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Pilibhit News: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन, बंगाली लोगों में खुशी

Sun, 15 Feb 2026 01:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 01:27 AM IST
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Change of power in Bangladesh, Bengali people happy
अधीर विश्वास
कलीनगर। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के हटने और नई सरकार के गठन के बाद जिले की तराई पट्टी में बसे बंगाली बहुल इलाकों में खुशी और राहत का माहौल देखने को मिल रहा है। दुकानों, होटलों और चौपालों पर दिनभर इसी विषय को लेकर चर्चाएं होती रहीं और लोगों ने नए सियासी बदलाव से बेहतर हालात की उम्मीद जताई।
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जनपद की कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा डैम की तलहटी में बसे बंगाली विस्थापित परिवारों में भी बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन को लेकर खासा उत्साह देखा गया। ये वे परिवार हैं, जो वर्ष 1960 से 1971 के बीच पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से भारत आकर बसे थे। सत्ता परिवर्तन की खबर मिलते ही शनिवार को तराई क्षेत्र में बंगाली समाज के लोग बांग्लादेश की राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चा करते नजर आए। विस्थापित परिवारों का कहना है कि 1954-55 और फिर 1960-65 के दौरान जब पूर्वी पाकिस्तान में हालात बिगड़ने लगे थे, तब भारत सरकार ने उन्हें शरण दी। उस समय खेती के लिए जमीन, रहने के लिए घर और आजीविका के साधन उपलब्ध कराए गए। 1971 में बांग्लादेश की आजादी के दौरान अत्याचारों से परेशान होकर बड़ी संख्या में लोग भारत पहुंचे थे।
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लोगों को उम्मीद है कि नई बनने वाली रहमान सरकार सभी जाति-धर्म और समुदायों को साथ लेकर चलेगी और बांग्लादेश में हालात में सुधार आएगा, जिससे वहां रहने वाले बंगाली भाइयों को राहत मिलेगी। संवाद
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- हम पूर्वी पाकिस्तान में रहते थे। पूर्वी पाकिस्तान में भी बहुत अत्याचार सहन किए। अब सत्ता परिवर्तन के बाद हालत में सुधार होने की उम्मीद है।
-अधीर विश्वास, महाराजपुर
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हम लोगों ने पूर्वी पाकिस्तान से लेकर और उसके बाद तक का जुल्म देखा है। लूटपाट-मारपीट के कारण समय से खाना भी नहीं खा पाते थे। भारत आने के बाद यहां आकर बस गए। हालांकि बांग्लादेश की गतिविधियों पर नजर रहती थी। अब उम्मीद हैं वहां के हालात बेहतर होंगे।

- सुबल सील, महाराजपुर, पीलीभीत
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चार साल की उम्र में परिवार के साथ भारत आए। परिजनों से बांग्लादेश के बारे में सुनते थे। वहां की गतिविधियोंं को भी विभिन्न माध्यमों से देखते और सुनते थे। वहां लोगों ने काफी दुख सहन किया। अब उम्मीद है राहत मिलेगी।
- अजीत मंडल, पूर्व प्रधान

अधीर विश्वास

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