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Pilibhit News: मृतक आतंकियों पर केस दर्ज, एटीएस-एनआईए ने पूरनपुर में डाला डेरा
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पूरनपुर। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के तीनों आतंकियों के खिलाफ पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। एटीएस, एनआईए की टीम ने भी क्षेत्र में डेरा जमा लिया है। खुफिया एजेंसियां और पुलिस आतंकियों के पूरनपुर में आने का मकसद पता करने में जुटी है।
कोतवाल नरेश कुमार त्यागी की ओर से शहूर खुर्द कालानौर गुरदासपुर निवासी प्रताप सिंह उर्फ जसनप्रीत सिंह, आगवान गुरदासपुर निवासी वीरेंद्र सिंह उर्फ रवि, वादिया मोहल्ला कालौनौरी गुरदासपुर निवासी गुरविंदर सिंह के खिलाफ पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला कर फायरिंग करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना बीसलपुर कोतवाल संजीव शुक्ला को सौंपी गई है। बीसलपुर इंस्पेक्टर ने पूरनपुर कोतवाली पहुंचकर अभिलेख अपने कब्जे में लिए हैंं।
सोमवार को एडीजी रमित शर्मा, आईजी डॉ. राकेश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। अब एटीएस और एनआईए की टीम भी पूरनपुर पहुंच गई हैं। आतंकियों ने पूरनपुर में ही शरण क्यों ली, किससे जुड़े हैं तार आदि सवालों के जवाब ढूंढने शुरू कर दिए हैं।
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मुठभेड़ और क्षेत्र में आतंकियों की आवाजाही बनी चर्चा
पूरनपुर। खालिस्तानी समर्थक तीन आतंकियों के मारे जाने की घटना दूसरे दिन भी लोगों में चर्चा का विषय बनी रही। आतंकी पूरनपुर की क्यों आए। यहां किसी बड़ी घटना की साजिश तो नहीं रची जा रही थी। आतंकवादी क्षेत्र में किन स्थानों पर गए, किसके संपर्क में आए..लोग इन बातों पर चर्चा करते दिखे।
मुठभेड़ के बाद एक बार फिर 90 के दशक में पूरनपुर क्षेत्र में आतंकवाद चर्चा में है। उस समय युवा रहे लोग अपने परिजनों से आतंकवाद की बातें करते दिखे। दहशत के बीच का रहन-सहन जाना। बुजुर्गों से सुनी आतंकवाद की कहानियों पर गांवों और जगह-जगह एकत्र लोग दूसरे दिन भी चर्चा करते देखे गए। नगर पालिका कांप्लेक्स में एक प्रतिष्ठान पर मंगलवार को एकत्र हुए लोग घटना और आतंकवाद के दौर की बुजुर्गों से सुनी बातों पर चर्चा कर रहे थे।
ठाकुर प्रदीप सिंह मुखिया अपने बुजुर्गों से सुनी बातें बता रहे थे। वकील संजीव ने भी उस दौर की जानकारी साझा की। उनका कहना था कि खालिस्तानी आतंकवादी पूरनपुर ही क्यों आए, इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए। शकील सिद्दीकी का कहना था कि कई बार आतंकियों के शरण लेने की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस, प्रशासन को आतंकियों को शरण देने वाले लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। मुकेश, नितिश, शिवकुमार, राज शर्मा खुफिया एजेंसियों की मजबूती का तर्क दे रहे थे।
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कोतवाल नरेश कुमार त्यागी की ओर से शहूर खुर्द कालानौर गुरदासपुर निवासी प्रताप सिंह उर्फ जसनप्रीत सिंह, आगवान गुरदासपुर निवासी वीरेंद्र सिंह उर्फ रवि, वादिया मोहल्ला कालौनौरी गुरदासपुर निवासी गुरविंदर सिंह के खिलाफ पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला कर फायरिंग करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना बीसलपुर कोतवाल संजीव शुक्ला को सौंपी गई है। बीसलपुर इंस्पेक्टर ने पूरनपुर कोतवाली पहुंचकर अभिलेख अपने कब्जे में लिए हैंं।
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सोमवार को एडीजी रमित शर्मा, आईजी डॉ. राकेश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। अब एटीएस और एनआईए की टीम भी पूरनपुर पहुंच गई हैं। आतंकियों ने पूरनपुर में ही शरण क्यों ली, किससे जुड़े हैं तार आदि सवालों के जवाब ढूंढने शुरू कर दिए हैं।
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मुठभेड़ और क्षेत्र में आतंकियों की आवाजाही बनी चर्चा
पूरनपुर। खालिस्तानी समर्थक तीन आतंकियों के मारे जाने की घटना दूसरे दिन भी लोगों में चर्चा का विषय बनी रही। आतंकी पूरनपुर की क्यों आए। यहां किसी बड़ी घटना की साजिश तो नहीं रची जा रही थी। आतंकवादी क्षेत्र में किन स्थानों पर गए, किसके संपर्क में आए..लोग इन बातों पर चर्चा करते दिखे।
मुठभेड़ के बाद एक बार फिर 90 के दशक में पूरनपुर क्षेत्र में आतंकवाद चर्चा में है। उस समय युवा रहे लोग अपने परिजनों से आतंकवाद की बातें करते दिखे। दहशत के बीच का रहन-सहन जाना। बुजुर्गों से सुनी आतंकवाद की कहानियों पर गांवों और जगह-जगह एकत्र लोग दूसरे दिन भी चर्चा करते देखे गए। नगर पालिका कांप्लेक्स में एक प्रतिष्ठान पर मंगलवार को एकत्र हुए लोग घटना और आतंकवाद के दौर की बुजुर्गों से सुनी बातों पर चर्चा कर रहे थे।
ठाकुर प्रदीप सिंह मुखिया अपने बुजुर्गों से सुनी बातें बता रहे थे। वकील संजीव ने भी उस दौर की जानकारी साझा की। उनका कहना था कि खालिस्तानी आतंकवादी पूरनपुर ही क्यों आए, इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए। शकील सिद्दीकी का कहना था कि कई बार आतंकियों के शरण लेने की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस, प्रशासन को आतंकियों को शरण देने वाले लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। मुकेश, नितिश, शिवकुमार, राज शर्मा खुफिया एजेंसियों की मजबूती का तर्क दे रहे थे।

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।