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बिलसंडा तो फर्जी अस्पतालों का अड्डा निकला, दो और सील

Thu, 14 Apr 2022 11:13 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 11:13 PM IST
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Bilsanda turned out to be the haunt of fake hospitals, two more seals
बिलसंडा के शीतल हास्पिटल में अभिलेख देखते हुए डॉक्टर। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत /बिलसंडा। मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जब जांच शुरू हुई तो एक से बढ़कर एक फर्जीवाड़े खुलकर सामने आ रहे हैं। अवैध रूप से संचालित दो अस्पतालों पर पहले कार्रवाई हो चुकी है। अब बुधवार को साईं अस्पताल और शीतल अस्पताल को सील कर दिया गया। इन अस्पतालों का भी पंजीकरण नहीं था। अवैध रूप से संचालन किया जा रहा था।
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कुछ दिन पहले बिलसंडा में अवैध रूप से संचालित धनवंतरि अस्पताल पर कार्रवाई हुई थी। अस्पताल को सील कर एफआईआर भी दर्ज करा दी गई। मंगलवार को बिलसंडा में ही अवैध रूप से संचालित श्री सिद्धिविनायक अस्पताल का मामला सामने आया था। बुधवार को नायब तहसीलदार हरिशंकर पटेल, सीएससी अधीक्षक डॉ. श्रीराम और एसआई अरुण कुमार टीम के साथ अस्पताल सील करने पहुंचे तो संचालक अस्पताल बंद करके भाग गए। क्षेत्र के कुछ अन्य अस्पतालों की भी शिकायत थी। अधिकारियों की टीम ने बुधवार को बीसलपुर मार्ग हाल ही में शुरू हुए शीतल अस्पताल पर छापा मारा। अस्पताल संचालक पंजीकरण नहीं दिखा सके। अस्पताल की वीडियोग्राफी कराई गई। उपकरणों की जानकारी दर्ज कर अस्पताल सील कर दिया। सीएससी अधीक्षक डॉ. श्रीराम का कहना है कि क्षेत्र में खुले नए अस्पतालों को नोटिस जारी कर दस्तावेज दिखाने को कहा गया था लेकिन किसी ने दस्तावेज नहीं दिखाए। अब इनका निरीक्षण किया जा रहा है। टीम ने इसके बाद ब्लॉक कार्यालय के सामने संचालित साईं अस्पताल में छापा मारा। अस्पताल के गेट पर लिखा था कि अस्पताल दो-तीन दिन के लिए बंद है, क्योंकि अस्पताल के पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों ने गेट खुलवाया तो अस्पताल में कई मरीज भर्ती मिले। यहां भर्ती मरीज महिला का बच्चा मृत मिला। उससे जानकारी ली गई तो पता चला कि मंजू पति जितेंद्र जिला शाहजहांपुर थाना पुवायां के गांव धारा निवासी है। महिला के पति जितेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई थी। इसके बाद उसे साईं अस्पताल में बुधवार दोपहर को ही भर्ती कराया। अधिक ब्लीडिंग होने पर डॉक्टर ने उसका प्रसव कराया लेकिन बच्चा मृत पैदा हुआ। अधिकारियों ने अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों से अस्पताल के अभिलेख मांगे तो वह नहीं दिखा पाए। अधिकारियों ने अस्पताल सील करा दिया।
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सीएमओ बोले, जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी पर होगी एफआईआर
सिद्धि विनायक अस्पताल को विभाग की तरफ से अभी सील नहीं किया गया है। एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई है। सीएमओ का कहना है कि अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है। बुधवार को टीम अस्पताल भेजी थी, लेकिन संचालक नहीं मिले। उनकी जानकारी जुटाकर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को साईं अस्पताल और शीतल अस्पताल को पंजीकरण न दिखा पाने के कारण टीम ने सील किया है। इनकी जांच रिपोर्ट देखने के बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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निलंबित बाबू ने नहीं दिया जवाब, अब अखबार में प्रकाशित कराया आरोप पत्र
सीएमओ ऑफिस के निलंबित लिपिक हीरेश सरन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। पांच दिन में बाबू को जवाब देना था, लेकिन उसने जवाब नहीं दिया। उसको डाक द्वारा भेजा गया नोटिस वापस आ गया। अब सीएमओ ने अखबार में आरोप पत्र प्रकाशित कराया है। वहीं अन्य बाबुओं की जांच भी सुस्त गति से चल रही है। बुधवार को शासन स्तर से कार्रवाई की जानकारी ली गई। विभाग में चर्चा थी कि जांच के घेरे में आए बाबू नीरज के मामले में जांचकर्ता से जवाब तलब किया गया है।

बिलसंडा के साईं हॉस्पिटल को सील करते कर्मचारी। संवाद

बिलसंडा के साईं हॉस्पिटल को सील करते कर्मचारी। संवाद- फोटो : PILIBHIT

 

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