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Pilibhit News: सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेगा आयुष्मान सहायता केंद्र
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पीलीभीत। जिला अस्पताल में बने आयुष्मान सहायता केंद्र पर आयुष्मान मित्र पर लगे रुपये मांगने के आरोप की जांच में पुष्टि नहीं हो सकी। डाक्टरों की टीम ने आयुष्मान मित्र को क्लीन चिट दे दी है। अब आयुष्मान सहायता केंद्र की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाया गया है।
शनिवार को महिलाओं ने आयुष्मान मित्र पर रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए मौखिक शिकायत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से की थी। इसके बाद सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने रविवार को एक जांच टीम बनाई, इसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी शामिल थे। डिप्टी सीएमओ ने सोमवार सुबह जिला अस्पताल पहुंचकर पहले आयुष्मान मित्र गगनदीप गंगवार से स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद आरोप लगाने वाली महिलाओं के बयान लेने के लिए उनसे संपर्क किया।
डॉ. नेमी के मुताबिक कुछ शिकायतकर्ताओं के फोन नहीं उठे तो एक महिला के पति ने फोन उठाया और किसी प्रकार की कोई शिकायत न होने की बात कही। साथ ही बताया कि उसका नाम सूची में नहीं है। वहीं गगनदीप ने इस बारे में अपना स्पष्टीकरण सौंपा। जिसमें बताया कि महिला का नाम आयुष्मान लाभार्थी की पात्रता सूची में नहीं है। दो अन्य महिलाओं का नाम हैं, जिनके कार्ड बनने में समय लगेगा। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि अब आयुष्मान सहायता केंद्र को कैमरे से लैस किया गया है ताकि यहां की हर गतिविधि की निगरानी हो सके।
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आयुष्मान मित्र ने की थी कैमरा लगवाने की मांग
रुपये मांगने का आरोप लगने के बाद आयुष्मान मित्र ने सीएमओ को पत्र लिखा था। जिसमें उसने आयुष्मान सहायता केंद्र पर कैमरा लगवाने की मांग की थी। कहा था कि आज यह आरोप लगा है, कल कोई अन्य आरोप लगेगा। इससे बचाव जरूरी है।
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शनिवार को महिलाओं ने आयुष्मान मित्र पर रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए मौखिक शिकायत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से की थी। इसके बाद सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने रविवार को एक जांच टीम बनाई, इसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी शामिल थे। डिप्टी सीएमओ ने सोमवार सुबह जिला अस्पताल पहुंचकर पहले आयुष्मान मित्र गगनदीप गंगवार से स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद आरोप लगाने वाली महिलाओं के बयान लेने के लिए उनसे संपर्क किया।
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डॉ. नेमी के मुताबिक कुछ शिकायतकर्ताओं के फोन नहीं उठे तो एक महिला के पति ने फोन उठाया और किसी प्रकार की कोई शिकायत न होने की बात कही। साथ ही बताया कि उसका नाम सूची में नहीं है। वहीं गगनदीप ने इस बारे में अपना स्पष्टीकरण सौंपा। जिसमें बताया कि महिला का नाम आयुष्मान लाभार्थी की पात्रता सूची में नहीं है। दो अन्य महिलाओं का नाम हैं, जिनके कार्ड बनने में समय लगेगा। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि अब आयुष्मान सहायता केंद्र को कैमरे से लैस किया गया है ताकि यहां की हर गतिविधि की निगरानी हो सके।
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आयुष्मान मित्र ने की थी कैमरा लगवाने की मांग
रुपये मांगने का आरोप लगने के बाद आयुष्मान मित्र ने सीएमओ को पत्र लिखा था। जिसमें उसने आयुष्मान सहायता केंद्र पर कैमरा लगवाने की मांग की थी। कहा था कि आज यह आरोप लगा है, कल कोई अन्य आरोप लगेगा। इससे बचाव जरूरी है।