फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Case against CO City, Kotwal and outpost incharge

Pilibhit News: सीओ सिटी, कोतवाल और चौकी इंचार्ज पर मुकदमा

Thu, 06 Apr 2023 01:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 06 Apr 2023 01:29 AM IST
विज्ञापन
Case against CO City, Kotwal and outpost incharge
-अदालत में आरोपी के शरीर पर चोटों का हिसाब नहीं दे पाए पुलिस अधिकारी
विज्ञापन


-बोले-आरोपी ने भागकर खंभे में बार-बार मारा माथा, अदालत ने माना मनगढ़ंत



संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत। एनडीपीएस एक्ट के अभियुक्त के शरीर पर सात-आठ चोटों का हिसाब अदालत में न दे पाने के बाद अदालत ने सीओ सिटी सतीश कुमार शुक्ला, शहर कोतवाल नरेश त्यागी व दरोगा राजीव कुमार चौहान के विरुद्ध मुकदमा (प्रकीर्ण वाद) दर्ज किया है। तलब किए गए इन तीनों लोगों के जवाब से विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) संतुष्ट नहीं हुए। पिटाई के आरोपों पर अब साक्ष्य के लिए 14 अप्रैल को जिला कारागार से अभियुक्त नासिर को तलब किया गया है।



कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मदीना शाह निवासी अभियुक्त नासिर ने जेल भेजे जाने से पहले अदालत में अपने शरीर पर चोटें दिखाते हुए पुलिस कर्मियों पर पिटाई का आरोप लगाया था। शिकायत पर अदालत ने सीओ सिटी, कोतवाली प्रभारी, मुकदमे के वादी और ठेका पुलिस चौकी प्रभारी राजीव कुमार चौहान को तलब किया था। विशेष न्यायाधीश चंद्र मोहन मिश्रा के न्यायालय में उपस्थित होकर तीनों ने अलग-अलग स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए। चोटों के बारे में पुलिसकर्मियों ने बताया कि नासिर ने दो-तीन बार भागने की कोशिश की। इसी दौरान अहमद शाह की मजार के समीप अपना माथा बार-बार सीमेंट के खंभे पर मारकर स्वयं को जख्मी कर लिया। इसके बहुत मुश्किल से हल्का बल प्रयोग करते हुए नासिर को पकड़ा गया।
विज्ञापन


जब अदालत ने पूछा कि फर्द में यह तथ्य क्यों नहीं है, इस पर पुलिस अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। तीनों पुलिस अधिकारियों ने जो नए तथ्य रखे, उनका उल्लेख भी फर्द बरामदगी में नहीं किया गया था। अदालत ने पुलिस के तर्क को मनगढ़ंत मानते हुए सीओ सिटी, कोतवाली प्रभारी और चौकी इंचार्ज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन




-------------



अदालत ने मांगा एक-एक चोट का हिसाब, पुलिस खामोश

आरोपी नासिर के चिकित्सीय परीक्षण के दौरान उसके शरीर पर आठ चोटों का उल्लेख किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने अपने स्पष्टीकरण में माथा खंभे में मारने की बात कही। इसे एक चोट का स्पष्टीकरण मान भी लिया जाए तो शरीर पर बाकी सात चोट कैसे लगीं। इस सवाल का जवाब पुलिस अधिकारी नहीं दे सके। इसी में पुलिस अधिकारी फंस गए। इतना ही नहीं पुलिस ने जीडी में नासिर के शरीर पर चार चोटें होने का उल्लेख किया था। चिकित्सीय परीक्षण में आठ चोटें होने का उल्लेख है। विशेष न्यायाधीश ने सवाल किया कि जब जीडी में समस्त चोटों का उल्लेख है तब चिकित्सीय परीक्षण के समय शरीर पर चार अतिरिक्त चोटें कैसे आ गईं। इससे साफ है कि उसके साथ मारपीट की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed