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Pilibhit News: दो डीडीओ कोड के जरिये अंजाम दिया करोड़ों रुपये का घोटाला

Thu, 19 Mar 2026 12:05 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Thu, 19 Mar 2026 12:05 AM IST
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A scam worth crores of rupees was carried out through two DDO codes.
पीलीभीत। माध्यमिक शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये का घोटाला विभाग के दो डीडीओ कोड के जरिये अंजाम दिया गया। हैरानी की बात यह है कि यह खेल वर्ष 2018 से लगातार चलता रहा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों फिर भी अनजान बने रहे। अब तक मामले में चपरासी, उसकी पत्नी व एक बाबू ही कार्रवाई ही जद में आए। शासन स्तर से जांच शुरू होने के बाद अन्य पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। डीआईओएस कार्यालय में चपरासी से बाबू बनकर घोटाला करने वाले इल्हाम शम्सी ने वर्ष 2018 से विभाग की कई मदों की करोड़ों की धनराशि को आसानी से ठिकाने लगाया। पिछले माह मामले का खुलासा होने के बाद जब जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि इल्हाम ने विभाग के दो डीडीओ कोड 4504 और 4506 का जमकर लाभ उठाया।
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कोड 4504 की जिम्मेदारी वित्त एवं लेखाधिकारी के पास होती है। इसके अंतर्गत जनपद के राजकीय विद्यालयों के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के वेतन, एरियर आदि का भुगतान किया जाता है। इस कोड में बजट के रखरखाव, परीक्षण और व्यय की पूरी जिम्मेदारी वित्त एवं लेखाधिकारी की होती है।
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वहीं, कोड 4506 डीआईओएस के अधीन होता है, लेकिन इसके बजट के रखरखाव और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी भी वित्त एवं लेखाधिकारी पर ही रहती है। ऐसे में दोनों कोड के माध्यम से हुए घोटाले ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह बात सामने आई कि वर्ष 2018 से जून 2025 तक इन कोड के जरिये धड़ल्ले से करोड़ों रुपये ठिकाने लगाए गए।
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इस दौरान रेनू बौद्ध, सुधीर कुमार अग्रवाल, सुरेश कुमार यादव और वर्तमान में इंद्रेश कुमार वित्त एवं लेखाधिकारी पद पर तैनात रहे। वहीं लेखाधिकारी के पास ही मुख्य कोषाधिकारी की जिम्मेदारी भी रही, लेकिन घोटाले पर सब चुप्पी साधे रहे। अब खुलासे के बाद इनकी निगरानी और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी साफ है कि घोटाले में डीआईओएस से लेकर बाबू की मंजूरी के बाद अंतिम बजट की प्रक्रिया कोषागार की मंजूरी के बाद ही पूरी होती है। लापरवाही जगजाहिर होने के बाद अबतक कार्रवाई के दायरे में सिर्फ चपरासी इल्हाम शम्सी, उसकी पत्नी अर्शी और वेतन पटल के बाबू विमल कुमार आए हैं।
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