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बदहाल व्यवस्था- कारगर कोशिश नहीं तो कैसे सुधरे शहर की विद्युत व्यवस्था

Mon, 02 May 2022 02:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2022 02:00 AM IST
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Bad electricity - if not an effective effort, how will the electricity system improve
ीपा अग्रवाल - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। तमाम प्रयासों के बाद भी शहर की विद्युत व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पा रही है। अघोषित बिजली कटौती के साथ फाल्ट होने की समस्या से शहर के उपभोक्ता परेशान हैं। यह अलग बात है कि इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने एक माह पूर्व दस ट्रांसफॉर्मर की मांग करते हुए प्रस्ताव मुख्यालय भेजा है, लेकिन कारगर कोशिश न होने से प्रस्ताव पर अमल नहीं हो सका है। इससे समस्या लगातार बनी हुई। वहीं देहात क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
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शहर में करीब 40 हजार विद्युत कनेक्शन हैं। चार उपकेंद्रों पर शहर की विद्युत व्यवस्था की जिम्मेदारी है। विभाग के मुताबिक करीब नौ मिलियन यूनिट बिजली की शहर में खपत है। जिम्मेदार नियमित बिजली मुहैया करने का दावा भी करते आ रहे हैं लेकिन यह हकीकत से परे हैं। शहर में 24 घंटे बिजली देने का शेडयूल है, लेकिन 15 से 17 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वहीं कई स्थानों पर विद्युत तारों की जर्जर स्थिति होने के साथ पुराने हो चुके ट्रांसफार्मर के खराब होने से बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। लो वोल्टेज की समस्या से बिजली उपकरण भी साथ छोड़ रहे हैं। इसलिए कूलर और पंखों की गति कम हो गई है।
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मोबाइल ट्रॉली से बिजली पहुंचने के हो रहे प्रयास
आपात सेवाओं के लिए विद्युत विभाग के पास तीन मोबाइल ट्रॉली है। ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में ट्रॉली का प्रयोग कर विद्युत व्यवस्था को सुचारु किया जाता है। इन दिनों शहर में बिजली व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। पुराने हो चुके ट्रांसफॉर्मर भी क्षमता से अधिक लोड पड़ने से खराब हो रहे हैं। नतीजतन विभाग की दो मोबाइल ट्रॉली पिछले दस दिन से प्रयोग में ली जा रही हैं। एक को विभागीय मुख्यालय पर खड़ा किया गया है।
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ओवरलोड की हकीकत परखने पर जोर
विद्युत व्यवस्था को सुुधारने के लिए विभागीय स्तर से प्रयास भी किए जा रहे हैं। ओवरलोड की समस्या को ध्यान में रखकर हकीकत परखने के लिए कार्रवाई भी जारी है। अधिशासी अभियंता के निर्देश पर शहर में चार टीमे एक माह पूर्व से कनेक्शन और बिल की जांच कर कार्रवाई कर रही हैं। अवर अभियंता जहांगीर आलम और मनोज कुमार के नेतृत्व में टीम दस हजार रुपये से अधिक का बिल व चार माह से अधिक समय तक जमा न करने वाले करीब सौ उपभोक्ताओं के रोजाना कनेक्शन काट रही है। बिजली चोरी करने वालों पर भी सख्ती की जा रही है। अवर अभियंता जहांगीर आलम ने बताया कि अब तक करीब तीस लोगों पर बिजली चोरी की एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है।
चार शिकायती बूथ और वाट्सएप ग्रुप से दर्ज की जा रही शिकायत
शहर की बिजली व्यवस्था को नियमित रखने के लिए विभाग की ओर से चार शिकायती बूथ बनाए गए हैं। इसमें गैस चौराहा, बाजार गेट, नकटा दाना और स्टोर सेंटर पर बूथ स्थापित कर टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं। इसके अलावा अधिशासी अभियंता के निर्देश पर वाट्सएप ग्रुप बनाकर जागरूक लोगों को जोड़ा गया है। इसके माध्यम से बिजली की शिकायत मिलने पर निस्तारण कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इन इलाकों से आ रही शिकायतें
शनिवार से लेकर रविवार तक शहर के विभिन्न इलाकों से बिजली खराब होने की शिकायतें अधिक आईं। इसमें शहर के बेलो का चौराहा क्षेत्र, मोहल्ला शेर मोहम्मद, निरंजनकुंज आदि क्षेत्रों से तार टूटने व ट्रांसफॉर्मर में आग लगने की शिकायतें आईं। बिजली न आने से लोग काफी देर तक परेशान रहे।
शहर में लो वोल्टेज और फाल्ट की समस्या अधिक है। गर्मी में अघोषित बिजली कटौती होने से बुरा हाल हो जाता हैं। - अशोक बाजपेई
लो वोल्टेज और फाल्ट से विद्युत व्यवस्था बिगड़ जाती है। लाइट न होने से गर्मी में घरों में समय गुजारना मुश्किल हो जाता है। इसमें सुधार होना चाहिए। - दीपा अग्रवाल
शेरपुर में अर्धनग्न होकर जताया रोष
शेरपुर गांव में बिजली व्यवस्था की स्थिति भी काफी खराब है। ग्रामीणों के मुताबिक इन दिनों कुछ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उसमें भी अघोषित कटौती की जा रही है। ऐसे में गर्मी की बढ़ती तपन से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। शनिवार को गांव के लोगों ने अर्धनग्न होकर विद्युत विभाग के खिलाफ रोष जताया।
जिले में चार हजार मेगावॉट की डिमांड बढ़ी है। पिछले महीने तक जिले में 20 से 21 मिलियन यूनिट की डिमांड थी। इस वजह से थोड़ी दिक्कत आ रही है। इन दिनों लोड भी बढ़ रहा है जिस कारण फॉल्ट भी हो रहे हैं। स्टाफ की कमी के चलते उनको ठीक करने में थोड़ा वक्त लग जाता है। शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा दिक्कत आती है। फिलहाल कोशिश कर रहे हैं कि जहां फाल्ट हों उनको तुरंत दुुरुस्त कराया जाए।

- ज्ञानेंद्र सिंह, एक्सईएन पॉवर कॉरपोरशन

अशोक बाजपेई

अशोक बाजपेई- फोटो : PILIBHIT

ट्रांसफार्मर में हुए फॉल्ट के बाद लगाया गया वैकल्पिक ट्रांसफार्मर। संवाद

ट्रांसफार्मर में हुए फॉल्ट के बाद लगाया गया वैकल्पिक ट्रांसफार्मर। संवाद- फोटो : PILIBHIT

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