{"_id":"66f1db2035800a67da0ac056","slug":"bc-operators-and-branch-manager-swindled-more-than-three-lakh-rupees-pilibhit-news-c-4-1-bly1009-487838-2024-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: बीसी संचालकों और शाखा प्रबंधक ने तीन लाख से अधिक रुपये हड़पे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: बीसी संचालकों और शाखा प्रबंधक ने तीन लाख से अधिक रुपये हड़पे
विज्ञापन
पूरनपुर। बड़ौदा यूपी बैंक के बीसी संचालकों ने 13 ग्राहकों के खाते में जमा करने के लिए दिए गए 3,02,277 रुपये जमा न कर हड़प लिए और कुछ दिन बाद बीसी सेंटर को बंद कर दिया। बैंक शाखा पहुंचने पर ग्राहकों को खाते में रकम जमा न होने की जानकारी मिली। पुलिस ने डीएम के आदेश पर बीसी संचालकों और शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
गांव पिपरिया दुलई निवासी कुंदनलाल की पत्नी कमला देवी ने बताया कि उसके अलावा गांव के 12 लोग बड़ौदा यूपी बैंक शाखा पिपरिया दुलई के खाता धारक हैं। गांव निवासी अनुराग मिश्रा और जूली गांव में बैंक शाखा की बीसी चलाते थे। वे लोग अपने खाते में रुपये जमा करने के लिए बीसी संचालकों को ही दे देते थे, तब बीसी संचालक पासबुक में हाथ से रुपये जमा होने की इंट्री कर देते थे।
उनका कहना है कि बैंक शाखा पहुंचकर खाते में जमा की गई राशि की जानकारी की तो प्रबंधक ने रकम जमा होने से इन्कार कर दिया। इधर, कुछ दिन बाद संचालकों ने बीसी को बंद कर दिया। तब खाते में रुपये जमा होने की जानकारी के लिए दोबारा शाखा पहुंचे। तब प्रबंधक ने बीसी के दो महीने पहले ही बंद होने और खाते में रुपये जमा न होने की जानकारी दी।
विज्ञापन
आरोप है कि बीसी संचालकों ने शाखा प्रबंधक से सांठगांठ कर उनके जमा किए गए 85 हजार, गांव निवासी छत्रपाल के 47 हजार, पूनम के 24,112, नन्हे लाल के 3,754, राजवीर के 17,119, गीता देवी के 25,654, कामनी के 14,338, दिनेश के 10 हजार, जुवा देवी के 20 हजार, माया देवी के 11,600, मंजू के 25,700, नन्हीं देवी के आठ हजार, नीरज के 10 हजार रुपये हड़प लिए। कोतवाल राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर पर बीसी संचालकों औरशाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन
गांव पिपरिया दुलई निवासी कुंदनलाल की पत्नी कमला देवी ने बताया कि उसके अलावा गांव के 12 लोग बड़ौदा यूपी बैंक शाखा पिपरिया दुलई के खाता धारक हैं। गांव निवासी अनुराग मिश्रा और जूली गांव में बैंक शाखा की बीसी चलाते थे। वे लोग अपने खाते में रुपये जमा करने के लिए बीसी संचालकों को ही दे देते थे, तब बीसी संचालक पासबुक में हाथ से रुपये जमा होने की इंट्री कर देते थे।
विज्ञापन
उनका कहना है कि बैंक शाखा पहुंचकर खाते में जमा की गई राशि की जानकारी की तो प्रबंधक ने रकम जमा होने से इन्कार कर दिया। इधर, कुछ दिन बाद संचालकों ने बीसी को बंद कर दिया। तब खाते में रुपये जमा होने की जानकारी के लिए दोबारा शाखा पहुंचे। तब प्रबंधक ने बीसी के दो महीने पहले ही बंद होने और खाते में रुपये जमा न होने की जानकारी दी।
विज्ञापन
आरोप है कि बीसी संचालकों ने शाखा प्रबंधक से सांठगांठ कर उनके जमा किए गए 85 हजार, गांव निवासी छत्रपाल के 47 हजार, पूनम के 24,112, नन्हे लाल के 3,754, राजवीर के 17,119, गीता देवी के 25,654, कामनी के 14,338, दिनेश के 10 हजार, जुवा देवी के 20 हजार, माया देवी के 11,600, मंजू के 25,700, नन्हीं देवी के आठ हजार, नीरज के 10 हजार रुपये हड़प लिए। कोतवाल राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर पर बीसी संचालकों औरशाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।