{"_id":"122-106218","slug":"Pilibhit-106218-122","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुपोषण दूर करने को डीएम सीडीओ ने गोद लिए गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुपोषण दूर करने को डीएम सीडीओ ने गोद लिए गांव
Pilibhit
Updated Sat, 15 Nov 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। बच्चो को कुपोषण से बचाकर उन्हें स्वस्थ बनाने के लिए शासन ने विशेष अभियान शुरु किया है। इसके तहत जिले के चार ब्लॉकों में एक-एक अति कुपोषित गांव चिंहित किया है। जिसे डीएम और सीडीओ ने गोद लिया है। इन गांवों से सीधे जुड़कर दोनों अधिकारी बाल विकास योजनाओं की निगरानी करेंगे।
शासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों की विभिन्न बिंदुओं पर मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर जिले के सात ब्लॉकों में से चार ब्लॉकों का एक-एक गांव चिंहित किया है। इन गांव को अति कुपोषित मानते हुए शासन ने डीएम और सीडीओ को दो-दो गांव गोद लेने के निर्देश दिए हैं। शासन से निर्देश मिलने पर डीएम और सीडीओ ने इन गांवों की रिपोर्ट बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से तलब की है। डीडीओ एके सिंह चंद्रौल ने बताया जिले के चार गांव क्रमश: ललौरीखेड़ा ब्लॉक का रायपुर, मरौरी का बिलगवां, बरखेड़ा का बहादुरपुर और पूरनपुर का उदयकरनपुर चिंहित किए गए हैं। इन चारों गांव के आंगनबाड़ी केंद्र एवं उन पर पंजीकृत बच्चों की संख्या, कार्यकत्री, सहायिका और सुपरवाइजर के नाम आदि की सूची तैयार की जा रही है। इसे लेकर 17 को लखनऊ के निकट बख्शी का तालाब में अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
विज्ञापन
शासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों की विभिन्न बिंदुओं पर मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर जिले के सात ब्लॉकों में से चार ब्लॉकों का एक-एक गांव चिंहित किया है। इन गांव को अति कुपोषित मानते हुए शासन ने डीएम और सीडीओ को दो-दो गांव गोद लेने के निर्देश दिए हैं। शासन से निर्देश मिलने पर डीएम और सीडीओ ने इन गांवों की रिपोर्ट बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से तलब की है। डीडीओ एके सिंह चंद्रौल ने बताया जिले के चार गांव क्रमश: ललौरीखेड़ा ब्लॉक का रायपुर, मरौरी का बिलगवां, बरखेड़ा का बहादुरपुर और पूरनपुर का उदयकरनपुर चिंहित किए गए हैं। इन चारों गांव के आंगनबाड़ी केंद्र एवं उन पर पंजीकृत बच्चों की संख्या, कार्यकत्री, सहायिका और सुपरवाइजर के नाम आदि की सूची तैयार की जा रही है। इसे लेकर 17 को लखनऊ के निकट बख्शी का तालाब में अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
विज्ञापन