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Pilibhit News: कमजोर बच्चों की बनेगी सूची, लगेंगी विशेष कक्षाएं
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पीलीभीत। परिषदीय विद्यालयों में प्रथम सत्र की परीक्षाएं संपन्न होने के बाद अब परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षक विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने में जुटे हैं। परीक्षा परिणाम तैयार होने के बाद विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक आयोजित कर अभिभावकों को बच्चों की प्रगति से अवगत कराएगा।
जिले के 1495 परिषदीय स्कूल हैं। पिछले दिनों सत्र परीक्षाएं संपन्न हुईं। अब अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनकी अलग सूची तैयार की जाए। ऐसे बच्चों की विषयवार कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए विद्यालयों में विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी। शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार अतिरिक्त अभ्यास कराने और जिन विषयों में विद्यार्थी पीछे हैं, उन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए रोशनी सिंह का कहना है कि परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति का आकलन कर समय रहते उनकी कमजोरियों को दूर कराने पर जोर दिया जा रहा है। विशेष कक्षाओं में कमजोर विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की दोबारा समझ, अभ्यास और जरूरी शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। परिणाम तैयार होने के बाद विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में अभिभावकों को बच्चों की उपलब्धियों और कमियों की जानकारी दी जाएगी। इससे अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई की स्थिति से परिचित होकर उनकी शैक्षिक प्रगति में सहयोग कर सकेंगे। संवाद
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जिले के 1495 परिषदीय स्कूल हैं। पिछले दिनों सत्र परीक्षाएं संपन्न हुईं। अब अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनकी अलग सूची तैयार की जाए। ऐसे बच्चों की विषयवार कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए विद्यालयों में विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी। शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार अतिरिक्त अभ्यास कराने और जिन विषयों में विद्यार्थी पीछे हैं, उन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
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बीएसए रोशनी सिंह का कहना है कि परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति का आकलन कर समय रहते उनकी कमजोरियों को दूर कराने पर जोर दिया जा रहा है। विशेष कक्षाओं में कमजोर विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की दोबारा समझ, अभ्यास और जरूरी शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। परिणाम तैयार होने के बाद विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में अभिभावकों को बच्चों की उपलब्धियों और कमियों की जानकारी दी जाएगी। इससे अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई की स्थिति से परिचित होकर उनकी शैक्षिक प्रगति में सहयोग कर सकेंगे। संवाद
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