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Pilibhit News: 12 हजार से अधिक किसानों के प्राकृतिक खेती से जुड़ने की जागी उम्मीद
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पीलीभीत। जिले के सीमांत गांवों के अधिकतर लोगों का जीवन खेती किसानी पर ही निर्भर है। यहां के लोग प्राकृतिक खेती पर भी जोर दे रहे हैं। नवंबर में यहां भ्रमण पर आईं राज्यपाल ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही थी। अब केंद्र सरकार ने इस खेती को बढ़ावा देने के देश में एक करोड़ लोगों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने की घोषणा की है। इससे जिले के करीब 12 हजार से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ेंगे।
जनपद में धान, गेहूं और गन्ने का रकबा अधिक हैं। लेकिन प्राकृतिक खेती को लेकर भी किसानों में उत्सुकता देखी जाती है। जनपद के सीमावर्ती इलाके में डैम की तलहटी में बसी बंगाली बहुल आबादी के लोग प्राकृतिक खेती करते हैं। इस कार्य में महिलाओं की भागीदारी अधिक है। वर्षों की मेहनत के बाद दलदली भूमि को खेती योग्य बनाकर इन लोगों ने प्राकृतिक खेती शुरू की। बजट में सरकार की ओर से प्राकृतिक खेतों की बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। देश भर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने की बात कही गई है। देश के आठ सौ जिले हैं। ऐसे में पीलीभीत जिले से 12 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा।
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लंबे समय से प्राकृतिक खेती की पैदावार कर रहे हैं। राज्यपाल के दौरे के बाद हमारी मेहनत को अलग पहचान मिली। अब केंद्रीय बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का निर्णय लेने से काफी लाभ होगा।
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- ललिता राय, रमनगरा
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दलदली भूमि को खेती योग्य बनाकर प्राकृतिक खेती शुरू की। बिना खाद के विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगा रहे हैं। प्राकृतिक खेती करने के बाद इसे अच्छा बाजार मिल जाए तो कुछ बात बनें।
- रूपा सरकार
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तराई क्षेत्र के बंगाली बहुल इलाके की महिलाएं वर्षों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। हम लोग सब्जियों को दिल्ली ले जाकर बेचते हैं। आस पास अच्छी मंडी मिले तो काफी सुविधा होगी।
- माधुरी राहा, रमनगरा
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जनपद में धान, गेहूं और गन्ने का रकबा अधिक हैं। लेकिन प्राकृतिक खेती को लेकर भी किसानों में उत्सुकता देखी जाती है। जनपद के सीमावर्ती इलाके में डैम की तलहटी में बसी बंगाली बहुल आबादी के लोग प्राकृतिक खेती करते हैं। इस कार्य में महिलाओं की भागीदारी अधिक है। वर्षों की मेहनत के बाद दलदली भूमि को खेती योग्य बनाकर इन लोगों ने प्राकृतिक खेती शुरू की। बजट में सरकार की ओर से प्राकृतिक खेतों की बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। देश भर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने की बात कही गई है। देश के आठ सौ जिले हैं। ऐसे में पीलीभीत जिले से 12 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा।
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लंबे समय से प्राकृतिक खेती की पैदावार कर रहे हैं। राज्यपाल के दौरे के बाद हमारी मेहनत को अलग पहचान मिली। अब केंद्रीय बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का निर्णय लेने से काफी लाभ होगा।
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- ललिता राय, रमनगरा
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दलदली भूमि को खेती योग्य बनाकर प्राकृतिक खेती शुरू की। बिना खाद के विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगा रहे हैं। प्राकृतिक खेती करने के बाद इसे अच्छा बाजार मिल जाए तो कुछ बात बनें।
- रूपा सरकार
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तराई क्षेत्र के बंगाली बहुल इलाके की महिलाएं वर्षों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। हम लोग सब्जियों को दिल्ली ले जाकर बेचते हैं। आस पास अच्छी मंडी मिले तो काफी सुविधा होगी।
- माधुरी राहा, रमनगरा