेग्यूलेटिंग एक्ट रेरा में पंजीकृत होना आवश्यक है। इसके साथ ही शहरी भूमि सीमा अधिनियम के तहत अनापत्ति नगर और ग्राम निवेश अधिनियम के तहत अनापत्ति, संबंधित तहसीलदार अथवा नजूल अधिकारी से अनापत्ति, भू राजस्व संहिता के तहत अनुविभागीय अधिकारी से अनापत्ति तथा भूखंड क्षेत्र की सीमांकन रिपोर्ट आवश्यक है।
चार कॉलोनाइजरों को बिना नक्शा स्वीकृत कराए अवैध प्लाटिंग करने पर नोटिस जारी किए गए हैं। इनका जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - बीएस सिंह, अवर अभियंता, विनियिमत क्षेत्र
अनाधिकृत तरीके से प्लाटिंग करने वालों या कॉलोनियों का निर्माण करने वाले कॉलोनाइजरों को नोटिस भेजे गए हैं। उन्हें दस दिन का समय दिया गया है। नोटिस का जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई जाएगी। -ऋतु पुनिया, सिटी मजिस्ट्रेट
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नगर पालिका परिषद की सीमा के अंदर व्यवस्थित विकास की जिम्मेदारी विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की है। सिटी मजिस्ट्रेट के अधीन इस विभाग का काम 2011 के मास्टर प्लान के हिसाब से शहर का विकास करवाना है। मगर, शहर के अनाधिकृत कॉलोनाइर विनियमित क्षेत्र के नियमों को दरकिनार कर शहर के बाहरी इलाकों में कृषि योग्य जमीन खरीदकर उसकी अनाधिकृत प्लाटिंग कर कॉलोनी बसाने का करोड़ों रुपये का धंधा करते चले आ रहे हैं। इससे राजस्व को हर महीने लाखों का चूना लग रहा है। आवासीय भवन, कामर्शियल मकानों के अलावा कांप्लेक्स, होटल, बरातघरों के निर्माण में भी नियम पालन नहीं किए जा रहे हैं। विनियमित क्षेत्र की टीम ने शहर में सर्वे कर अभी फिलहाल चार कॉलोनाइरों को अनाधिकृत प्लाटिंग करते हुए चिह्नित किया है। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से इनको नोटिस जारी किए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार, विनियमित क्षेत्र का नक्शा स्वीकृत कराए बिना हुए अब्दुल पुत्र इलाही बख्श सिविल लाइंस नार्थ (पीलीभीत मुश्तकिल) में, निर्मल सिंह नौगवां पकड़िया में, नरेंद्र कुमार गणपतिधाम कॉलोनी में और गुरुवीर सिंह माधोटांडा रोड पर चिड़ियादाह में अनाधिकृत प्लॉटिंग कर रहे थे।
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विनियमित क्षेत्र का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए कॉलोनाइजर को राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, लोक निर्माण विभाग, फायर ब्रिगेड सहित अन्य विभागों से एनओसी लेनी पड़ती है। उसकी जांच पड़ताल कर विभागीय अधिकारी निर्धारित शुल्क जमा करवाकर नक्शा पास करते हैं। किसी भी नियम का पालन नहीं हो रहा है। किसी विभाग से एनओसी नहीं ली गई।
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वैध कॉलोनी निर्माण के लिए कॉलोनाइजर को रियल एस्टेट रेग्यूलेटिंग एक्ट रेरा में पंजीकृत होना आवश्यक है। इसके साथ ही शहरी भूमि सीमा अधिनियम के तहत अनापत्ति नगर और ग्राम निवेश अधिनियम के तहत अनापत्ति, संबंधित तहसीलदार अथवा नजूल अधिकारी से अनापत्ति, भू राजस्व संहिता के तहत अनुविभागीय अधिकारी से अनापत्ति तथा भूखंड क्षेत्र की सीमांकन रिपोर्ट आवश्यक है।
चार कॉलोनाइजरों को बिना नक्शा स्वीकृत कराए अवैध प्लाटिंग करने पर नोटिस जारी किए गए हैं। इनका जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - बीएस सिंह, अवर अभियंता, विनियिमत क्षेत्र
अनाधिकृत तरीके से प्लाटिंग करने वालों या कॉलोनियों का निर्माण करने वाले कॉलोनाइजरों को नोटिस भेजे गए हैं। उन्हें दस दिन का समय दिया गया है। नोटिस का जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई जाएगी। -ऋतु पुनिया, सिटी मजिस्ट्रेट