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Pilibhit News: प्रशासन की अनदेखी से गुस्साए बाढ़ पीड़ितों ने एसडीएम दफ्तर पर दिया धरना
Sun, 27 Aug 2023 12:41 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 27 Aug 2023 12:41 AM IST
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पूरनपुर में ण्सडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते बाढ़ पीड़ित । संवाद
पूरनपुर। बाढ़ राहत के नाम पर खानापूरी किए जाने से गुस्साए शारदा नदी के बाढ़ पीड़ित शनिवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और फिर एसडीएम दफ्तर पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम राजेश शुक्ल को तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा। समस्याओं का समाधान न होने पर 11 सितंबर से बेमियादी भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।
धरना स्थल पर हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि चार साल पहले शारदा नदी की धारा को पुराने बहाव स्थल पर लाने के लिए करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। नदी की खोदाई के लिए मशीनें भी आ गईं थीं, मगर वन विभाग की आपत्ति के चलते काम शुरू नहीं हो सका। प्रशासन तब से आज तक वन विभाग से एनओसी नहीं ले सका है।
शारदा नदी गांव में तबाही मचाए हुए है। इस साल कटान में किसानों की 200 एकड़ गन्ने की फसल शारदा नदी में समा चुकी है। नदी लगातार कटान करती हुई गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, मजदूर बस्ती की ओर लगातार बढ़ जा रही है। बचाव के नाम पर महज खानापूरी की जा रही है। अफसर सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। मगर अब समस्याओं का समाधान न होने पर 11 सितंबर से गांव के खेल मैदान पर बेमियादी भूख हड़ताल शुरू होगी।
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ग्रामीणों ने ये रखीं मांगें
प्रदर्शनकारियों ने समस्याओं को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नदी के पुराने बहाव को खोलने का लंबित कार्य शुरू कराने, कटान और तबाही रोकने के लिए स्थाई बचाव कार्य कराने और बाढ़ व कटान से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की गई है। धरना-प्रदर्शन में भाकपा माले नेता देवाशीष राय, अफरोज आलम, परमजीत सिंह समेत गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर और कॉलोनी नंबर छह के तमाम लोग शामिल रहे।
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धरना स्थल पर हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि चार साल पहले शारदा नदी की धारा को पुराने बहाव स्थल पर लाने के लिए करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। नदी की खोदाई के लिए मशीनें भी आ गईं थीं, मगर वन विभाग की आपत्ति के चलते काम शुरू नहीं हो सका। प्रशासन तब से आज तक वन विभाग से एनओसी नहीं ले सका है।
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शारदा नदी गांव में तबाही मचाए हुए है। इस साल कटान में किसानों की 200 एकड़ गन्ने की फसल शारदा नदी में समा चुकी है। नदी लगातार कटान करती हुई गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, मजदूर बस्ती की ओर लगातार बढ़ जा रही है। बचाव के नाम पर महज खानापूरी की जा रही है। अफसर सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। मगर अब समस्याओं का समाधान न होने पर 11 सितंबर से गांव के खेल मैदान पर बेमियादी भूख हड़ताल शुरू होगी।
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ग्रामीणों ने ये रखीं मांगें
प्रदर्शनकारियों ने समस्याओं को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नदी के पुराने बहाव को खोलने का लंबित कार्य शुरू कराने, कटान और तबाही रोकने के लिए स्थाई बचाव कार्य कराने और बाढ़ व कटान से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की गई है। धरना-प्रदर्शन में भाकपा माले नेता देवाशीष राय, अफरोज आलम, परमजीत सिंह समेत गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर और कॉलोनी नंबर छह के तमाम लोग शामिल रहे।