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डीडीओ को नोटि से हड़कंप
Pilibhit
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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सात साल से प्रशासन ने नहीं भेजा ई-टीडीएस रिटर्न का ब्योरा
मातहतों को कार्रवाई पूरी करने को जुटाया
सिटी रिपोर्टर
पीलीभीत। 135 कर्मचारियों का ई-टीडीएस रिटर्न जिला मजिस्ट्रेट (डीडीओ) ने सात साल से आयकर महकमे को नहीं भेजा। नियमानुसार साल में चार बार इसकी सूचना जाती है। ई-टीडीएस रिर्टन दाखिल न करने पर दो सौ रुपये प्रतिदिन जुर्माना का प्रावधान है। बरेली के आईटीओ (टीडीएस) ने इस बाबत डीएम को कारण बताओ नोटिस भेजा है।
135 कर्मचारियों के टीडीएस को उनके वेतन से सन 2005 से लगातार काटा गया। ई-टीडीएस रिर्टन के जरिये इसकी सूचना आईटीओ (टीडीएस) बरेली को साल में चार बार दी जानी चाहिए। इसके लिए 15 जुलाई, 15 अक्तूबर, 15 जनवरी और 30 जून की तारीखें तय हैं। 2005-06 से लेकर अब तक कर्मचारियों का टीडीएस काटे जाने की सूचना ई-टीडीएस रिर्टन के जरिये आयकर विभाग को नहीं भेजी गई। जिला मजिस्ट्रेट डीडीओ की हैसियत से टीडीएस काटते हैं। ई-टीडीएस के जरिये डीएम को इसकी सूचना फार्म 24 क्यू, 26 क्यू और 27 ईक्यू पर भेजनी चाहिए। पहली अप्रैल 2005 से ई-रिर्टन दाखिल होना आवश्यक है। नियत तिथि पर रिर्टन दाखिल न होने पर 200 रुपये प्रतिदिन जुर्माना और आयकर अधिनियम की धारा 234 ई के अनुसार 10 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक हर्जाना लग सकता है। ई-रिर्टन दाखिल न होने पर धारा 272 ए (2) (के)/234 ई के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करने का प्रावधान है। उसी के तहत डीएम को यह नोटिस जारी किया गया है। उनसे टीडीएस दाखिल न करने का कारण पूछा गया है। जुर्माना लगाने की भी बात कही गई है। इस नोटिस के मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। मातहतों को कार्रवाई पूरी करने में जुटा दिया गया है।
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कोषाधिकारी से मांगी डिटेल
कारण बताओ नोटिस की प्रति कोषाधिकारी को भेजकर सभी 135 कर्मचारियों के वर्ष वार काटी गई धनराशि की डिटेल तलब की गई है। ताकि इस मामले में अगली कार्रवाई हो सके।
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मातहतों को कार्रवाई पूरी करने को जुटाया
सिटी रिपोर्टर
पीलीभीत। 135 कर्मचारियों का ई-टीडीएस रिटर्न जिला मजिस्ट्रेट (डीडीओ) ने सात साल से आयकर महकमे को नहीं भेजा। नियमानुसार साल में चार बार इसकी सूचना जाती है। ई-टीडीएस रिर्टन दाखिल न करने पर दो सौ रुपये प्रतिदिन जुर्माना का प्रावधान है। बरेली के आईटीओ (टीडीएस) ने इस बाबत डीएम को कारण बताओ नोटिस भेजा है।
135 कर्मचारियों के टीडीएस को उनके वेतन से सन 2005 से लगातार काटा गया। ई-टीडीएस रिर्टन के जरिये इसकी सूचना आईटीओ (टीडीएस) बरेली को साल में चार बार दी जानी चाहिए। इसके लिए 15 जुलाई, 15 अक्तूबर, 15 जनवरी और 30 जून की तारीखें तय हैं। 2005-06 से लेकर अब तक कर्मचारियों का टीडीएस काटे जाने की सूचना ई-टीडीएस रिर्टन के जरिये आयकर विभाग को नहीं भेजी गई। जिला मजिस्ट्रेट डीडीओ की हैसियत से टीडीएस काटते हैं। ई-टीडीएस के जरिये डीएम को इसकी सूचना फार्म 24 क्यू, 26 क्यू और 27 ईक्यू पर भेजनी चाहिए। पहली अप्रैल 2005 से ई-रिर्टन दाखिल होना आवश्यक है। नियत तिथि पर रिर्टन दाखिल न होने पर 200 रुपये प्रतिदिन जुर्माना और आयकर अधिनियम की धारा 234 ई के अनुसार 10 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक हर्जाना लग सकता है। ई-रिर्टन दाखिल न होने पर धारा 272 ए (2) (के)/234 ई के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करने का प्रावधान है। उसी के तहत डीएम को यह नोटिस जारी किया गया है। उनसे टीडीएस दाखिल न करने का कारण पूछा गया है। जुर्माना लगाने की भी बात कही गई है। इस नोटिस के मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। मातहतों को कार्रवाई पूरी करने में जुटा दिया गया है।
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कोषाधिकारी से मांगी डिटेल
कारण बताओ नोटिस की प्रति कोषाधिकारी को भेजकर सभी 135 कर्मचारियों के वर्ष वार काटी गई धनराशि की डिटेल तलब की गई है। ताकि इस मामले में अगली कार्रवाई हो सके।
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