{"_id":"6988ecdcabeeb493600066d7","slug":"cheating-of-rs-15-lakh-in-the-name-of-getting-job-in-railways-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-153457-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लाख की ठगी
विज्ञापन
आवास योजना का मकान भी हड़पा, एसपी के आदेश पर तीन के खिलाफ रिपोर्ट
पीलीभीत। रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी के मामले में शनिवार को पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
कोतवाली क्षेत्र के देशनगर निवासी इमरान ने एसपी के आदेश पर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि भूरे खां निवासी आरोपी मो. मोहसिन ने उसे रेलवे में बुकिंग क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और अगस्त 2022 में 15 लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि मोहसिन के कहने पर उसने 1.89 लाख रुपये बरेली के पंकज जैसवाल को दे दिए। इसके बाद बकाया करीब 13 लाख रुपये की मांग की गई, जिसे देने में असमर्थता जताने पर आरोपी ने दबाव बनाना शुरू किया।
आरोप है कि मोहसिन ने कहा कि केजीएन कॉलोनी, पीलीभीत में आवास योजना के तहत बने उसके मकान को अपने ससुर रायबरेली के मो. नजम के नाम करा देने पर वह शेष रुपये जमा कर नौकरी लगवा देगा और नौकरी मिलने के बाद लोन दिलाकर मकान वापस करा देगा। आरोप है कि धन की व्यवस्था न होने पर उसने मजबूरी में आवास योजना का मकान मो. नजम के नाम कर दिया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही पैसा या मकान वापस किया गया, जिसकी कीमत 13 रुपये के आसपास है। पीड़ित का आरोप है कि मो. मोहसिन, मो. नजम और पंकज जैसवाल ने मिलकर उसके साथ ठगी की है। थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। संवाद
विज्ञापन
पीलीभीत। रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी के मामले में शनिवार को पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
कोतवाली क्षेत्र के देशनगर निवासी इमरान ने एसपी के आदेश पर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि भूरे खां निवासी आरोपी मो. मोहसिन ने उसे रेलवे में बुकिंग क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और अगस्त 2022 में 15 लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि मोहसिन के कहने पर उसने 1.89 लाख रुपये बरेली के पंकज जैसवाल को दे दिए। इसके बाद बकाया करीब 13 लाख रुपये की मांग की गई, जिसे देने में असमर्थता जताने पर आरोपी ने दबाव बनाना शुरू किया।
आरोप है कि मोहसिन ने कहा कि केजीएन कॉलोनी, पीलीभीत में आवास योजना के तहत बने उसके मकान को अपने ससुर रायबरेली के मो. नजम के नाम करा देने पर वह शेष रुपये जमा कर नौकरी लगवा देगा और नौकरी मिलने के बाद लोन दिलाकर मकान वापस करा देगा। आरोप है कि धन की व्यवस्था न होने पर उसने मजबूरी में आवास योजना का मकान मो. नजम के नाम कर दिया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही पैसा या मकान वापस किया गया, जिसकी कीमत 13 रुपये के आसपास है। पीड़ित का आरोप है कि मो. मोहसिन, मो. नजम और पंकज जैसवाल ने मिलकर उसके साथ ठगी की है। थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। संवाद
विज्ञापन