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बच्चों की मौत पर रोया बिठौरा गांव
Pilibhit
Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
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पीलीभीत/गजरौला। हमेशा बच्चों के शोरशराबे की आवाज से गुलजार रहने वाले बिठौरा गांव के घरों में आज मातमी सन्नाटा छा गया। सबसे बुरा हाल गांव के वीरेंद्रपाल का है। उनकी दोनों बेटियां इस हादसे में मारी गई हैं। गांव में छाया मातमी सन्नाटा परिजनों की चीखपुकार से टूटता रहता है। गांव वालों को एक बार तो विश्वास नहीं हो रहा है कि जो बच्चे कल तक हंसते खेलते थे वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। घटना से परिवार ही नहीं गांव वालों के भी घरों के चूल्हे बुझ गए।
हाफिजगंज (बरेली) के नरई गांव में गुरुवार को होने वाले दिव्यानंद स्वामी के सत्संग में जाने की तैयारियां गांव में दो दिन से हो रहीं थी। माता-पिता के साथ बच्चे भी सत्संग में जाने को काफी उत्साहित थे। गुरुवार को सत्संग में जाते समय बच्चे खुशी से झूम रहे थे, लेकिन शायद इन बच्चों और उनके माता-पिता को यह मालूम नहीं था कि जिस ट्रैक्टर ट्रॉली से वह जा रहे हैं वह उनके लिए काल बन जाएगी। करीब 50 श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली सुबह साढ़े दस बजे जैसे ही जिले की सीमा पार कर नवाबगंज क्षेत्र में पहुंची ट्रैक्टर का अगला पहिया तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में गांव बिठौरा निवासी वीरेंद्र कुमार की दो पुत्रियां 13 वर्षीय सुधा देवी, 11 वर्षीय संध्या, रामदुलारे की इकलौती पुत्री 19 वर्षीय रश्मि भारती और नरेश का दस वर्षीय पुत्र कृष्ण कुमार की मौत हो गई। वीरेंद्र कुमार के घर में अब एक भी बच्चा नहीं बचा। नरेश कुमार के दो पुत्रियां और दो पुत्र हैं। पुत्रों में मृतक कृष्ण कुमार बड़ा था। गांव के तीन परिवारों से चार बच्चों की हुई मौत से पूरा गांव स्तब्ध है।
बाक्स
चार घायल जिला अस्पताल में भर्ती
नवाबगंज (बरेली) क्षेत्र में पलटी ट्रॉली की चपेट में आकर घायल हुए कई लोगों को बरेली और भोजीपुरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 40 वर्षीय कल्यानराम, उसकी पत्नी 34 वर्षीय रामबेटी, 40 वर्षीय रामस्वरूप, आठ वर्षीय प्रदीप पुत्र रामकुमार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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हाफिजगंज (बरेली) के नरई गांव में गुरुवार को होने वाले दिव्यानंद स्वामी के सत्संग में जाने की तैयारियां गांव में दो दिन से हो रहीं थी। माता-पिता के साथ बच्चे भी सत्संग में जाने को काफी उत्साहित थे। गुरुवार को सत्संग में जाते समय बच्चे खुशी से झूम रहे थे, लेकिन शायद इन बच्चों और उनके माता-पिता को यह मालूम नहीं था कि जिस ट्रैक्टर ट्रॉली से वह जा रहे हैं वह उनके लिए काल बन जाएगी। करीब 50 श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली सुबह साढ़े दस बजे जैसे ही जिले की सीमा पार कर नवाबगंज क्षेत्र में पहुंची ट्रैक्टर का अगला पहिया तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में गांव बिठौरा निवासी वीरेंद्र कुमार की दो पुत्रियां 13 वर्षीय सुधा देवी, 11 वर्षीय संध्या, रामदुलारे की इकलौती पुत्री 19 वर्षीय रश्मि भारती और नरेश का दस वर्षीय पुत्र कृष्ण कुमार की मौत हो गई। वीरेंद्र कुमार के घर में अब एक भी बच्चा नहीं बचा। नरेश कुमार के दो पुत्रियां और दो पुत्र हैं। पुत्रों में मृतक कृष्ण कुमार बड़ा था। गांव के तीन परिवारों से चार बच्चों की हुई मौत से पूरा गांव स्तब्ध है।
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चार घायल जिला अस्पताल में भर्ती
नवाबगंज (बरेली) क्षेत्र में पलटी ट्रॉली की चपेट में आकर घायल हुए कई लोगों को बरेली और भोजीपुरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 40 वर्षीय कल्यानराम, उसकी पत्नी 34 वर्षीय रामबेटी, 40 वर्षीय रामस्वरूप, आठ वर्षीय प्रदीप पुत्र रामकुमार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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