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चेक बाउंस होने पर दो वर्ष की कैद, डेढ़ लाख का जुर्माना
Updated Sun, 03 Dec 2017 11:15 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पीलीभीत। न्यायिक मजिस्ट्रेट असगर अली ने चेक बाउंस होने के मामले में नगर निवासी मुजीब को दोषी पाकर दो वर्ष कैद व डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना डाला है। जुर्माना वसूल होने पर 1,30,000 रुपये की रकम पीड़ित को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।
बीसलपुर निवासी कमरूद्दीन ने कोर्ट में पेश किए परिवाद पत्र में कहा कि उसने अपना ट्रक नगर के मुहल्ला ग्यासपुर निवासी मुजीब के हाथ दो नवंबर 2012 को 5,90,000 रुपये में बेचा था। मुजीब ने पेशगी बतौर 2,10,000 रुपये दे दिए। बीस जनवरी 2013 को एक-एक लाख रुपये के तीन दिए थे। शेष 80 हजार रुपये की धनराशि का चेक 20 अप्रैल 2013 को अपने हस्ताक्षरों से दिया। मुजीब के खाते में धनराशि न होने से कारण रकम का भुगतान नहीं मिल सका। इस पर उसने अपनी रकम की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा। नोटिस पाने के बाद भी बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया गया। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट बीसलपुर असगर अली के कोर्ट में हुई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद मुजीब को चेक बाउंस होने का दोषी पाते हुए दो वर्ष की सजा व डेढ़ लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माने की धनराशि से ही पीड़ित को क्षतिपूर्ति करने के आदेश दिए हैं।
बीसलपुर निवासी कमरूद्दीन ने कोर्ट में पेश किए परिवाद पत्र में कहा कि उसने अपना ट्रक नगर के मुहल्ला ग्यासपुर निवासी मुजीब के हाथ दो नवंबर 2012 को 5,90,000 रुपये में बेचा था। मुजीब ने पेशगी बतौर 2,10,000 रुपये दे दिए। बीस जनवरी 2013 को एक-एक लाख रुपये के तीन दिए थे। शेष 80 हजार रुपये की धनराशि का चेक 20 अप्रैल 2013 को अपने हस्ताक्षरों से दिया। मुजीब के खाते में धनराशि न होने से कारण रकम का भुगतान नहीं मिल सका। इस पर उसने अपनी रकम की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा। नोटिस पाने के बाद भी बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया गया। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट बीसलपुर असगर अली के कोर्ट में हुई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद मुजीब को चेक बाउंस होने का दोषी पाते हुए दो वर्ष की सजा व डेढ़ लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माने की धनराशि से ही पीड़ित को क्षतिपूर्ति करने के आदेश दिए हैं।
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