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Pilibhit News: विवाहिता की हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
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पीलीभीत। दहेज हत्या के आरोपी की जमानत याचिका सुनवाई के बाद सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। मामले को गंभीर प्रकृति का मानते हुए आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
अभियोजन के मुताबिक, थाना दियूरिया कलां में छह नवंबर 2025 को स्थानीय व्यक्ति मुकेश कुमार ने तहरीर देकर बताया था कि उसकी बहन संगीता देवी की शादी 2022 में राम सिंह उर्फ रामू नौवा नवीनगर से हुई थी। शादी के बाद पति व ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करते लगे। 5-6 नवंबर 2025 की रात पति व अन्य ससुरालजन ने पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना की। बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
आरोपी राम सिंह उर्फ रामू ने सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की। बचाव पक्ष ने कहा कि पोस्टमार्टम में बाह्य चोट नहीं मिली। विसरा में जहर मिला। मगर, जहर देने का साक्ष्य नहीं है। अभियोजन की ओर से जमानत अर्जी का इस तथ्य के साथ विरोध किया गया कि शादी के सात साल के भीतर महिला की असामान्य मृत्यु ससुराल में हुई। विसरा में कीटनाशक जहर मिला है। मृतका का पति होने के कारण आरोपी का उत्तरदायित्व अधिक है। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद
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अभियोजन के मुताबिक, थाना दियूरिया कलां में छह नवंबर 2025 को स्थानीय व्यक्ति मुकेश कुमार ने तहरीर देकर बताया था कि उसकी बहन संगीता देवी की शादी 2022 में राम सिंह उर्फ रामू नौवा नवीनगर से हुई थी। शादी के बाद पति व ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करते लगे। 5-6 नवंबर 2025 की रात पति व अन्य ससुरालजन ने पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना की। बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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आरोपी राम सिंह उर्फ रामू ने सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की। बचाव पक्ष ने कहा कि पोस्टमार्टम में बाह्य चोट नहीं मिली। विसरा में जहर मिला। मगर, जहर देने का साक्ष्य नहीं है। अभियोजन की ओर से जमानत अर्जी का इस तथ्य के साथ विरोध किया गया कि शादी के सात साल के भीतर महिला की असामान्य मृत्यु ससुराल में हुई। विसरा में कीटनाशक जहर मिला है। मृतका का पति होने के कारण आरोपी का उत्तरदायित्व अधिक है। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद
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