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Pilibhit News: कागजों में बस दौड़ाने वाले संविदा चालक-परिचालक की सेवाएं समाप्त
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पीलीभीत। कागजों में 110 किलोमीटर तक रोडवेज बस दौड़ाने वाले संविदा चालक और परिचालक की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं। एआरएम ने मामला संज्ञान में आने के बाद जांच कराई थी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई है।
स्थानीय डिपो से पांच जनवरी को रोडवेज बस संख्या यूपी 78 एफटी 9043 पीलीभीत से माधोटांडा होते हुए दिल्ली के आनंद विहार के लिए रवाना होना दिखाई गई थी। बस में दो चालक थे। बस के माधोटांडा, पूरनपुर, सेटेलाइट बस स्टैंड होते हुए आनंद विहार तक जाने व लौटने का रूट दिखाया गया है। मगर संविदा चालक राजकुमार, परिचालक देवेंद्र बस पीलीभीत से बरेली होते हुए आनंद विहार ले गए और इसी रूट से पीलीभीत ले आए। आते-जाते समय माधोटांडा नहीं गए।
मामला संज्ञान में आने बाद एआरएम वीके गंगवार ने जांच कराई। जांच के दौरान संज्ञान में आया कि चालक और परिचालक दोनों ने गलत तरीके से 110 किलोमीटर बस चलना दिखाया है। जिससे निगम को राजस्व की हानि हुई है। एआरएम ने तीन दिन में चालक परिचालक से स्पष्टीकरण तलब किया था। स्पष्टीकरण में भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर एआरएम ने चालक और परिचालक की संविदा समाप्त कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
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बरेली में उतर गया था दूसरा चालक
पीलीभीत से दिल्ली के दो संविदा चालक राज कुमार, रावेंद्र पाल सिंह और परिचालक देवेंद्र कुमार बस को लेकर रवाना हुए थे। दिल्ली से लौटते समय रावेंद्रपाल, पत्नी की तबीयत खराब होने के कारण बरेली में उतर गया। इससे चालक राजकुमार और परिचालक देवेंद्र कुमार के हस्ताक्षर से शीट डिपो में जमा हुई थी। इसलिए दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
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दो चालक और एक परिचालक बस लेकर गए थे। मगर लौटते समय एक चालक बरेली में उतर गया था। शीट एक चालक और परिचालक ने जमा की। इसीलिए इन्हीं दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
- वीके गंगवार, एआरएम
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स्थानीय डिपो से पांच जनवरी को रोडवेज बस संख्या यूपी 78 एफटी 9043 पीलीभीत से माधोटांडा होते हुए दिल्ली के आनंद विहार के लिए रवाना होना दिखाई गई थी। बस में दो चालक थे। बस के माधोटांडा, पूरनपुर, सेटेलाइट बस स्टैंड होते हुए आनंद विहार तक जाने व लौटने का रूट दिखाया गया है। मगर संविदा चालक राजकुमार, परिचालक देवेंद्र बस पीलीभीत से बरेली होते हुए आनंद विहार ले गए और इसी रूट से पीलीभीत ले आए। आते-जाते समय माधोटांडा नहीं गए।
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मामला संज्ञान में आने बाद एआरएम वीके गंगवार ने जांच कराई। जांच के दौरान संज्ञान में आया कि चालक और परिचालक दोनों ने गलत तरीके से 110 किलोमीटर बस चलना दिखाया है। जिससे निगम को राजस्व की हानि हुई है। एआरएम ने तीन दिन में चालक परिचालक से स्पष्टीकरण तलब किया था। स्पष्टीकरण में भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर एआरएम ने चालक और परिचालक की संविदा समाप्त कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
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बरेली में उतर गया था दूसरा चालक
पीलीभीत से दिल्ली के दो संविदा चालक राज कुमार, रावेंद्र पाल सिंह और परिचालक देवेंद्र कुमार बस को लेकर रवाना हुए थे। दिल्ली से लौटते समय रावेंद्रपाल, पत्नी की तबीयत खराब होने के कारण बरेली में उतर गया। इससे चालक राजकुमार और परिचालक देवेंद्र कुमार के हस्ताक्षर से शीट डिपो में जमा हुई थी। इसलिए दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
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दो चालक और एक परिचालक बस लेकर गए थे। मगर लौटते समय एक चालक बरेली में उतर गया था। शीट एक चालक और परिचालक ने जमा की। इसीलिए इन्हीं दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
- वीके गंगवार, एआरएम