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काश ! कॉलोनी का गेट खुलने का कर लिया होता इंतजार
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मृतक कनिषा कोहली का फाइल फोटो
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। टनकपुर हाईवे पर शनिवार रात हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो परिवार बिखर गए हैं। खुशनुमा माहौल एक पल में गमगीन हो गया है। हर कोई हादसे के बाद दुखी दिखा और यही कहता रहा कि काश...कॉलोनी का गेट खुलने का इंतजार ही कर लिया होता। चक्कर लगाने के लिए हाईवे पर न गए होतेे।
अशोक कॉलोनी में सुरक्षा के लिहाज से मुख्य गेट रात साढ़े 10 बजे के बाद बंद कर दिया जाता है। हालांकि कॉलोनी के लोगों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होने दी जाती। सिर्फ बाहरी लोगों और अपराधी प्रवत्ति के लोगों पर रोकटोक करने के लिए ऐसा किया गया है। अगर कोई कॉलोनी सदस्य या रिश्तेदार आता भी है तो गेट खोलकर प्रवेश देने की व्यवस्था है। लेकिन शनिवार देर रात हुए सड़क हादसे में गेट का बंद होना भी एक वजह बन गया। दरअसल पत्थर कारोबारी वैभव और उनके मित्र परिवार सहित सवार पार्टी से वापस आए तो कॉलोनी का दरवाजा बंद मिला था। इसी के बाद वे चक्कर लगाने के लिए हाईवे पर चले गए थे। नतीजतन सामने से आ रहे ट्रक को बचाने के चक्कर में कार पेड़ से टकरा गई और दो मासूम समेत तीन लोगों की जान चली गई। एक महिला अभी भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
टक्कर लगने के बाद कार में लगा एयरबैग खुलते ही आगे बैठे गौरव कोहली और वैभव को तो अधिक चोट नहीं आई। मगर पीछे सवार महिलाओं और बच्चों की जान पर बन आई। उनकी मौत के बाद व्यापारियों ने शोक जताया। हर कोई दो परिवारों के हादसे से बिखरने को लेकर गमगीन दिखा। अशोक कॉलोनी में भी आम दिनों की बजाय चहलकदमी कम रही। अधिकांश दुकानें भी बंद रखी गई। ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा रहा। वहीं दिल्ली में भर्ती मोना कोहली की सलामती की दुआएं की जाती रही। रविवार को मोना कोहली का जन्मदिन भी था। इसे बेहतर तरीके से मनाने की भी तैयारी की गई थी। मगर हादसे ने इन खुशियों को ही ग्रहण लगा दिया। उधर, व्यापारी वैभव की पत्नी और बेटी की हादसे में जान चली गई। हंसी खुशी घर से निकले लोगों का घर पर सभी इंतजार कर रहे थे, मगर देर रात जब हादसे की खबर पहुंची तो कोहराम मचा रहा।
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अशोक कॉलोनी में सुरक्षा के लिहाज से मुख्य गेट रात साढ़े 10 बजे के बाद बंद कर दिया जाता है। हालांकि कॉलोनी के लोगों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होने दी जाती। सिर्फ बाहरी लोगों और अपराधी प्रवत्ति के लोगों पर रोकटोक करने के लिए ऐसा किया गया है। अगर कोई कॉलोनी सदस्य या रिश्तेदार आता भी है तो गेट खोलकर प्रवेश देने की व्यवस्था है। लेकिन शनिवार देर रात हुए सड़क हादसे में गेट का बंद होना भी एक वजह बन गया। दरअसल पत्थर कारोबारी वैभव और उनके मित्र परिवार सहित सवार पार्टी से वापस आए तो कॉलोनी का दरवाजा बंद मिला था। इसी के बाद वे चक्कर लगाने के लिए हाईवे पर चले गए थे। नतीजतन सामने से आ रहे ट्रक को बचाने के चक्कर में कार पेड़ से टकरा गई और दो मासूम समेत तीन लोगों की जान चली गई। एक महिला अभी भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
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टक्कर लगने के बाद कार में लगा एयरबैग खुलते ही आगे बैठे गौरव कोहली और वैभव को तो अधिक चोट नहीं आई। मगर पीछे सवार महिलाओं और बच्चों की जान पर बन आई। उनकी मौत के बाद व्यापारियों ने शोक जताया। हर कोई दो परिवारों के हादसे से बिखरने को लेकर गमगीन दिखा। अशोक कॉलोनी में भी आम दिनों की बजाय चहलकदमी कम रही। अधिकांश दुकानें भी बंद रखी गई। ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा रहा। वहीं दिल्ली में भर्ती मोना कोहली की सलामती की दुआएं की जाती रही। रविवार को मोना कोहली का जन्मदिन भी था। इसे बेहतर तरीके से मनाने की भी तैयारी की गई थी। मगर हादसे ने इन खुशियों को ही ग्रहण लगा दिया। उधर, व्यापारी वैभव की पत्नी और बेटी की हादसे में जान चली गई। हंसी खुशी घर से निकले लोगों का घर पर सभी इंतजार कर रहे थे, मगर देर रात जब हादसे की खबर पहुंची तो कोहराम मचा रहा।

मृतक प्रिया अग्रवाल का फाइल फोटो- फोटो : PILIBHIT

मृतक ईशनी का फाइल फोटो- फोटो : PILIBHIT

सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त हुई कार।- फोटो : PILIBHIT
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