Pilibhit: अनुसूचित जाति के परिवार ने जानें क्यों दी पलायन की दी चेतावनी?, गांव के ही चार लोगों पर लगाए आरोप
रसायाखानपुर निवासी रामदीन का आरोप है कि 10 अप्रैल को गांव के ही चार लोगों ने उनका बछड़ा चुराकर काट लिया था। पुलिस ने 55 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने अभी तक इनको गिरफ्तार नहीं किया है। आरोप है कि आरोपी रिपोर्ट वापस करने का दबाव बना रहे हैं।
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पीलीभीत के बीसलपुर में एक परिवार ने बछड़ा चुराकर काटने वालों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है। रसायाखानपुर निवासी अनुसूचित जाति के मुखिया रामदीन ने सपरिवार पलायन करने की चेतावनी दी है।
रसायाखानपुर निवासी रामदीन ने बताया कि 10 अप्रैल को गांव के ही चार लोगों ने उनका बछड़ा चुराकर काट लिया था। पुलिस ने 55 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज की थी, जिसमें रईस खां, मुन्ने खां, जिलेदार खां और आबिद हुसैन को नामजद किया गया था। पुलिस ने अभी तक इनको गिरफ्तार नहीं किया है। आरोप है कि आरोपी रिपोर्ट वापस करने का दबाव बना रहे हैं। रिपोर्ट वापस न करने पर परिवार के सभी लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
इसी वजह से उसने सपरिवार गांव से पलायन करने का निर्णय लिया है। रामदीन ने अपने निर्णय को अपने घर की दीवार पर पेंट से भी लिखवा दिया है। यह भी कहा गया है कि यदि इस बीच उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है या उनके मकान व संपत्ति को कोई क्षति होती है, तो उसकी जिम्मेदारी आरोपियोंं और कोतवाली पुलिस की होगी। रामदीन ने अपना यह निर्णय एसपी, बरेली के आईजी और प्रदेश के डीजीपी को ट्वीट भी कर दिया है।
मैंने दो बार गांव में जाकर जांच की। अब तक ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया, जिससे यह साबित होता कि बछड़ा काटा गया है। इस मामले में साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी। पुलिस की विवेचना चल रही है। -प्रशांत सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी