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टीकाकरण के बाद बच्चों की हालत बिगड़ी
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:04 AM IST
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बच्चे बीमार
- फोटो : पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
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प्राइमरी स्कूल कल्यानपुर में बृहस्पतिवार को डीपीटी टीकाकरण के बाद अचानक बच्चों की हालत बिगड़ गई। इससे गांव में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
ललौरीखेड़ा विकासखंड के गांव कल्यानपुर स्थित प्राइमरी स्कूल में बृहस्पतिवार को अभियान के तहत बच्चों को डिप्थीरिया से बचाव के लिए डीपीटी के टीके लगने थे। आशा वर्कर कमलादेवी ने घर-घर जाकर टीका लगने की सूचना दी। स्कूल में एएनएम शशिबाला ने करीब 66 बच्चों का टीकाकरण किया। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल से आते ही बच्चों को उल्टी होने लगीं। दोपहर दो बजे के आसपास कई बच्चों की हालत बिगड़ने पर गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को बुला लिया। दो एबुलेंस से 23 बच्चों को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया। एक साथ कई बच्चों के बीमार होने की जानकारी से अस्पताल प्रशासन के भी हाथ पैर फूल गए। बच्चों को भर्ती कर तत्काल इलाज शुरू कर दिया गया। सीएमएस डॉ. आरसी शर्मा ने बताया कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। टीकाकरण के दौरान शरीर में मामूली परेशानी हो सकती है।
एनएचएम जीएम, सीएमओ ने जाना बच्चों को हाल
टीकाकरण से बच्चों का हालत बिगड़ने की सूचना पर नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के जीएम अनिल मिश्र और सीएमओ डॉ. ओपी सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती बच्चों का हाल जाना। जीएम ने सीएमएस को बच्चों को शुक्रवार सुबह तक भर्ती रखने और समय से खाना आदि देने के निर्देश दिए। एक स्टाफ नर्स को लगातार बच्चों की निगरानी करने को कहा।
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गांव पहुंची टीम, ग्रामीणों ने किया हंगामा
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम कल्यानपुर गांव पहुंची तो उत्तेजित ग्रामीण मारपीट पर उतारू हो गए। काफी समझाने के बाद वह माने। टीम ने बच्चों का परीक्षण करने के बाद उन्हें दवाएं दीं। डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि गांव में सभी बच्चे ठीक हैं। उन्हें दवा दे दी गई है। कुछ देर के लिए ग्रामीण उत्तेजित हो गए थे, लेकिन बाद में उन्हें मना लिया गया।
यह बच्चे हैं अस्पताल में भर्ती
रेखा पुत्री ठाकुरदास, शिखा पुत्री उमेश, खुशबू और सुमन पुत्री दीनदयाल, शिखा और अनीता पुत्री श्रीपाल, अभिषेक पुत्र सोमपाल, पिंकी पुत्री राकेश, शिवानी, मुस्कान और महिमा पुत्री शिवकुमार, प्रिया पुत्री राजीव, पायल पुत्री धर्मेंद्र, चमनदेवी पुत्री सोमपाल, कमल किशोर पुत्र ईश्वरी प्रसाद, रामप्रकाश पुत्र नरेश, सुहानी पुत्री नरेंद्र शर्मा, रेखा पुत्री शिवकुमार, शिवम पुत्र सियाराम, नितिन और अंजलि पुत्री रामपाल, मीनाक्षी पुत्री ओमेंद्र, निशा पुत्री चंद्रसेन।
डीपीटी के टीके बच्चों को डिप्थीरिया से बचाव के लिए लगाए जाते हैं। जिले में अभियान चलाकर टीकाकरण किया जा रहा है। इस इंजेक्शन के लगने के बाद मामूली बुखार, सूजन या दर्द हो सकता है। फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
-डॉ. ओपी सिंह, सीएमओ
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ललौरीखेड़ा विकासखंड के गांव कल्यानपुर स्थित प्राइमरी स्कूल में बृहस्पतिवार को अभियान के तहत बच्चों को डिप्थीरिया से बचाव के लिए डीपीटी के टीके लगने थे। आशा वर्कर कमलादेवी ने घर-घर जाकर टीका लगने की सूचना दी। स्कूल में एएनएम शशिबाला ने करीब 66 बच्चों का टीकाकरण किया। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल से आते ही बच्चों को उल्टी होने लगीं। दोपहर दो बजे के आसपास कई बच्चों की हालत बिगड़ने पर गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को बुला लिया। दो एबुलेंस से 23 बच्चों को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया। एक साथ कई बच्चों के बीमार होने की जानकारी से अस्पताल प्रशासन के भी हाथ पैर फूल गए। बच्चों को भर्ती कर तत्काल इलाज शुरू कर दिया गया। सीएमएस डॉ. आरसी शर्मा ने बताया कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। टीकाकरण के दौरान शरीर में मामूली परेशानी हो सकती है।
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एनएचएम जीएम, सीएमओ ने जाना बच्चों को हाल
टीकाकरण से बच्चों का हालत बिगड़ने की सूचना पर नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के जीएम अनिल मिश्र और सीएमओ डॉ. ओपी सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती बच्चों का हाल जाना। जीएम ने सीएमएस को बच्चों को शुक्रवार सुबह तक भर्ती रखने और समय से खाना आदि देने के निर्देश दिए। एक स्टाफ नर्स को लगातार बच्चों की निगरानी करने को कहा।
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गांव पहुंची टीम, ग्रामीणों ने किया हंगामा
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम कल्यानपुर गांव पहुंची तो उत्तेजित ग्रामीण मारपीट पर उतारू हो गए। काफी समझाने के बाद वह माने। टीम ने बच्चों का परीक्षण करने के बाद उन्हें दवाएं दीं। डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने बताया कि गांव में सभी बच्चे ठीक हैं। उन्हें दवा दे दी गई है। कुछ देर के लिए ग्रामीण उत्तेजित हो गए थे, लेकिन बाद में उन्हें मना लिया गया।
यह बच्चे हैं अस्पताल में भर्ती
रेखा पुत्री ठाकुरदास, शिखा पुत्री उमेश, खुशबू और सुमन पुत्री दीनदयाल, शिखा और अनीता पुत्री श्रीपाल, अभिषेक पुत्र सोमपाल, पिंकी पुत्री राकेश, शिवानी, मुस्कान और महिमा पुत्री शिवकुमार, प्रिया पुत्री राजीव, पायल पुत्री धर्मेंद्र, चमनदेवी पुत्री सोमपाल, कमल किशोर पुत्र ईश्वरी प्रसाद, रामप्रकाश पुत्र नरेश, सुहानी पुत्री नरेंद्र शर्मा, रेखा पुत्री शिवकुमार, शिवम पुत्र सियाराम, नितिन और अंजलि पुत्री रामपाल, मीनाक्षी पुत्री ओमेंद्र, निशा पुत्री चंद्रसेन।
डीपीटी के टीके बच्चों को डिप्थीरिया से बचाव के लिए लगाए जाते हैं। जिले में अभियान चलाकर टीकाकरण किया जा रहा है। इस इंजेक्शन के लगने के बाद मामूली बुखार, सूजन या दर्द हो सकता है। फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
-डॉ. ओपी सिंह, सीएमओ