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शारदा में समा गई पांच घरों की भूमि और सड़क
Pilibhit
Updated Mon, 05 Aug 2013 05:36 AM IST
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माधोटांडा (पीलीभीत)। शारदा नदी ने भूमि कटान तेज कर दिया है। इससे नौजल्हा नंबर दो की आबादी के पांच घरों की भूमि और गांव का मुख्य मार्ग नदी में समा गया है। शारदा के कटान से हड़कंप मचा है। लोग अपना सबकुछ समेटकर पलायन कर रहे हैं।
दो दिन पहले से शुरू हुआ भू कटान तेज हो गया है। नदी तेजी से कटान करती हुई नौजल्हा नंबर दो की आबादी की ओर बढ़ रही है। कटान के भय से गांव के वीरेंद्र मंडल, विंद्रा ढाली, अविनाश, सुशांत ने अपने झाले हटा लिए थे। रात नदी ने उनके घरों की भूमि निगल ली। इसके अलावा गांव के मुख्य सीसी मार्ग का करीब 35 मीटर का हिस्सा नदी मेें समा गया। तेजी से हो रहे भूकटान से गांव के लोगों में हड़कंप मचा है। कटान रोकने को गांव के लोग वृक्षों को काटकर नदी में डाल रहे हैं। बाढ़ खंड के ठेकेदार ऐसे स्थान पर मिट्टी के बोरे डलवा रहे हैं, जहां कटान धीमी गति से हो रहा है। गांव के शिवकुमार ने बताया मनरेगा से ठोकरें बनाई गईं थीं। इससे कुछ भू कटान रुका हुआ था। उक्त ठोकरों के नदी में समाने से गांव की आबादी को खतरा बढ़ गया है। उधर, नदी का कटान नहीं थमा तो बाढ़ खंड द्वारा पिछले सालों में बनाई गई करोड़ों रुपये की लागत की ठोकरों के पीछे से नदी कटान कर सकती है। इससे आबादी का बचना मुश्किल होगा। उधर, बंगाली समाज की महिलाओं ने कहर से बचाने को मां शारदा की पूजा-अर्चना शुरू कर दी है।
बाढ़-कटान मुआवजे को लेकर किया प्रदर्शन
भाजपा दलित प्रकोष्ठ का सातवें दिन आंदोलन जारी
हजारा। भाजपा दलित प्रकोष्ठ का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। आजादनगर में बाढ़-कटान पीड़ितों को मुआवजा और बेघर परिवारों को पुनर्वास न किए जाने पर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया गया। ट्रांस क्षेत्र में पिछले कई दिनों से भाजपा दलित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जवाहर लाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित गांवों में रोजाना पहुंच कर बाढ़ से नुकसान की सूची बनाते हुए दूसरे गांव को बढ़ रहे हैं। रविवार को आजादनगर में कबीरगंज, नहरोसा, चंदनगर, रामनगर समेत कई गांवों के बाढ़ पीड़ितएकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर राजेश मिश्रा, राजकुमार गुप्ता, रामवचन मौर्या, रमेश वर्मा, श्रवण सिंह, सकटूराम, अमरनाथ, प्रेमदास, रामप्रवेश, शारदा नंद शर्मा, मुकेश पंाडेय, प्रदीप शाह, गोमती प्रसाद आदि शामिल थे।
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दो दिन पहले से शुरू हुआ भू कटान तेज हो गया है। नदी तेजी से कटान करती हुई नौजल्हा नंबर दो की आबादी की ओर बढ़ रही है। कटान के भय से गांव के वीरेंद्र मंडल, विंद्रा ढाली, अविनाश, सुशांत ने अपने झाले हटा लिए थे। रात नदी ने उनके घरों की भूमि निगल ली। इसके अलावा गांव के मुख्य सीसी मार्ग का करीब 35 मीटर का हिस्सा नदी मेें समा गया। तेजी से हो रहे भूकटान से गांव के लोगों में हड़कंप मचा है। कटान रोकने को गांव के लोग वृक्षों को काटकर नदी में डाल रहे हैं। बाढ़ खंड के ठेकेदार ऐसे स्थान पर मिट्टी के बोरे डलवा रहे हैं, जहां कटान धीमी गति से हो रहा है। गांव के शिवकुमार ने बताया मनरेगा से ठोकरें बनाई गईं थीं। इससे कुछ भू कटान रुका हुआ था। उक्त ठोकरों के नदी में समाने से गांव की आबादी को खतरा बढ़ गया है। उधर, नदी का कटान नहीं थमा तो बाढ़ खंड द्वारा पिछले सालों में बनाई गई करोड़ों रुपये की लागत की ठोकरों के पीछे से नदी कटान कर सकती है। इससे आबादी का बचना मुश्किल होगा। उधर, बंगाली समाज की महिलाओं ने कहर से बचाने को मां शारदा की पूजा-अर्चना शुरू कर दी है।
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बाढ़-कटान मुआवजे को लेकर किया प्रदर्शन
भाजपा दलित प्रकोष्ठ का सातवें दिन आंदोलन जारी
हजारा। भाजपा दलित प्रकोष्ठ का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। आजादनगर में बाढ़-कटान पीड़ितों को मुआवजा और बेघर परिवारों को पुनर्वास न किए जाने पर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया गया। ट्रांस क्षेत्र में पिछले कई दिनों से भाजपा दलित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जवाहर लाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित गांवों में रोजाना पहुंच कर बाढ़ से नुकसान की सूची बनाते हुए दूसरे गांव को बढ़ रहे हैं। रविवार को आजादनगर में कबीरगंज, नहरोसा, चंदनगर, रामनगर समेत कई गांवों के बाढ़ पीड़ितएकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर राजेश मिश्रा, राजकुमार गुप्ता, रामवचन मौर्या, रमेश वर्मा, श्रवण सिंह, सकटूराम, अमरनाथ, प्रेमदास, रामप्रवेश, शारदा नंद शर्मा, मुकेश पंाडेय, प्रदीप शाह, गोमती प्रसाद आदि शामिल थे।
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