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दो हजार से अधिक मृतकों के नाम चल रहा विद्युत कनेक्शन
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पीलीभीत/बीसलपुर। पावर कॉरपोरेशन बीसलपुर के उपकेंद्र पर 80 हजार विद्युत कनेक्शन धारक है। इनमें दो हजार से अधिक कनेक्शन मृतकों के नाम से चल रहे है। परिजन वर्षों से मृतक के नाम से बिजली का इस्तेमाल कर रहे है। पावर कॉरपोरशन ने उपभोक्ताओं का दोबारा सत्यापन नहीं कराया। परिजन भी इसकी सूचना अफसरों को देना उचित नहीं समझ रहे हैं। जिसके चलते बिलिंग में दिक्कत हो सकती है। घर बेचने या फिर शिफ्टिंग में भी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
पावर कॉरपोरेशन के अभिलेखों के अनुसार इस तहसील क्षेत्र में ग्रामीण और नगर क्षेत्र में कुल 80 हजार विद्युत कनेक्शन हैं। इनमें से 15 हजार कनेक्शन नगरीय और 65 हजार कनेक्शन ग्रामीण क्षेत्र में है। पावर कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक 80 हजार में से दो हजार से अधिक कनेक्शन मृतकों के नाम चल रहे हैं। विद्युत अधिनियम के अनुसार मृतकों के नाम विद्युत कनेक्शन नहीं चल सकते। नियमानुसार उपभोक्ताओं की मृत्यु होते ही उनके परिजनों को उपभोक्ता का मृत्यु प्रमाणपत्र और शपथ पत्र बनवाकर विद्युत उपकेंद्र कार्यालय में जमा करने के बाद उसका कनेक्शन अपने नाम स्थानांतरित करा लेना चाहिए, लेकिन आम तौर पर इस नियम का पालन नहीं किया जाता। परिजन उपभोक्ताओं की मृत्यु होने के बाद भी उनके नाम से आने वाले बिल जमा करते रहते हैं और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं देते हैं। विभाग के आला अफसर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे इस गलत काम को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। वैसे तो सभी गांवों में थोड़े बहुत मृत उपभोक्ता है लेकिन सर्वाधिक मृत उपभोक्ता नगरीय क्षेत्र में हैं।
परिजन विभाग को नहीं देते हैं जानकारी
मृत उपभोक्ताओं का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना, कनेक्शन कटवाना और नया कनेक्शन लेने में लोगों को काफी पापड़ बेलने पड़ते हैं। संभवत: इसी वजह से परिजन मृत उपभोक्ताओं की सूचना अधिकारियों को नहीं देते हैं। परिजन चुपचाप मृत उपभोक्ताओं के नाम आने वाले बिलों का भुगतान करते रहते हैं।
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बकाया होने पर ही होता है सत्यापन
एक्सईएन पीलीभीत ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि अगर कनेक्शन धारक की मौत हो जाती है, तो उसके परिजनों को मृत्यु प्रमाणपत्र और अदेय प्रमाणपत्र लेने के बाद कनेक्शन दूसरे के नाम कर दिया जाता है। किसी कनेक्शन पर बकाया होने या फिर अन्य समस्या पर ही सत्यापन कराया जाता है। जिसके नाम कनेक्शन है उस परिवार में अगर बिजली से कोई घटना होती है। इसके जिम्मेदार परिवार के सदस्य होते है। पावर कॉरपोरेशन की ओर से सत्यापन कराने के कोई निर्देश नहीं है।
बीसलपुर डिवीजन में कुल 80 हजार उपभोक्ता है। इनमें सभी का भुगतान लगातार हो रहा है। विभागीय अभिलेखों के अनुसार सभी उपभोक्ता जीवित है। यदि कुछ उपभोक्ताओं की मृत्यु हो गई है तो उनके परिजन सारी औपचारिकताएं पूरी कर विद्युत कनेक्शन अपने नाम स्थानांतरित करा सकते हैं। - अमित कुमार आनंद, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड बीसलपुर
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पावर कॉरपोरेशन के अभिलेखों के अनुसार इस तहसील क्षेत्र में ग्रामीण और नगर क्षेत्र में कुल 80 हजार विद्युत कनेक्शन हैं। इनमें से 15 हजार कनेक्शन नगरीय और 65 हजार कनेक्शन ग्रामीण क्षेत्र में है। पावर कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक 80 हजार में से दो हजार से अधिक कनेक्शन मृतकों के नाम चल रहे हैं। विद्युत अधिनियम के अनुसार मृतकों के नाम विद्युत कनेक्शन नहीं चल सकते। नियमानुसार उपभोक्ताओं की मृत्यु होते ही उनके परिजनों को उपभोक्ता का मृत्यु प्रमाणपत्र और शपथ पत्र बनवाकर विद्युत उपकेंद्र कार्यालय में जमा करने के बाद उसका कनेक्शन अपने नाम स्थानांतरित करा लेना चाहिए, लेकिन आम तौर पर इस नियम का पालन नहीं किया जाता। परिजन उपभोक्ताओं की मृत्यु होने के बाद भी उनके नाम से आने वाले बिल जमा करते रहते हैं और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं देते हैं। विभाग के आला अफसर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे इस गलत काम को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। वैसे तो सभी गांवों में थोड़े बहुत मृत उपभोक्ता है लेकिन सर्वाधिक मृत उपभोक्ता नगरीय क्षेत्र में हैं।
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परिजन विभाग को नहीं देते हैं जानकारी
मृत उपभोक्ताओं का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना, कनेक्शन कटवाना और नया कनेक्शन लेने में लोगों को काफी पापड़ बेलने पड़ते हैं। संभवत: इसी वजह से परिजन मृत उपभोक्ताओं की सूचना अधिकारियों को नहीं देते हैं। परिजन चुपचाप मृत उपभोक्ताओं के नाम आने वाले बिलों का भुगतान करते रहते हैं।
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बकाया होने पर ही होता है सत्यापन
एक्सईएन पीलीभीत ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि अगर कनेक्शन धारक की मौत हो जाती है, तो उसके परिजनों को मृत्यु प्रमाणपत्र और अदेय प्रमाणपत्र लेने के बाद कनेक्शन दूसरे के नाम कर दिया जाता है। किसी कनेक्शन पर बकाया होने या फिर अन्य समस्या पर ही सत्यापन कराया जाता है। जिसके नाम कनेक्शन है उस परिवार में अगर बिजली से कोई घटना होती है। इसके जिम्मेदार परिवार के सदस्य होते है। पावर कॉरपोरेशन की ओर से सत्यापन कराने के कोई निर्देश नहीं है।
बीसलपुर डिवीजन में कुल 80 हजार उपभोक्ता है। इनमें सभी का भुगतान लगातार हो रहा है। विभागीय अभिलेखों के अनुसार सभी उपभोक्ता जीवित है। यदि कुछ उपभोक्ताओं की मृत्यु हो गई है तो उनके परिजन सारी औपचारिकताएं पूरी कर विद्युत कनेक्शन अपने नाम स्थानांतरित करा सकते हैं। - अमित कुमार आनंद, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड बीसलपुर