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उम्मीदारी तय करने से पहले चल रहा जातीय मंथन

Sat, 22 Jan 2022 12:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jan 2022 12:07 AM IST
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castwise calculation by political parties
पीलीभीत। अपने जिले में मतदान चौथे चरण (23 फरवरी) में है। बरखेड़ा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को छोड़ दें तो बाकी पार्टियों ने चारों विधानसभा सीटों पर अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। खासतौर से सपा, बसपा और भाजपा एक दूसरे के उम्मीदवार देखकर कर ही अपने पत्ते खोलना चाहते हैं, इसमें बड़ी वजह है जातीय समीकरण। इस समय लगभग सभी पार्टियां जातीय समीकरण पर मंथन करने में जुटी हैं ताकि सियासी लड़ाई में मजबूती से दावेदारी पेश कर जीत का परचम लहराया जा सके। बूथ स्तर पर टीमें लगाकार गांव तक के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। किस बूथ पर किस जाति के वोट ज्यादा हैं उनकी पूरी सूची तक कार्यालयों पर तैयार कर ली गई है।
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सदर तहसील की बात करें तो मुस्लिम और कुर्मी वोट का प्रतिशत ज्यादा है। पूरनपुर सीट पर देखा जाए तो ब्राह्मण, लोध किसान, पासी , मुस्लिम की संख्या ठीकठाक है। साथ ही सिख और बंगाली मतदाताओं पर भी पार्टियों की नजर है। बीसलपुर और बरखेड़ा में भी जातीय समीकरण सियासी नजरिये से दिलचस्प हैं। सियासी जानकारों की माने तो कोई भी पार्टी इन समीकरणों को दरकिनार नहीं करने वाली। पूरनपुर सीट की लड़ाई इस बार ज्यादा दिलचस्प होती नजर आ रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा से जीत दर्ज करने वाले बाबू राम पासवान को सपा से विधायक रहे पीतमराम कड़ी टक्कर नहीं दे पाए थे। इस बार कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। पीलीभीत सदर सीट पर बीजेपी से जीत हासिल करने वाले संजय सिंह गंगवार को हाजी रियाज अहमद से कड़ी टक्कर मिली थी। इस बार उम्मीदवार तय करने में ही कड़ा मंथन हो रहा है।
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शहर से मुकाबले गांव में दिखता ज्यादा असर
जानकारों की माने तो शहर के मुकाबले गांवों में जात बिरादरी देखकर वोट करना ज्यादा हावी रहता है। इसके लिए आसान जरिया बनते हैं ग्राम प्रधान। कोविड के चलते रैलियों पर रोक है इसलिए पार्टियों ने प्रधानों को जिम्मेदारी सौंप रखी है। पीलीभीत की ज्यादातर सीटों पर ग्रामीण मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। इसलिए इसका सीधा प्रभाव पड़ता दिख रहा है। गांव में जिस बिरादरी के लोग ज्यादा हैं वहां ज्यादातर वोट उनके समझाएदार के बताने पर ही पड़ते हैं। कई गांव तो ऐसे हैं कि पूरा-पूरा गांव एकमत होकर अपनी जाति के उम्मीदवार को वोट करता है।
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किस विधानसभा में क्या है जातीय समीकरण
पीलीभीत सदर
कुल मतदाता-375568
जातीय मतदाता
कुर्मी - 68000
लोधी - 30000
सिख -12000
कश्यप - 18000
मौर्य - 18000
शर्मा - 5000
ब्राह्मण - 8000
बनिया - 6000
बाल्मीकि - 8000
सक्सेना - 10000
जाटव -12000
पासी - 3500
धोबी - 3000
प्रजापति - 4000
राठौर - 10000
ठाकुर - 1500
मुस्लिम - 140000
अन्य - 9244
-----------------------
बरखेड़ा विधानसभा
कुल मतदाता- 323178
लोध किसान- 110,000
मुस्लिम-48000
अनुसूचित जाति- 35000
सिख-15000
बंगाली -17000
मौर्य- 20000
सामान्य- 12000
यादव- 3000
कश्यप- 8000
भर्जी- 4000
अन्य- 40456
----
पूरनपुर विधानसभा
कुल मतदाता-383219
जाति मतदाता
ब्राह्मण- 42000
क्षत्रिय- 18000
बनिया- 8000
लोध किसान- 43000
पासी- 35000
जाटव- 27000
धोवी- 7000
मौर्या- 9000
यादव- 8500
कोरी- 2000
बाल्मीकि- 6000
धानुक- 3500
कुम्हार- 2000
बंजारा- 8000
बढ़ई- 5000
मुस्लिम- 67000
सिख- 22000
बंगाली- 28000
धीमर- 3500
जायसवाल- 3500
अन्य- 16000
--------------
बीसलपुर विधानसभा
कुल मतदाता- 358345
जातिय आंकड़े
कुर्मी- 40-45 हजार
किसान 20-25 हजार
लोध 15-17 हजार
ठाकुर 10-12 हजार
कश्यप 20-28 हजार
मौर्य 10-12 हजार
यादव 3500-40,00
बढ़ई 3000-3500
लुहार 1500-1600
कुम्हार 2500-2800
पाल 2500-2800
नाई 2200-2500
गुर्जर 1500-2000
सिख 4000-4500
जाटव 16000-18000
कोरी 8,000-10,000
धोबी 6000
धानुक 4500
पासी- 2800
बाल्मीकि- 2500
ब्राह्मण- 15000
बहेलिया 2000
स्वर्णकार 900
वैश्य 4000-5000
मुस्लिम-60000-65000
-नोट: सरकारी स्तर पर जातिगत गणना नहीं है। यह जातिगत अनुमानित आंकड़े क्षेत्रीय स्तर पर मिली जानकारी पर हैं।
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