{"_id":"69e53877629a5c3df90f3262","slug":"applications-stuck-in-departments-affecting-the-pace-of-industry-and-business-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-157717-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: विभागों में अटके आवेदन, उद्योग-धंधे की रफ्तार प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: विभागों में अटके आवेदन, उद्योग-धंधे की रफ्तार प्रभावित
विज्ञापन
पीलीभीत। जिले में उद्योग-धंधे को बढ़ावा देने के दावों पर विभागीय जिम्मेदारों की अनदेखी भारी पड़ रही है। लंबित आवेदनों के निस्तारण में देरी से व्यापारियों और उद्यमियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भले ही कृषि, प्रदूषण, राजस्व, ऊर्जा निगम में अटके 55 आवेदन निस्तारण की तय समय सीमा में ही हैं, लेकिन इसका असर उद्योग- धंधों की रफ्तार पर पड़ रहा है।
मार्च के अंतिम सप्ताह में ही जिला उद्योग बंधु की बैठक में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने निवेश मित्र पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, विभागों में समय सीमा के अंतर्गत लंबित आवेदन को निस्तारित करने का निर्देश दिया था। बैठक में कृषि, ऊर्जा निगम, राजस्व, अग्निशमन आदि में लंबित थे। डीएम के निर्देशों के बाद भी इन विभागों के पास अभी आवेदन अटके हैं। इसका असर उद्यमियों के प्रोजेक्ट पर पड़ रहा है। हालांकि जिला उद्योग विभाग के अफसर नियमित समीक्षा और समय से निस्तारण का दावा कर रहे हैं। साथ ही निवेश मित्र पोर्टल की लगातार मॉनिटरिंग की बात भी कही जा रही है।
इन विभागों में अटके हैं इतने आवेदन
कृषि विभाग के पास समय सीमा के अंतर्गत 18 आवेदन लंबित हैं। इसी तरह एमएसएमई में आठ और श्रम विभाग के पास भी आठ आवेदन लंबित हैं। प्रदूषण विभाग के पास पांच, राजस्व विभाग में 10 और अग्निशमन के पास तीन आवेदन अटके हैं। ऊर्जा निगम में एक आवेदन अटका है। सभी विभागों को मिलाकर लंबित आवेदन का आंकड़ा 54 है। हालांकि सभी विभाग इन आवेदनों का निस्तारण समय सीमा में ही कराने का दावा कर रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
--
सभी आवेदन समय सीमा में है। हर आवेदन पर समय से कार्रवाई हो रही है। निवेश मित्र पोर्टल की उद्योग बंधु द्वारा निरंतर समीक्षा की जा रही है।
- आशीष गुप्ता, उपायुक्त उद्योग, पीलीभीत
विज्ञापन
मार्च के अंतिम सप्ताह में ही जिला उद्योग बंधु की बैठक में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने निवेश मित्र पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, विभागों में समय सीमा के अंतर्गत लंबित आवेदन को निस्तारित करने का निर्देश दिया था। बैठक में कृषि, ऊर्जा निगम, राजस्व, अग्निशमन आदि में लंबित थे। डीएम के निर्देशों के बाद भी इन विभागों के पास अभी आवेदन अटके हैं। इसका असर उद्यमियों के प्रोजेक्ट पर पड़ रहा है। हालांकि जिला उद्योग विभाग के अफसर नियमित समीक्षा और समय से निस्तारण का दावा कर रहे हैं। साथ ही निवेश मित्र पोर्टल की लगातार मॉनिटरिंग की बात भी कही जा रही है।
विज्ञापन
इन विभागों में अटके हैं इतने आवेदन
कृषि विभाग के पास समय सीमा के अंतर्गत 18 आवेदन लंबित हैं। इसी तरह एमएसएमई में आठ और श्रम विभाग के पास भी आठ आवेदन लंबित हैं। प्रदूषण विभाग के पास पांच, राजस्व विभाग में 10 और अग्निशमन के पास तीन आवेदन अटके हैं। ऊर्जा निगम में एक आवेदन अटका है। सभी विभागों को मिलाकर लंबित आवेदन का आंकड़ा 54 है। हालांकि सभी विभाग इन आवेदनों का निस्तारण समय सीमा में ही कराने का दावा कर रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
सभी आवेदन समय सीमा में है। हर आवेदन पर समय से कार्रवाई हो रही है। निवेश मित्र पोर्टल की उद्योग बंधु द्वारा निरंतर समीक्षा की जा रही है।
- आशीष गुप्ता, उपायुक्त उद्योग, पीलीभीत