{"_id":"5b5a14964f1c1b6f668b5985","slug":"91532630166-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघिन ने लगाई दहाड़, खेत से भागे मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघिन ने लगाई दहाड़, खेत से भागे मजदूर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:36 AM IST
विज्ञापन
टाइगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व ब्लॉक प्रमुख के गन्ने के खेत में काम करने पहुंचे मजदूरों को देख पहले से खेत में शावकों संग छिपी बाघिन ने दहाड़ लगा दी। बाघिन की दहाड़ सुनकर मजदूरों के पसीने छूट गए और भगदड़ मच गई। तीन मजदूर फार्म हाउस की तरफ चीखते चिल्लाते भाग गए, तो वहीं एक मजदूर ने गन्ने के ही खेत में दूसरे कोने पर छिपकर खुद को बचाया। इसकी सूचना मिलने पर टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे। पगमार्क ट्रेस करने के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों से जानकारी जुटा अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, बाघिन खेत में ही शावकों के साथ छिपी रही।
अमरिया तहसील क्षेत्र के गजरौला फार्म निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रवण दत्त सिंह के गन्ने के खेत में घास छटाई का काम होना था। इसके लिए बृहस्पतिवार सुबह जोशी कॉलोनी निवासी मजदूर दुली, जगदीश, सावेश और नन्हे काम पर गए थे। गन्ने के खेत में चारों लोग अलग-अलग दिशाओं से भीतर घुसे। इस बीच गन्ने के खेत में पहले से शावकों संग बैठी बाघिन ने दहाड़ लगा दी। जिसके बाद मजदूरों के पसीने छूट गए। जगदीश, नन्हे और सावेश चीखते चिल्लाते फार्म हाउस की तरफ भाग गए। इधर, दुली ने गन्ने के खेत के एक कोने में छिपकर खुद को बचाया। मजदूरों से सूचना मिलने के बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। गांव के काफी लोग भी खेत पर पहुंच गए। जिसके बाद गन्ने के खेत में छिपा मजदूर दुली भी बाहर आ गया। कुछ ही देर मेें निगरानी टीम के देवेंद्र पाल सिंह, सोमपाल और चेतन कुमार पहुंच गए। इसके बाद टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एच राजामोहन, डीएफओ सामाजिक वानिकी संजीव कुमार भी आ गए। मजदूरों और ग्रामीणों से इसकी जानकारी जुटाई और जल्द समाधान का भरोसा भी दिलाया। टीम ने बाघिन के पगमार्क ट्रेस करने के बाद सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीणों को अलर्ट किया है। टीम के अनुसार खेत कई एकड़ में फैला हुआ है, इसलिए वह बाघ-बाघिन के छिपने का अच्छा ठिकाना है। बाघिन शावकों के साथ है, इसलिए पकड़ने की कवायद पर वह आक्रामक हो सकती है।
साथी मजदूर समझे दुली को ले गई बाघिन
बाघिन के दहाड़ने के बाद तीन मजदूर तो खेत से बाहर आ गए, लेकिन दुली कहीं पर भी दिखाई नहीं दिया। इस पर साथी मजदूर समझे कि दुली को बाघिन खींचकर ले गई। यही सूचना उन्होंने फार्म हाउस के मालिक को भी दी थी। यही वजह रही कि घटना को लेकर बाघिन के मजदूर पर हमले की बात आग की तरह क्षेत्र में फैलती चली गई।
विज्ञापन
आए दिन फार्म हाउस पर दिखती है बाघिन
जंगल से दूर अमरिया के खेतों में शावकों संग घूम रही बाघिन और बाघ का विचरण कोई नहीं बात नहंी है। कई सालों से ये समस्या क्षेत्रीय ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है। लोगों का खेतों पर जाना मुश्किल हो गया है। गजरौला फार्म पर ही आए दिन बाघिन अपनी मौजूदगी का अहसास कराती रहती है। इसको लेकर वन विभाग की ओर से रेस्क्यू अभियान चलाने की बात भी दो माह पूर्व कही गई, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका। इसके पीछे शासन से अनुमति न मिलने की बात कही जा रही है। फिलहाल ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिलती नहीं दिखाई दे रही है।
सूचना मिलने पर गजरौला फार्म जाकर जानकारी की गई है। वन्यजीवों के विचरण को लेकर भी स्थिति को जाना है। क्षेत्रीय लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके समाधान के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। - एच राजामोहन, एफडी, टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
अमरिया तहसील क्षेत्र के गजरौला फार्म निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रवण दत्त सिंह के गन्ने के खेत में घास छटाई का काम होना था। इसके लिए बृहस्पतिवार सुबह जोशी कॉलोनी निवासी मजदूर दुली, जगदीश, सावेश और नन्हे काम पर गए थे। गन्ने के खेत में चारों लोग अलग-अलग दिशाओं से भीतर घुसे। इस बीच गन्ने के खेत में पहले से शावकों संग बैठी बाघिन ने दहाड़ लगा दी। जिसके बाद मजदूरों के पसीने छूट गए। जगदीश, नन्हे और सावेश चीखते चिल्लाते फार्म हाउस की तरफ भाग गए। इधर, दुली ने गन्ने के खेत के एक कोने में छिपकर खुद को बचाया। मजदूरों से सूचना मिलने के बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। गांव के काफी लोग भी खेत पर पहुंच गए। जिसके बाद गन्ने के खेत में छिपा मजदूर दुली भी बाहर आ गया। कुछ ही देर मेें निगरानी टीम के देवेंद्र पाल सिंह, सोमपाल और चेतन कुमार पहुंच गए। इसके बाद टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एच राजामोहन, डीएफओ सामाजिक वानिकी संजीव कुमार भी आ गए। मजदूरों और ग्रामीणों से इसकी जानकारी जुटाई और जल्द समाधान का भरोसा भी दिलाया। टीम ने बाघिन के पगमार्क ट्रेस करने के बाद सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीणों को अलर्ट किया है। टीम के अनुसार खेत कई एकड़ में फैला हुआ है, इसलिए वह बाघ-बाघिन के छिपने का अच्छा ठिकाना है। बाघिन शावकों के साथ है, इसलिए पकड़ने की कवायद पर वह आक्रामक हो सकती है।
विज्ञापन
साथी मजदूर समझे दुली को ले गई बाघिन
बाघिन के दहाड़ने के बाद तीन मजदूर तो खेत से बाहर आ गए, लेकिन दुली कहीं पर भी दिखाई नहीं दिया। इस पर साथी मजदूर समझे कि दुली को बाघिन खींचकर ले गई। यही सूचना उन्होंने फार्म हाउस के मालिक को भी दी थी। यही वजह रही कि घटना को लेकर बाघिन के मजदूर पर हमले की बात आग की तरह क्षेत्र में फैलती चली गई।
विज्ञापन
आए दिन फार्म हाउस पर दिखती है बाघिन
जंगल से दूर अमरिया के खेतों में शावकों संग घूम रही बाघिन और बाघ का विचरण कोई नहीं बात नहंी है। कई सालों से ये समस्या क्षेत्रीय ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है। लोगों का खेतों पर जाना मुश्किल हो गया है। गजरौला फार्म पर ही आए दिन बाघिन अपनी मौजूदगी का अहसास कराती रहती है। इसको लेकर वन विभाग की ओर से रेस्क्यू अभियान चलाने की बात भी दो माह पूर्व कही गई, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका। इसके पीछे शासन से अनुमति न मिलने की बात कही जा रही है। फिलहाल ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिलती नहीं दिखाई दे रही है।
सूचना मिलने पर गजरौला फार्म जाकर जानकारी की गई है। वन्यजीवों के विचरण को लेकर भी स्थिति को जाना है। क्षेत्रीय लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके समाधान के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। - एच राजामोहन, एफडी, टाइगर रिजर्व