फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   blood dobation camp

खून की कमी से नहीं होगी किसी की मौत, 14 को लगेगा रक्तदान शिविर

Fri, 11 Jun 2021 12:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jun 2021 12:20 AM IST
विज्ञापन
blood dobation camp
पीलीभीत। खून की कमी से किसी मरीज की जान नहीं जाएगी। इसी संकल्प के साथ अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। यहां जिला अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक में 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस पर शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न संस्थाओं के महादानी शामिल होंगे।
विज्ञापन

जिला अस्पताल ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. अनिल सिंह का कहना है कि कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले चार महीने में गिने चुने लोग ही रक्तदान करने आ रहे हैं। वर्तमान में ब्लड बैंक में सिर्फ 30 यूनिट ब्लड ही मौजूद हैं। जबकि प्रति माह 10 से 15 यूनिट थैलेसमिया और ब्लड कैंसर के मरीजों को बिना डोनर के दिया जाता है। इसके अलावा गंभीर मरीजों और दुर्घटना में घायल होने वाले मरीजों को ब्लड की जरूरत होती है।
विज्ञापन

विश्व रक्तदान दिवस पर स्वास्थ्य विभाग और अमर उजाला फाउंडेशन लोगों से अपील करता है कि वे 14 जून को होने वाले ब्लड बैंक में लगने वाले शिविर में पहुंचकर स्वेच्छा से रक्तदान करें, ताकि जरूरतमंदों की मदद की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक यूनिट रक्त से बचती हैं चार जिंदगियां
डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि रक्तदान करने से सिर्फ एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि एक यूनिट रक्त से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। क्योंकि एक यूनिट ब्लड के चार हिस्से कर दिए जाएं तो रेड ब्लड सेल और व्हाइट ब्लड सेल अलग-अलग हो जाएंगे। प्लाज्मा भी अलग हो जाएगा। इसके बाद वही ब्लड चार लोगों के काम आ सकता है। लगातार रक्तदान करने से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा नहीं रहता है। रक्तदान से खून में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होता।
कौन-कौन बन सकता है रक्तदानी
18 से 65 वर्ष की आयु के स्वस्थ्य व्यक्ति, जिनका हीमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत से ज्यादा और कम से कम 45 किलोग्राम वजन हो। अगर किसी व्यक्ति की शुगर 225 तक है और वह इंसुलिन नहीं लेता है तो रक्तदान कर सकता है।

नियमित रक्तदान के फायदे
- शरीर में खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है।
- रक्तदान से पहले जांच में शरीर की स्थिति पता चलती है।
- रक्तदान के बाद होने वाली खून की जांच में एचआईवी, एचवीएसजी, एचसीबी, वीडीआरएल, मलेरिया का पता चलता है। इनकी रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही रक्त का उपयोग किया जाता है। पॉजिटिव मिलने पर रिपोर्ट की गोपनीयता बरकरार रखते हुए रक्तदाता को इसकी जानकारी दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed