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दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार राजकीय महिला डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर को जेल भेजा
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आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। दुष्कर्म और सेक्स रैकेट संचालित करने आरोप में नामजद असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कामरान आलम खान को पुलिस ने शनिवार की शाम एसीजेएम मुन्नालाल की अदालत में पेश किया। अदालत ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में आरोपी को जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने देर शाम उसे जेल भेज दिया।
राजकीय महिला डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कामरान आलम खान के खिलाफ 21 नवंबर को दुष्कर्म और सेक्स रैकेट संचालित करने का आरोप लगाते हुए बीएससी की छात्रा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर पीलीभीत मेें अपना घर छोड़कर भाग गया था। पुलिस असिस्टेंट प्रोफेसर की तलाश में रामपुर स्थित उसके पैतृक निवास तक गई। वहां भी न मिलने पर पुलिस की टीमों ने मुरादाबाद और बरेली में कई स्थानों पर दबिश दी। उसके और उसके करीबियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस कराए। पुलिस ने 26 नवंबर को पीलीभीत में ही ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग के निकट आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि शुक्रवार को आरोपी गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने शनिवार को जेल भेजने का आदेश दिया। अब विवेचना की जा रही है जो साक्ष्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उनके मुताबिक अभी तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिसमें सेक्स रैकेट की बात साबित हो सके। इसलिए पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी को जेल भेजा है। अगर सेक्स रैकेट के आरोप पर साक्ष्य सामने आते हैं तो कानूनी कार्रवाई का शिकंजा और कसेगा।
48 घंटे जेल में रहने पर होता है निलंबन
भले ही अभी निलंबन आदेश जारी नहीं हुआ है लेकिन असिस्टेंट प्रोफेसर का निलंबन तय माना जा रहा है। क्योंकि कोई राज्यकर्मी अगर किसी आरोप में 48 घंटे तक जेल में रहता है तो उसे निलंबित किया जाता है। असिस्टेंट प्रोफेसर को शनिवार को जेल भेजा गया। रविवार को अवकाश है और सोमवार को जेल में उनके 48 घंटे पूरे हो जाएंगे।
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आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर का वेतन पहले ही रुकवा दिया गया था। शासन स्तर से नियुक्ति होने के कारण अग्रिम कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। वहीं से कार्रवाई की जाएगी। मामले को गंभीरता से जांच कराई जा रही है। साक्ष्य मिलने के आधार पर कार्रवाई कराई जाएगी।
- पुलकित खरे, डीएम
असिस्टेंट प्रोफेसर पर लगे आरोप के बाद जांच कराई गई है। अब शासन स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। कार्रवाई तकरीबन तय है। इस विषय पर सोमवार को निर्णय लिया जाएगा।
- श्रवण कुमार सिंह, विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन
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राजकीय महिला डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कामरान आलम खान के खिलाफ 21 नवंबर को दुष्कर्म और सेक्स रैकेट संचालित करने का आरोप लगाते हुए बीएससी की छात्रा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर पीलीभीत मेें अपना घर छोड़कर भाग गया था। पुलिस असिस्टेंट प्रोफेसर की तलाश में रामपुर स्थित उसके पैतृक निवास तक गई। वहां भी न मिलने पर पुलिस की टीमों ने मुरादाबाद और बरेली में कई स्थानों पर दबिश दी। उसके और उसके करीबियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस कराए। पुलिस ने 26 नवंबर को पीलीभीत में ही ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग के निकट आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि शुक्रवार को आरोपी गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने शनिवार को जेल भेजने का आदेश दिया। अब विवेचना की जा रही है जो साक्ष्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उनके मुताबिक अभी तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिसमें सेक्स रैकेट की बात साबित हो सके। इसलिए पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी को जेल भेजा है। अगर सेक्स रैकेट के आरोप पर साक्ष्य सामने आते हैं तो कानूनी कार्रवाई का शिकंजा और कसेगा।
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48 घंटे जेल में रहने पर होता है निलंबन
भले ही अभी निलंबन आदेश जारी नहीं हुआ है लेकिन असिस्टेंट प्रोफेसर का निलंबन तय माना जा रहा है। क्योंकि कोई राज्यकर्मी अगर किसी आरोप में 48 घंटे तक जेल में रहता है तो उसे निलंबित किया जाता है। असिस्टेंट प्रोफेसर को शनिवार को जेल भेजा गया। रविवार को अवकाश है और सोमवार को जेल में उनके 48 घंटे पूरे हो जाएंगे।
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आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर का वेतन पहले ही रुकवा दिया गया था। शासन स्तर से नियुक्ति होने के कारण अग्रिम कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। वहीं से कार्रवाई की जाएगी। मामले को गंभीरता से जांच कराई जा रही है। साक्ष्य मिलने के आधार पर कार्रवाई कराई जाएगी।
- पुलकित खरे, डीएम
असिस्टेंट प्रोफेसर पर लगे आरोप के बाद जांच कराई गई है। अब शासन स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। कार्रवाई तकरीबन तय है। इस विषय पर सोमवार को निर्णय लिया जाएगा।
- श्रवण कुमार सिंह, विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन