सुरक्षा है जरूरी: पीलीभीत में ब्लैक फंगस का एक और मरीज मिला, जानें इसके लक्षण व बचाव हेतु जरूरी बातें
ब्लैक फंगस का पहला मरीज 12 मई को पीलीभीत के साहूकारा मोहल्ले में मिला था। शहर के डॉक्टर ने पीड़ित युवक को इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया था। दूसरा मरीज शुक्रवार को मिला। पीड़ित युवक का बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहां जांच में उसमें ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं।
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पांच दिन पहले कोरोना से जंग जीत चुकी एक बुजुर्ग महिला अब ब्लैक फंगस की चपेट में आ गई। महिला का बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिले में अब ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या तीन हो गई है। बिलसंडा कस्बा निवासी बीके गुप्ता ने बताया कि उनकी चाची विमला देवी (70) पत्नी राजेंद्र कुमार की 26 अप्रैल को तबीयत खराब हुई थी। डॉक्टर से सलाह लेने के बाद 27 अप्रैल को उनकी कोरोना जांच कराई गई। पांच मई को विमला देवी पॉजिटिव पाई गई थीं। इसके बाद उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन इलाज के बाद तबीयत में सुधार होने पर उन्हें होम आइसोलेट कर दिया गया था। दोबारा जांच कराने पर 18 मई को उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी।
मगर अगले ही दिन 19 मई को अचानक उनकी नाक की हड्डी में दर्द होने के साथ ब्लड निकलने लगा। इस पर परिवार वाले उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने दवा देने के बाद उन्हें घर भेज दिया। मगर दवा खाने के बाद उन्हें आराम नहीं मिला। नाक की हड्डी में दर्द बढ़ने के साथ उनकी आंखें लाल होने लगीं। तबीयत बिगड़ती देख परिवार वाले 21 मई को उन्हें फिर बरेली के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने उन्हें भर्ती कर लिया। डॉक्टर ने उनका एमआरआई कराने के साथ कई अन्य जांचें कराई। विमला देवी का इलाज कर रहे डॉ. मुदित मिश्रा ने बताया कि जांच रिपोर्ट में महिला की आंखों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। हालांकि अभी फंगस पूरी तरह से नहीं फैला है। इसकी जानकारी सीएमओ बरेली को दे दी गई है।
ब्लैक फंगस का पहला मरीज 12 मई को शहर के साहूकारा मोहल्ले में मिला था। शहर के डॉक्टर ने पीड़ित युवक को इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया था। दूसरा मरीज शुक्रवार को मिला। पीड़ित युवक का बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहां जांच में उसमें ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं।
ब्लैक फंगस के शिकार किसी मरीज का बरेली में इलाज चल रहा है तो इसकी जानकारी मुझे नहीं दी गई है। अगर सीएमओ बरेली से सूचना मिलती है, तो टीम को लगाकर पता कराया जाएगा। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
यह हैं ब्लैक फंगस के लक्षण
- नाक में दर्द हो, खून आए या नाक बंद हो जाए।
- नाक में सूजन आ जाए, दांत या जबड़े में दर्द हो या गिरने लगें।
- आंखों के सामने धुंधलापन आए या दर्द हो।
- बुखार, सीने में दर्द, सिर दर्द, खांसी
- सांस लेने में दिक्कत
- खून की उल्टियां होना।
- जिस जगह इसका असर होता है, उस जगह पर सूजन आने लगती है।
- फंगस वाले क्षेत्र में लालिमा आती है, बाद में वह हिस्सा काला होने लगता है।
- दिमाग काम न करें। सोचने समझने की शक्ति न रहना
इन बातों का रखें ध्यान
-स्टेरॉयड का उपयोग जरुरत पड़ने पर ही डॉक्टर की सलाह पर करें।
-डॉक्टर भी जरुरत हो तभी स्टेरॉयड का इस्तेमाल करें और जल्द बंद करें।
-किसी निर्माणधीन इलाके में जाने पर मास्क और चश्मा अवश्य पहनें।
-बगीचे में जाएं तो फुल आस्तीन शर्ट पैंट और ग्लव्स पहनें।
- ब्लड ग्लूकोज स्तर का जांचते रहें और इसे नियंत्रित रखें। अगर समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
-सामान्य कोरोना मरीज 5-6 दिन में अपने आप ठीक हो जाते हैं।
-जिन मरीजों को स्टेरॉयड देना पड़ता है और शुगर के मरीज हैं। तो उन्हें कम मात्र में स्टेरॉयड दें।