Pilibhit News: साइबर ठगी के मामलों में बड़ी कार्रवाई, दो बैंक खाताधारकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
पीलीभीत में पुलिस के ऑपरेशन ब्रज के तहत की जा रही जांच में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के दो संदिग्ध बैंक खाते सामने आए हैं। पुलिस ने दोनों खाताधारकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पीलीभीत में पुलिस के ऑपरेशन ब्रज के तहत साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों की जांच में दो बैंक खाते संदिग्ध पाए गए। सुनगढ़ी थाना पुलिस ने दोनों खाताधारकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुनगढ़ी थाने में तैनात उपनिरीक्षक विष्णु सिंह सोलंकी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि थाना सुनगढ़ी पुलिस संदिग्ध बैंक खातों और एटीएम धारकों की सघन जांच कर रही है। पहले मामले में स्टेशन रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के एक एटीएम से जुड़े लेन-देन के विश्लेषण के दौरान आईडीबीआई बैंक, पीलीभीत शाखा में संचालित एक बैंक खाता जांच के दायरे में आया। यह खाता चरक के कुआं निवासी राजीव के नाम पर संचालित है।
पुलिस के अनुसार, 22 जनवरी को इस खाते में साइबर अपराध के माध्यम से 34 हजार रुपये और 15 हजार रुपये प्राप्त हुए थे। इस लेनदेन के संबंध में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत पहले से ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज है। जांच में आरोप है कि खाताधारक ने धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि अपने खाते में मंगवाने के बाद एटीएम एवं अन्य माध्यमों से निकाल ली।
दूसरा मामला बिहार से जुड़ा
दूसरा मामला बिहार के बगाहा जनपद से एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज साइबर धोखाधड़ी की शिकायत से जुड़ा है। इसकी जांच थाना सुनगढ़ी में तैनात उपनिरीक्षक विष्णु सिंह सोलंकी को सौंपी गई थी। जांच के दौरान पता चला कि पीलीभीत निवासी सैयद जियाउल हसन के नाम से बंधन बैंक की छतरी चौराहा शाखा में संचालित बैंक खाते में साइबर ठगी से जुड़े करीब तीन लाख रुपये जमा हुए थे।
पुलिस के अनुसार, बाद में यह राशि चेक के माध्यम से बैंक खाते से निकाल ली गई। दोनों मामलों में खाताधारकों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर थाना सुनगढ़ी पुलिस ने उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा ने बताया कि दोनों मामलों की विस्तृत विवेचना की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।